पेयजल संकट दूर करने प्लान तैयार:बालोद में अब सुबह और शाम के अलावा दोपहर में भी मिलेगा फिल्टर युक्त पानी

बालोद9 महीने पहले
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तांदुला डेम का पानी केनाल से होकर संपवेल, फिर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध होकर नलों में आएगा। - Dainik Bhaskar
तांदुला डेम का पानी केनाल से होकर संपवेल, फिर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध होकर नलों में आएगा।
  • सिंचाई विभाग ने सहमति दी, एग्रीमेंट को लेकर आज होगी बैठक, मार्च अंत या फिर अप्रैल के पहले हफ्ते से सप्लाई शुरू करने की तैयारी

शहर के लोगों का फिल्टर युक्त पेयजल मिलने का सपना पूरा होने जा रहा है। तीन जिले की जीवनदायिनी तांदुला डेम से रोजाना 50 लाख लीटर पानी केनाल के माध्यम से संपवेल फिर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध होकर बालोद शहर के नलों में आएगा। 10 लाख लीटर पानी गंजपारा के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और 13 लाख लीटर पानी 5 टंकी में स्टोरेज रहेगा। अभी 3 हजार 500 घरों, दुकानों व सार्वजनिक स्थानों में लगे नल कनेक्शन में पानी सप्लाई करने की तैयारी है। जिसके बाद आने वाले समय में 8 हजार नल कनेक्शन में पानी देने की प्लानिंग बनी है।

दरअसल भविष्य में जनसंख्या के साथ ही नया नल कनेक्शन की संख्या भी बढ़ती जाएगी। इसी आधार पर नपा व पीएचई ने सिंचाई विभाग से तांदुला डेम से पानी छोड़ने की डिमांड की है। सिंचाई विभाग ने भी डिमांड अनुसार पानी देने सहमति दे दी है। एग्रीमेंट होना बाकी है। इस संबंध में सोमवार को बालोद में तीनों विभाग के अफसरों की बैठक होगी।

इस माह या फिर अप्रैल के पहले सप्ताह से गर्मी तक लोगों की मांग के अनुसार सुबह व शाम के अलावा दोपहर में भी पानी सप्लाई की जाएगी। वर्तमान में डेम का पानी सीपेज होकर संपवेल में पहुंच रहा है। जो गंजपारा के ट्रीटमेंट प्लांट से शुद्ध होकर टंकी, पाइप के माध्यम से नलों में आ रहा है।

अभी दो टंकी में चार लाख लीटर पानी ही स्टोर रहता है
वर्तमान में शहरवासियों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा है। जो मिल रहा है, वह गंदा, खासकर गर्मी में पेयजल संकट से लोगों को जूझना पड़ता है। दो टंकी में 4 लाख लीटर पानी ही स्टोरेज रहता है। स्थिति ऐसी रहती है कि कुंदरूपारा, गंजपारा, पांडेपारा, आमापारा, जवाहर पारा में पानी पहुंच नहीं पाता और पहुंचता भी है तो कम मात्रा में, इसे ध्यान में रखकर पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाने के उद्देश्य से प्लानिंग तैयार कर 50 लाख लीटर रोजाना पानी छोड़ने की मांग की गई है। हालांकि हालात अनुसार लोगों के मांग अनुरूप अतिरिक्त पानी छोड़ेंगे ताकि परेशानी न हो।

प्लांट से पानी इन 5 टंकी में आएगा फिर नलों में भेजेंगे

  • जुर्रीपारा टंकी: यहां 2 लाख 80 हजार लीटर पानी स्टोरेज रहेगा। जिसे जुर्रीपारा वार्ड सहित आसपास के सभी घरों के नलों में सप्लाई की जाएगी।
  • बूढ़ापारा टंकी: यहां 3 लाख लीटर पानी स्टोरेज रहेगा। जिसे पाररास, बूढ़ापारा, मधु चौक, रेलवे कॉलोनी के घरों के नलों में सप्लाई की जाएगी।
  • जयस्तंभ चौक टंकी: यहां 3 लाख 80 हजार लीटर पानी स्टोरेज रहेगा। जिसे नए बस स्टैंड, कुंदरुपारा, सदर रोड के घरों के नलों में सप्लाई की जाएगी। इससे यहां साफ पानी को लेकर हो रही परेशानी दूर होगी।
  • जवाहर पारा टंकी: यहां एक लाख लीटर पानी स्टोरेज रहेगा। जिसे जवाहरपारा, गंजपारा, आमापारा, मुक्तिधाम से सिंचाई काॅलोनी व आसपास के वार्डों के घरों के नलों में सप्लाई की जाएगी।
  • कचहरी चौक टंकी: यहां 3 लाख लीटर पानी स्टोरेज रहेगा। सदर रोड, शिकारीपारा, सिंधी काॅलोनी, बुधवारी बाजार, नयापारा, संजय नगर, पांडेपारा के घरों के नलों में सप्लाई की जाएगी।

प्रतिदिन 50 लाख लीटर पानी छोड़ने की डिमांड किए हैं

सिंचाई विभाग के एसडीओ सीएम मोरवी ने बताया कि रोजाना 50 लाख लीटर पानी छोड़ने की डिमांड की गई है, संबंधित अफसर एग्रीमेंट करेंगे कह रहे हैं, अब तक नहीं हुआ है। सोमवार को इस संबंध में बैठक प्रस्तावित है, जिसमें चर्चा की जाएगी। तभी स्थिति स्पष्ट होगी कि कितना लीटर पानी देने के एवज में कितना चार्ज लगेगा। फिलहाल डेम से सीपेज होकर पानी संपवेल में पहुंच रहा है। आगे स्थिति को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा।

मांग के अनुरूप ही पानी उपलब्ध कराने की योजना
पिछले 18 साल के रिकाॅर्ड में मानसूनी सीजन यानी बारिश होने के दौरान तांदुला डेम का जलस्तर औसतन 15 से 18 फीट बढ़ता है। इसी पानी को शुद्ध करके शहरवासियों को मांग अनुरूप उपलब्ध कराने की योजना बनी है। संबंधित अफसरों ने कहा कि हमारा प्रयास है कि गर्मी में लोगों को जलसंकट से न जूझना पड़े।

8 हजार नल कनेक्शन के हिसाब से पानी की डिमांड

नगर पालिका जलकार्य विभाग के सभापति योगराज भारती ने बताया कि भविष्य में 8 हजार नल कनेक्शन होने का अनुमान है, इसी आधार पर रोजाना 50 लाख लीटर पानी की डिमांड की गई है। 10 लाख लीटर पानी ट्रीटमेंट प्लांट में स्टोरेज रहेगा। जिसे मांग अनुरूप टंकी में भरकर सप्लाई की जाएगी। पेयजल संकट दूर करने यह सब प्लान तैयार किया गया है।

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