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जिले में रेड अलर्ट:भादो की झड़ी से बंद हुई फागुन्दाह पलारी सड़क, ग्राम बोरी के स्कूल और खपरी के घरों में घुसा पानी

बालोद12 दिन पहले
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  • 24 घंटे में 19.2 मिमी बारिश- क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश से केरीजुंगेरा नाला उफान पर, पुल से ढाई फीट ऊपर बह रहा पानी
  • जानिए कहां क्या स्थिति रही: भैंसबोड में बिजली गिरने से सात मवेशियों की मौत

मंगलवार को शहर हो या गांव, हर तरफ पानी ही पानी नजर आया, वजह-सुबह से शाम तक रूक-रूककर बारिश हुई। अधिकतम तापमान 27 डिग्री व न्यूनतम तापमान 22 डिग्री होने व दिनभर बादल छाए रहने के कारण गर्मी व उमस से राहत मिली। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए रेड अलर्ट जारी कर भारी बारिश की चेतावनी दी है।

सुबह 8 से देर शाम तक कितनी मिमी बारिश हुई, इसे बुधवार को काउंट किया जाएगा। सोमवार शाम, रात से मंगलवार सुबह 8 बजे तक जिले में 19.2 मिमी औसत बारिश हुई। इस दौरान डौंडी तहसील में 22 मिमी, गुंडरदेही में 25.6 मिमी, अर्जुन्दा में 15.2 मिमी, लोहारा में 22.5 मिमी, गुरूर में 15 मिमी, बालोद में 14.8 मिमी बारिश हुई। लगातार बारिश होने की वजह से केरीजुंगेरा नाला के ऊपर भी ढाई फीट पानी बह रहा है। जिसके कारण आवाजाही बंद हो गई है। इधर ग्राम भैंसबोड में बिजली गिरने से 7 मवेशियों की मौत हो गई।

फागुन्दाह मार्ग पर आवाजाही बंद होने से यह गांव प्रभावित

फागुन्दाह मार्ग पर आवाजाही बंद है। इस कारण पुरूर, पलारी, आनंदपुर, भर्रीगांव, उसरवारा, फागुन्दाह, पेरपार, बागतराई, दर्रा, दीयाबाती, अकलवारा सहित आसपास गांव के लोग दूसरे मार्ग का सहारा लेकर आना-जाना कर रहे हैं। दुर्ग-भिलाई से भी कई गाड़ियां इसी मार्ग से गुजरती है।

गांव का नाम निपानी लेकिन यहां पानी ही पानी: यहां अच्छी बारिश होने के कारण मुख्य मार्ग, पंचायत, बाजार परिसर से लेकर गलियों में जलभराव की स्थिति बनी रही। पिछले साल की तरह नजारा दिखा। कोमेश्वर ने बताया कि मोखा-निपानी मार्ग में पानी भरने से लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।

नाली जाम, घरों में घुसा पानी

यहां के गलियों व कई घरों में जलभराव की स्थिति रही। इससे परेशानी हुई। लेखन, संजय, सूर्यकांत ने बताया कि निकासी नाली साफ नहीं होने के कारण यह हालात बने। पानी आगे नहीं निकल पाया, घरों में ही घुस गया।

स्कूल नहीं जा सके बच्चे

जिला मुख्यालय से 16 किमी दूर ग्राम बोरी (लाटाबोड़) के शासकीय प्राथमिक शाला परिसर व अन्य स्थानों में भी जलभराव की स्थिति रही। जिसके कारण बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे थे। शिक्षक बच्चों के आने का इंतजार करते रहे।

10 से ज्यादा एनीकट डूबे

फागुन्दाह-पलारी मार्ग पर पानी बह रहा है। आना-जाना बंद है। पूनम साहू ने बताया कि पानी बस्ती में घुसने की कगार पर है। पांडेपारा-हीरापुर, सुंदरा-देवीनवागांव, पैरी सहित 10 से ज्यादा एनीकट के ऊपर पानी बह रहा है।

पिछले साल से इस बार 230.7 मिमी कम बारिश

1. पिछले साल से इस बार 230.7 मिमी कम बारिश हुई है। 14 सितंबर तक इस बार 749.1 मिमी व पिछले साल 979.8 मिमी औसत बारिश हुई थी। 2. सितंबर के 14 दिनों में 213.3 मिमी बारिश हुई है। जो पिछले साल से 167.2 मिमी ज्यादा है। 2020 में सितंबर के 14 दिनों में सिर्फ 46.1 मिमी बारिश हुई थी। 3. सोमवार शाम से मंगलवार सुबह 8 बजे तक प्रदेश के सर्वाधिक बारिश वाले टॉप-10 जिलों में बालोद जिला भी शामिल रहा। सितंबर व भादो में ऐसी स्थिति चाैथी बार बनी। 4. भादो व सितंबर में 24 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी हुआ। इसके पहले 10 जून को 48 घंटे व 27 अगस्त 2020 को 72 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी हुआ था। 5. मंगलवार शाम तक तांदुला डैम का जलस्तर 23.20 फीट, गोंदली डैम का 24 फीट, खरखरा डैम का 18.50 फीट, मटियामोती का 10 फीट तक पहुंच गया था।

सीजन में अब तक बारिश

मौसम विभाग के अनुसार गुंडरदेही में 686 मिमी, बालोद में 763.3, गुरूर में 731.3, डौंडीलोहारा में 828.7, डौंडी में 776.8, अर्जुन्दा में 708.3 मिमी बारिश हुई है।

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