दशहरा पर्व:पुतला दहन के दौरान मौजूद लोगों का नाम रजिस्टर में एंट्री करेंगे आयोजक, डीजे, धुमाल बजाने पर रोक

बालोदएक महीने पहले
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ग्राम खरथुली (भोथली) में तीन दिवसीय रामलीला का समापन हुआ। - Dainik Bhaskar
ग्राम खरथुली (भोथली) में तीन दिवसीय रामलीला का समापन हुआ।
  • सांस्कृतिक कार्यक्रम व भंडारे की भी अनुमति नहीं, स्थल की निर्धारित क्षमता से 50% लोग ही शामिल हो पाएंगे

नवरात्र की समाप्ति के साथ ही जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में दशहरा पर्व का दौर शुरू हो गया है। ग्राम खरथुली (भोथली) में 12 अक्टूबर से शुरू तीन दिवसीय रामलीला का समापन गुरुवार को रावण का पुतला दहन के बाद किया गया। युवाओं ने रामायण के पात्रों का किरदार निभाकर ग्रामीणों का मनोरंजन कर असत्य पर सत्य की जीत व एकता की सीख दी।

दशहरा पर्व को लेकर कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है कि क्या-क्या छूट मिलेगी और क्या-क्या बंदिशें रहेगी। कलेक्टर की ओर से जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि आगामी माह में जिले में कोरोना पॉजिटिव प्रकरणों की संख्या में वृद्धि की संभावना है। जिसे रोकने एवं नियंत्रण में रखने के लिए सभी संबंधित उपाय अमल में लाना उचित एवं आवश्यक हो गया है। लिहाजा दशहरा पर्व को लेकर जारी आदेश का पालन किया जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

नाम एंट्री इसलिए ताकि कोरोना संक्रमित होने पर तत्काल ट्रेस किया जा सके
जारी आदेश के अनुसार पुतला दहन खुले स्थान पर किया जाएगा। इस दौरान कार्यक्रम में समिति के मुख्य पदाधिकारी सहित स्थल की क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक लोग शामिल नहीं होंगे। पुतला दहन के दौरान आयोजक एक रजिस्टर संधारित करेंगे। पुतला दहन कार्यक्रम में आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करेंगे ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कान्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सकें। प्रत्येक समिति, आयोजक सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यम से कार्यक्रम की जानकारी देंगे। कोविड को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम सीमित रूप से कर सकेंगे। पुतला दहन स्थल में कहीं भी सांस्कृतिक कार्यक्रम, भंडारा की अनुमति नहीं होगी।

खुद की सावधानी जरूरी, 100 मीटर के दायरे में बेरिकेडिंग लगाने के लिए कहा
जारी आदेश के अनुसार आयोजन में उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के लिए सोशल, फिजिकल डिस्टेंसिंग, मास्क लगाना एवं समय-समय पर सैनिटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा। रावण पुतला दहन स्थल से 100 मीटर के दायरे में आवश्यकतानुसार अनिवार्यतः बेरिकेडिंग कराने कहा गया है। आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र. डीजे, धुमाल आदि बजाने की अनुमति नहीं होगी। रावण पुतला दहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। समिति को अपने स्तर पर सैनिटाइजर, थर्मल स्क्रीनिंग, ऑक्सीमीटर, हैण्डवॉश एवं क्यू मैनेटमेट सिस्टम की व्यवस्था करने निर्देश दिए गए हैं।

थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार आने पर नहीं मिलेगी एंट्री
थर्मल स्क्रीनिंग में बुखार पाए जाने या कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाए जाने पर कार्यक्रम में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति, आयोजकों की होगी। कार्यक्रम आयोजन के दौरान अग्निशमन की पर्याप्त व्यवस्था अनिवार्यतः किया जाना होगा। यातायात नियमों का पालन करना होगा। पार्किंग की व्यवस्था ऐसी करें कि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। आयोजन के दौरान एनजीटी व शासन की ओर से तय प्रदूषण नियंत्रण के लिए निर्धारित मानकों, कोलाहल अधिनियम का पालन करना होगा।

नियम तोड़ने वालों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई
कलेक्टर महोबे ने बताया कि यह आदेश राज्य शासन की ओर से जारी नियमों एवं निर्देशों के अधीन होगी। उपरोक्त शर्तों की उल्लंघन करने पर इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आयोजक की होगी एवं नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इन सभी शर्तों के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सामान्य प्रशासन विभाग छग व जिला प्रशासन बालोद द्वारा समय-समय पर जारी निर्देश, आदेश का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। नियम का उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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