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स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों को किया अलर्ट:बच्चों को तेज बुखार, उल्टी-दस्त, सांस में तकलीफ हो तो डॉक्टर को दिखाएं

बालोद9 दिन पहले
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  • नन्हे फाइटर- पहली व दूसरी लहर में जिले के 2134 बच्चे संक्रमित होकर ठीक हो चुके

कोरोना की पहली व दूसरी लहर में जिले के सभी वर्ग के 26 हजार 700 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। जिसमें 2134 बच्चे भी शामिल हैं। जो अब ठीक हो चुके हंै। तीसरी लहर आने की आशंका को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों के लिए अलर्ट जारी किया है। क्योंकि बच्चों के संक्रमित होने की आंशका है। मेडिकल स्टोर्स के दवा के भरोसे न रहें। तेज बुखार, उल्टी-दस्त, सर्दी, खांसी और सांस में तकलीफ को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। ऐसी तकलीफ हो तो डाॅक्टर को दिखाएं।

हल्के लक्षण वाले...

  • बुखार के लिए: पैरासिटामॉल 10-15 एमजी/किलो, हर 4-6 घंटे में।
  • कफ के लिए: बड़े व किशोर बच्चों को गर्म पानी से गरारा कराएं।
  • खानपान: हाईड्रेशन और पोषण के लिए तरल पदार्थों का पर्याप्त सेवन किया जाए।
  • एंटी बायोटिक: एंटी बायोटिक या अन्य कोई दवा बिल्कुल ही नहीं दें, डॉक्टर से पूछें।
  • दिन में 2-3 बार पल्स और ऑक्सीजन लेवल चेक कर अपने डॉक्टर को अपडेट देते रहें।

मध्यम लक्षण वाले...

  • जांच: किसी रोग से ग्रस्त न हो तो टेस्ट की आवश्यकता नहीं।
  • उपचार: कोविड हेल्थ सेंटर या स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में भर्ती हो।
  • तरल वस्तुएं देते रहे ताकि बच्चे का इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बना रहे।
  • अगर बैक्टीरियल इंफेक्शन हो या इसका संदेह तो एमोक्सिलीन दें।
  • 94 % से कम ऑक्सीजन लेवल हो तो कोई लापरवाही न करें, तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें, ऑक्सीजन सपोर्ट में रखें।

गंभीर लक्षण वाले...

  • सांस में तकलीफ : 90 प्रतिशत से कम ऑक्सीजन लेवल हो तो गंभीर स्थिति माने।
  • सीने में तकलीफ, सुस्ती, अधिक नींद की हो तो देरी न ही करें।
  • ऐसा होने पर संबंधित का तत्काल कोविड अस्पताल में भर्ती करें।
  • कॉर्टिकोस्टेराइडस: डेक्सामेथासोन 0.15 एमजी डोज दिन में दो बार।
  • एंटी वायरल एजेंट्स : लक्षण के 3 दिन के भीतर डॉक्टर की सलाह लेकर जरूरी उपाय कर सकते हैं।
  • (खुद डॉक्टर न बनें बल्कि डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं दें।)

बच्चों को संक्रमण से बचाने सावधानी बरतें
तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण से बच्चों को बचाने पालकों को सावधानी बरतनी होगी। बच्चों को घरों में ही सुरक्षित रखें। मास्क, सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंस सहित कोविड गाइडलाइन का पालन करें। सीएमएचओ डॉ. जेपी मेश्राम, सिविल सर्जन डॉ. एसएस देवदास ने बताया कि 100 बेड का जिला कोविड अस्पताल के अलावा 42 बेड का न्यू कोविड सेंटर व अन्य केंद्रों में बच्चों को भर्ती कर देखरेख करने डॉक्टरों व स्टाफ की ड्यूटी लगाई जाएगी।

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