सफर होगा आसान:विद्युतीकरण का काम बालोद तक हुआ पूरा, 110 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बिजली से चलेगी ट्रेन

बालाेद10 महीने पहले
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रेलवे की ओर से विद्युतीकरण काम जारी है। बालोद तक पोल व तार लगाने का काम पूरा हो चुका है। तीन माह में दल्लीराजहरा तक काम पूरा कराने का लक्ष्य है। कुसुमकसा से आगे पोल लगाने का काम शुरू हो गया है। इस साल डीजल के बजाय बिजली इंजन से अंतागढ़ से रायपुर तक 110 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की तैयारी है। इसका फायदा ट्रेन में सफर करने वाले बालोद, दुर्ग, रायपुर, कांकेर कुल चार जिले के यात्रियों को मिलेगा। अफसरों के अनुसार विद्युतीकरण कार्य पूरा होते ही डीजल की जगह बिजली इंजन से ट्रेन रायपुर से अंतागढ़ तक दौड़ेगी। डीजल इंजन में 80 से 90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलती आ रही है। अभी कुसुमकसा के आगे कार्य चल रहा है। 1.16 अरब रुपए की लागत से कई काम होना प्रस्तावित है।

मार्च में दल्लीराजहरा तक काम पूरा होने की संभावना
रेल विद्युतीकरण कार्य की मॉनिटरिंग कर रहे जूनियर इंजीनियर जी. कृष्णा ने बताया कि मरोदा से बालोद तक बिजली पोल और तार लगाने का काम पूरा हो चुका है। मार्च के अंत तक दल्लीराजहरा तक काम पूरा होने की संभावना है। राजहरा से भिलाई तक सबसे ज्यादा ट्रैफिक होती है। माइंस की लगातार गाड़ियां चलती है। इसलिए दल्लीराजहरा तक विद्युतीकरण का काम पूरा हो। इस पर फोकस है।

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