अब कम्युनिटी स्प्रेड:पहली लहर- जिले में 313 दिन में 10031 मरीज मिले, 114 मौतें, ​​​​​​​दूसरी लहर- 36 दिन में 8592 संक्रमित हुए, 128 ने दम तोड़ा

बालोद6 महीने पहले
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बालोद. जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट के भरोसे 80 मरीजों की सांसें चल रही। - Dainik Bhaskar
बालोद. जिला मुख्यालय के कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट के भरोसे 80 मरीजों की सांसें चल रही।
  • घर ही सबसे सुरक्षित क्योंकि बाहर हालात बेकाबू, हम न सुधरे तो हालात और बिगड़ेंगे

जिले में कोरोना की पहली लहर के 14 मई 2020 से 22 मार्च 2021 तक यानी 313 दिन में 10 हजार 31 लोग संक्रमित हुए थे। इनमें से 114 लोगों की मौत हुई थी। दूसरी लहर में 23 मार्च से 27 अप्रैल तक महज 36 दिन में ही 8 हजार 592 संक्रमित मिल चुके हैं। इनमें से 128 लोगों की मौत हो चुकी है।

बालोद के कोविड अस्पताल में रोजाना 80 मरीजों की सांसें ऑक्सीजन सपोर्ट के भरोसे चल रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में 22 मार्च के बाद दूसरी लहर का दौर शुरू हुआ और स्थिति बिगड़ते चली गई। फरवरी से लेकर 22 मार्च तक रोजाना मिलने वाले कोरोना मरीजों का आंकड़ा 10 के पार नहीं हुआ था। अब हालात ऐस है कि 24 घंटे के अंतराल में ही 400 से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है।

पहला मरीज कोकान का, पहली मौत हथौद की महिला की: 14 मई 2020 को डौंडी ब्लॉक के ग्राम कोकान में महाराष्ट्र से लौटे मजदूर की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने जिले का पहला संक्रमित माना। वहीं 29 अगस्त 2020 को हथौद की कोरोना संक्रमित महिला की रायपुर के अस्पताल में मौत हुई थी।

एक्सपर्ट व्यू: अब वायरस की मारक क्षमता बढ़ गई फेफड़े को संक्रमित कर रहे, इसलिए ज्यादा मौतें हुई

डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि किसी ने सोचा नहीं था कि छोटे से जिले में यह स्थिति रहेगी कि ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर के लिए मारामारी की स्थिति बनेगी, केस इसलिए ज्यादा मिल रहे क्योंकि लॉकडाउन लगने के पहले अधिकांश लोग किसी न किसी कारण से भीड़ में शामिल हो चुके थे या कह सकते है कि संक्रमितों के संपर्क में आ चुके थे, जिसका परिणाम अब सामने आ रहा है। यहां तो लाॅकडाउन लगाने के पहले ही हालात बिगड़ चुके थे। अधिकांश ने जांच कराने में देरी की, अब भी लक्षण के बाद भी कई लोग जांच नहीं करा रहे है। जो करा रहे, उनकी रिपोर्ट देरी से आ रही है, तब तक संबंधित के संपर्क में ज्यादा लोग आ चुके रहते है। दूसरी लहर का वायरस खतरनाक है, अब जल्दी से फेफड़े को संक्रमित कर रहे है, इसलिए मौतें ज्यादा हो रही है।

3 दिन में 87% संक्रमितों की मौत सिर्फ कोरोना से, 13% हाइपरटेंशन व डायबिटीज से जूझ रहे थे

जिले में तीन दिन में 25 संक्रमितों ने दम तोड़ा। इनमें 87% की मौत सिर्फ कोरोना से हुई। जबकि 13% हाईपरटेन्शन, डायबिटीज से भी जूझ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को कोरोना से जूझ रहे 6 संक्रमितों ने दम तोड़ा। इनमें चार को अन्य बीमारियां नहीं थी यानी सिर्फ कोरोना ने जान ली। वहीं 26 अप्रैल को 8 संक्रमितों की मौत हुई। जिसमें 5 ने सिर्फ कोरोना के कारण दम तोड़ा। बाकी हाईपरटेन्शन, डायबिटीज से भी जूझ रहे थे। 25 अप्रैल को 13 की मौत हुई थी। जिसमें 11 को कोरोना के अलावा अन्य बीमारियां नहीं थी।

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