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मंत्री ने ली बैठक:मछुआरों को सहकारी समितियों से मिलेगा लोन

दल्लीराजहरा2 महीने पहले
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  • नवीन मछली पालन नीति में राज्य के मछुआरों को उत्पादकता बोनस दिए जाने की अनुशंसा की

राज्य में नवीन मछली पालन नीति का प्रस्ताव तैयार करने केे लिए गठित मछुआ कल्याण समिति की बैठक कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में हुई। बैठक में नवीन मछली पालन नीति में राज्य के मछुआरों को उत्पादकता बोनस दिए जाने की अनुशंसा की गई। छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष एनआर निषाद व सदस्य कांशीराम निषाद ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्पादकता बोनस राज्य के जलाशयों को पट्टे पर दिए जाने से होने वाली आय का 40 प्रतिशत होगा। जो मत्स्याखेट करने वाले मछुआरों को दिया जाएगा।

नवीन मछली पालन नीति का अंतिम प्रारूप तैयार कर केबिनेट के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में मछली पालन को कृषि का दर्जा दिए जाने की घोषणा की गई है ताकि मछली पालन में जुटे मछुआरों को सहकारी समितियों से ऋण व अन्य सुविधाएं मिल सके।

समितियों में 30 फीसदी सदस्य मछुआ जाति के होंगे
समितियों में 30 फीसदी सदस्य मछुआ जाति के होंगे। ताकि आदिम जाति मछुआ सहकारी समिति मछली पालन व मत्स्य विपणन के कार्य कर सकें। इसे ध्यान में रखते हुए समिति में 30 प्रतिशत सदस्य मछुआ जाति का होना अनिवार्य किया गया है। समिति केे उपाध्यक्ष का पद भी मछुआ जाति के लिए आरक्षित होगा। बैठक में मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि राज्य में मछुआरों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नवीन मछली पालन नीति तैयार की जा रही है। इस नीति का फायदा मछुआ जाति के लोगों और मछुआ सहकारी समिति को मिले इसका भी ध्यान रखा जा रहा है।

जलाशयों को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिया जाएगा
मंत्री चौबे ने कहा कि सहकारी समिति को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर जलाशयों को मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिया जाएगा। समिति ने ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत द्वारा अपने क्षेत्राधिकार के तालाबों अथवा जलाशयों को अब 6 माह के बजाय 3 माह के भीतर आवंटन करने का भी प्रस्ताव किया है। राज्य में मत्स्य बीज प्रमाणीकरण अधिनियम बनाया जाएगा।

जो मत्स्य बीज उत्पादन के लिए निजी क्षेत्रों को प्रोत्साहित करेगा। 50 हेक्टेयर से अधिक जलक्षेत्र के जलाशय दीर्घावधि के लिए पट्टे पर दिया गया है। बैठक में छग मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष एमआर निषाद, सदस्य कांशीराम निषाद, राजेन्द्र कुमार धीवर, समलूराम निषाद, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम गीता, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. एस भारतीदासन, मछली पालन विभाग संचालक वीके शुक्ला, सी नाग उपस्थित थे।

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