मानसून सुस्त:तांदुला में सिर्फ 12.80 फीट पानी, फसल को बचाने पानी नहीं छोड़ पा रहे, पेयजल सप्लाई भी प्रभावित

बालोद2 महीने पहले
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  • पिछले साल से बालोद ब्लॉक में 201.5 व कांकेर में 148 मिमी कम बारिश, यहीं से डैम में अाता है पानी

इस साल मानसून सत्र के 2 माह 7 दिन गुजर जाने के बाद भी बालोद सहित 3 जिले के लिए महत्वपूर्ण तांदुला डैम में सिर्फ 12.80 फीट पानी भरा है। इसमें से 4.50 फीट पानी इस मानसून सत्र में हुई बारिश के बाद भरा है। मानसून की दस्तक के पहले 8.30 फीट पानी था। अभी मानसून सुस्त है, इसलिए अच्छी बारिश नहीं हो रही है।

ऐसे में ओवरफ्लो होने की उम्मीद कम है। क्योंकि 25.70 फीट पानी की और जरूरत है। सिंचाई विभाग के अनुसार औसतन मानसून सत्र में डैम का जलस्तर 17-18 फीट ही बढ़ पाता है, वह भी तब जब अच्छी बारिश होती है। अगर अगस्त के बाकी दिनों और सितंबर में भी अच्छी बारिश होती है, तो डैम का जलस्तर 25-30 फीट के आसपास ही रहेगा। भराव कम होने के कारण फसल के लिए सिंचाई विभाग डैम से पानी नहीं छोड़ पा रहा है। शहर में पेयजल सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। विभाग को अच्छी बारिश का इंतजार है।

तांदुला डैम में पानी कम होने की 3 प्रमुख वजह
1. बालोद ब्लॉक में इस साल एक जून से 7 अगस्त तक 396.9 मिमी बारिश हुई है। जो पिछले साल की तुलना में 201.5 मिमी कम है। पिछले साल 7 अगस्त तक 598.4 मिमी बारिश हुई थी।
2. गेट रिपेयरिंग के लिए मई में लगभग 5 फीट पानी डैम से छोड़ा गया। जो एनीकट स्टापडेम में पहुंचा। गेट रिपेयरिंग न होने की स्थिति में अभी डेम का जलस्तर 18 फीट के आसपास रहता।
3. कांकेर में अच्छी बारिश होने के बाद नदी, नालियों से होकर उस क्षेत्र का पानी डैम में पहुंचता है लेकिन वहां भी इस मानसून 290.2 मिमी बारिश हो पाई है। जो पिछले साल से 148 मिमी कम है।

जानिए, जिला बनने के बाद कब-कब छलका
2013 में 8 अगस्त, 2014 में 5 अगस्त को तांदुला डैम छलका था, अंतिम बार 28 अगस्त 2018 को डैम छलका था। तब 24 घंटे में बालोद ब्लॉक में 175 मिमी बारिश हुई थी। निर्धारित क्षमता से दो फीट ऊपर पानी बह रहा था। तब से अब तक ऐसा नजारा जिले वासी देख नहीं पाए हैं।

डैम में पानी कम होने से तीन जिले में असर
1. रबी व खरीफ सीजन में तीन जिले में धान फसल के लिए पानी छोड़ा जाता है। अभी स्थिति ऐसी है कि अफसर कुछ कह नहीं पा रहे हैं। 20 फीट पानी होने पर विचार करने की बात कह रहे हैं।
2. इसी डैम के पानी भरोसे बालोद शहरवासियों की प्यास बुझती है। यहां पानी कम होने की स्थिति में पेयजल संकट का सामना करना पड़ेगा। वैसे भी जलस्तर कम होने से गंदा पानी
3. बालोद, दुर्ग, बेमेतरा जिले के 600 से ज्यादा निस्तारी तालाबों को भरने के लिए तांदुला डैम से ही पानी छोड़ा जाता है। जलस्तर कम होने की स्थिति में कम मात्रा में ही पानी छोड़ा जाएगा।

अच्छी बारिश होने से ही जलस्तर बढ़ेगा सिंचाई विभाग के एसडीओ सीएम मोरवी ने बताया कि अच्छी बारिश होने का इंतजार अब तक कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। यह स्थिति आने पर ही जलस्तर बढ़ पाएगा। फिलहाल फसल की सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की स्थिति में नहीं हैं। कम बारिश के कारण डैम में ज्यादा पानी नहीं भर पाया है।

12 के बाद ही अच्छी बारिश की संभावना
शनिवार को धूप-छांव के बीच अधिकतम तापमान 31 डिग्री व न्यूनतम तापमान 24 डिग्री रहा। अधिकांश समय बादल छाए रहे लेकिन धूप के चलते गर्मी व उमस महसूस हुई। जिले में अब तक 425.5 मिमी औसत बारिश हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून द्रोणिका सहित 3 सिस्टम सक्रिय होने से हल्की व मध्यम बारिश हो सकती है। 12 के बाद अच्छी बारिश होने के आसार है।

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