पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

हकीकत:परिवहन शुल्क के चलते किसान गन्ना लाने तैयार नहीं, अब पेराई बंद कराने की नौबत

बालोद3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • शुगर मिल में 31 हजार 145 टन गन्ने से 30 हजार 700 क्विंटल शक्कर उत्पादन, खरीदी सिर्फ आज

जिले के एकमात्र शक्कर कारखाना करकाभाट में रविवार तक गन्ने की खरीदी की जाएगी। जिसकी सूचना किसानों को दी गई है। वहीं एक फरवरी तक पेराई होने का अनुमान है। जिसके बाद यह सिलसिला थम जाएगा। बेरला क्षेत्र के सिर्फ 8 किसानों से ही 2500 टन गन्ने की खरीदी हो पाई है। रविवार को किस क्षेत्र के कितने किसान पहुंचेंगे, इस पर संशय की स्थिति बनी हुई है क्योंकि परिवहन शुल्क के चलते अधिकांश किसान गन्ना लाने तैयार नहीं हो रहे हैं इसलिए पेराई बंद कराने की नौबत आ गई। प्रबंधन भी स्वीकार कर रहा है कि गन्ना ही नहीं रहेगा तो पेराई कैसे हो पाएगी। शासन की ओर से परिवहन राशि नहीं मिलने का असर भी इस सीजन में दिखा क्योंकि अफसर व संचालक बोर्ड के अध्यक्ष उम्मीद ही करते रहे कि दूसरे जिले के गन्ने के भरोसे ज्यादा दिन तक पेराई हो पाएगी। लेकिन वर्तमान स्थिति ऐसी है कि दो-तीन दिन के अंदर पेराई सीजन समाप्त होने वाली है। इसकी विधिवत घोषणा प्रबंधन की ओर से की जाएगी।

गन्ने की आवक के अनुसार पेराई कार्य जारी
21 दिसंबर 2020 से अब तक गन्ने की पेराई जारी है। 25 दिसंबर से शक्कर उत्पादन शुरू हुआ। इस सीजन 31 हजार 145 टन गन्ने की पेराई से 31 हजार 145 क्विंटल शक्कर उत्पादन होने की पुष्टि प्रबंधन ने की है। वहीं रिकवरी रेट 10.20 प्रतिशत है। जो पिछले सप्ताह से 0.7 प्रतिशत ज्यादा है। जिसे अन्य सीजन की तुलना में बेहतर माना जा रहा है। हालांकि गन्ने की कमी के कारण सीजन समाप्त होने के कगार पर है। मोलासिस उत्पादन 1450 टन हुआ है। फिलहाल गन्ने की आवक अनुसार पेराई चल रही है। एक दिन पहले 145 टन गन्ने की पेराई हुई थी। गन्ने की खरीदी रोजाना हो रही है। अंतिम दिन गन्ना लाने के लिए कुछ किसानों को टोकन जारी किया जा चुका है। इसके अलावा जिन किसानों को गन्ना बेचना है, वे कारखाना पहुंचकर अफसरों से संपर्क कर सकते हैं।

परिवहन राशि नहीं मिलने से घाटा होगा
बेरला क्षेत्र के सिर्फ 8 किसानों ने 2500 टन गन्ना बेचा। इससे ज्यादा मात्रा में गन्ना आने का अनुमान अफसरों ने लगाया था लेकिन यह स्थिति नहीं बन पाई। जिसके कारण जल्द ही पेराई बंद होने वाली है। विभागीय अफसर शासन की ओर से परिवहन शुल्क राशि जारी नहीं होने के कारण परेशान हैं। जिले के किसान गन्ना ला रहे हैं लेकिन कम मात्रा में, वहीं बेरला क्षेत्र के किसानों ने गन्ना नहीं लाने की वजह बताई है कि कटाई व यहां तक गन्ना लाने मजदूरों की कमी है। परिवहन राशि नहीं मिलने से घाटा होगा।

कई बार ब्रेकडाउन की स्थिति भी बनी
प्रबंधन का दावा है कि रविवार को गन्ना खरीदी के बाद पेराई एक फरवरी तक चलेगी। बहरहाल यह अनुमान है। गन्ने की कमी के कारण कई बार ब्रेकडाउन की स्थिति भी बन चुकी है।

दो साल की अपेक्षा इस बार रिकवरी रेट अधिक
पिछले दो साल की तुलना में इस बार रिकवरी रेट ज्यादा है। सत्र 2018-19 की तुलना में 2019-20 सत्र में रिकवरी 0.37% बढ़ा पर शक्कर उत्पादन 40% घटा था। दो साल पहले के सत्र में 83 हजार 655 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ था, जबकि पिछले सत्र 53912.5 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ। इस तरह 40 प्रतिशत उत्पादन कम हुआ। हालांकि तब रिकवरी प्रतिशत 0.37 प्रतिशत बढ़ा था। 2018-19 में रिकवरी 9.12 प्रतिशत तो 2019-20 में 9.49 प्रतिशत रहा। इस बार अब तक रिकवरी रेट 10 प्रतिशत से ज्यादा है, जिसे बेहतर माना जा रहा है। लेकिन गन्ने की कमी से पेराई कुछ दिन ही चलेगी।


सीधी बात
राजेंद्र राठिया, एमडी शुगर मिल

सवाल - गन्ने की कमी के कारण पेराई बंद कराने की नौबत आ रही है
-बचे किसानों को गन्ना बेचने आज का समय दिए है, पेराई एक-दो दिन तक होने का अनुमान है, गन्ने की कमी पहले से अब तक बनी हुई है।
सवाल - ​​​​​​​बेरला क्षेत्र के किसानों से गन्ना मंगाकर ज्यादा दिन पेराई का प्लान बना था?
-सिर्फ 8 किसानों ने ही गन्ना बेचा, बाकी कई कारणों से नहीं ला पाए।
सवाल - अब आगे कब तक पेराई होगी, शक्कर उत्पादन होगा?
-गन्ने की उपलब्धता के आधार पर निर्भर करेगा, आज खरीदी के बाद कल या परसों तक पेराई हो सकती है, गन्ना खरीदना बंद हो जाता है लेकिन आगे इंटरनल प्रोसेसिंग चलता रहेगा। हमारी ओर से प्रयास जारी है।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आप किसी विशेष प्रयोजन को हासिल करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीदारी भी संभव है। किसी संबंधी की परेशानी में उसकी सहायता करना आपको खुशी प्रदान करेगा। नेगेटिव- नक...

    और पढ़ें