अब मांग होगी पूरी:चिखलाकसा नपं से 3 और डौंडी नपं से 2 वार्ड अलग करने अधिसूचना जारी, 3 मुख्य व 6 उपचुनाव का कर चुके हैं बहिष्कार

बालोदएक महीने पहले
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बालोद. नपं डौंडी के वार्ड 14 व 15 जल्द स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनेगा। - Dainik Bhaskar
बालोद. नपं डौंडी के वार्ड 14 व 15 जल्द स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनेगा।

जिले के चिखलाकसा नगर पंचायत से 3 वार्ड कारूटोला, कुंजामटोला, भोयरटोला और डौंडी नपं से 2 वार्ड (उकारी 14 व उकारी 15) अलग हो गए है। जिसके बाद अब 5 वार्डों को मिलाकर 2 नई स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने विभागीय प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसको लेकर छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की ओर अधिसूचना जारी कर कलेक्टर को पत्र भेजकर नियमानुसार विभागीय प्रक्रिया पूरी करने निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि नपं से ग्राम पंचायत में शामिल किए जाने की मांग को लेकर संबंधित वार्ड के लो‌गों ने अब तक हुए 3 मुख्य निकाय चुनाव व 6 उपचुनाव का लगातार बहिष्कार किया आखिरकार उनकी मांग अब पूरी होने जा रही है। नपं सीईओ की ओर से वर्ष 2011 की जनगणना अनुसार गांव में कितने लोग निवासरत हैं, परिसीमन, प्रस्ताव नजरी, नक्शा तैयार करना सहित अन्य जानकारी कलेक्ट कर चुके हैं।

वर्ष 2011 की जनगणना को आधार मानकर सोमवार को प्रस्तावित ग्राम पंचायत का प्रथम प्रकाशन करने निर्देश दिए गए थे। जिसके बाद 20 दिसंबर तक प्रथम प्रकाशन का दावा आपत्ति का निराकरण एवं कलेक्टर को प्रतिवेदन भेजने की कार्यवाही एसडीएम करेंगे। 23 दिसंबर को कलेक्टर अंतिम प्रकाशन करेंगे। 27 दिसंबर को राजपत्र में प्रकाशन के लिए फाइल भेजी जाएगी। 29 दिसंबर को सांख्यिकीय प्रतिवेदन तैयार होगा।

15 जनवरी को ग्राम पंचायत का वार्ड निर्धारण, प्रारंभिक प्रकाशन, दावा आपत्ति प्राप्त कर निराकरण एवं अंतिम प्रकाशन की कार्यवाही होगी। 18 जनवरी को ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों के लिए पदों का आरक्षण किया जाएगा। 19 जनवरी को राज्य शासन की ओर से राज्य निर्वाचन आयोग को पदों के निर्धारण का विस्तृत सांख्यिकीय प्रतिवेदन भेजा जाएगा। यह सब के बाद चुनाव कराया जाएगा। जिसमें मतदाता पंच-सरपंच चुनेंगे। इस संबंध में अधिसूचना जारी होने के बाद इसकी विभागीय प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

अब उकारी में कुल 10 वार्ड होंगे
उकारी के ज्ञान सिंह मरकाम, लखन सिंह हिड़को, गौराम मंडावी ने बताया कि डौंडी नपं से वार्ड 14 और 15 अलग हो गए है, अब 10 वार्डों के साथ स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा मिलने का इंतजार कर रहे है। अभी जनसंख्या 1056 है। जिसमें छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग भी शामिल है। वर्ष 2022 में ग्राम पंचायत उकारी अस्तित्व में आएगा। छत्तीसगढ़ डायरेक्टर ने भी सहमति दे दी है। जनसंख्या कम होने की स्थिति में दूसरे पंचायत में शामिल करने की तैयारी चल रही थी। जनसंख्या लगभग एक हजार हो जाएगी।
जो स्वतंत्र ग्राम पंचायत के मापदंड अनुरूप है। गांव स्तर पर प्रत्येक घर में सर्वे कर जनगणना की जा चुकी है। 2 नपं के 5 वार्ड को दो स्वतंत्र ग्राम पंचायत का दर्जा तभी मिलेगा, जब नए सिरे से जनगणना होगी क्योंकि 2011 सर्वे जनगणना अनुसार जनसंख्या एक हजार से कम बताई गई है। 10 साल में जनसंख्या बढ़ गई है लेकिन इस दौरान जनगणना नहीं हुई है। जनसंख्या कम होने की स्थिति में ठेमा बुजुर्ग ग्राम पंचायत में डौंडी के 2 वार्ड शामिल हो सकते हैं।

इन्हीं पांच वार्डों के भरोसे मिला था नपं का दर्जा
28 फरवरी 2003 के पहले डौंडी ग्राम पंचायत हुआ करती थी, तब उकारी आश्रित गांव था। इसके बाद 8 हजार 42 की जनसंख्या व 15 वार्ड के साथ डौंडी नगर पंचायत अस्तित्व में आई।
वहीं 2008 में 6 हजार 160 की जनसंख्या व 15 वार्ड के साथ चिखलाकसा नगर पंचायत अस्तित्व में आई लेकिन 5 वार्ड के लोग विरोध करते रहे कि हमें नगर के बजाय ग्राम पंचायत में रहना है ताकि शासकीय योजना का लाभ मिल सकें। नगरीय निकाय चुनाव के पहले डौंडी के बचे 13 और चिखलाकसा के 12 वार्डों का नए सिरे से परिसीमन होगा ताकि दोबारा 15 वार्ड हो सकें। आरक्षण भी बदलेगा।

इसलिए कर रहे थे मांग
चिखलाकसा व डौंडी नपं के 5 वार्ड के लोग स्वतंत्र ग्राम पंचायत में शामिल होने की मांग को लेकर पार्षद चुनाव का बहिष्कार करते आ रहे थे। इसलिए नपं से अलग करने का निर्णय लिया गया है। मनरेगा काम नहीं मिलना, संपत्ति, समेकित, जलकर टैक्स ज्यादा देना सहित अन्य कारणों से लोगों ने नपं के बजाय ग्राम पंचायत में रहने का मन बना लिए थे।

राजनीतिक मायने क्या
डौंडी नपं से अलग होने वाले दो वार्ड उकारी को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, ऐसे में नए सिरे से परिसीमन व आरक्षण बदलने की स्थिति में राजनीतिक बदलाव भी देखने को मिल सकता है। वर्तमान में चिखलाकसा व डौंडी नपं में भाजपा के अध्यक्ष काबिज है।

आम लोगों पर प्रभाव
परिसीमन में कई वार्ड के मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव में सीधा असर देखने को मिलेगा, क्योंकि एक-एक वोट कीमती है। जिले में ग्राम पंचायतों की संख्या 435 से बढ़कर 437 हो जाएगी।

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