नशामुक्ति के लिए कोशिश:नशा व ड्रग्स तस्करी के खिलाफ अभियान चलाएगी पुलिस, सबको करेगी जागरूक

बालोद7 महीने पहले
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  • जिले में नशे के विरुद्ध बालोद पुलिस की अभिनव पहल

जिले में नशा एवं ड्रग तस्करी के खिलाफ बालोद पुलिस अभिनव पहल करते हुए कोशिश एक प्रयास नशामुक्ति की ओर अभियान चलाएगी। इसके लिए रूपरेखा तैयार की जा रही है। जिसके तहत सभी थाना क्षेत्र में पुलिस टीम सामाजिक पदाधिकारियों को अभियान में जोड़कर लोगों को जागरूक करेगी।

अभियान की शुरूआत एक सप्ताह के अंदर हो सकती है। अभी निश्चित समय तय नहीं किया गया है लेकिन एसपी सदानंद कुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिलेभर में यह अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा। युवाओं तक सकारात्मक संदेश जाएगा तो इसके असर से परिणाम भी सकारात्मक आएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों, नवयुवकों में नशे के सेवन में बढ़ोत्तरी और इसकी अवैध बिक्री एक गंभीर समस्या बनी हुई है। इसलिए इसके रोकथाम के लिए नशा एवं ड्रग तस्करी के विरूद्ध एक अभियान कोशिश की शुरुआत की जा रही है। बालोद को नशा मुक्त बनाने सब मिलकर एक कोशिश करेंगे।

जहां के युवा नशे की गिरफ्त में, वहां ज्यादा फोकस
पुलिस के मुताबिक जिले के हर ऐसे संवेदनशील क्षेत्र, जहां के ज्यादा युवा नशे की गिरफ्त में है। वहां ज्यादा फोकस किया जाएगा। ऐसे क्षेत्र को हर थाना क्षेत्र से चिह्नांकित की जा रही है ताकि एक-एक क्षेत्र में विशेष रूप से फाेकस किया जा सकें। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचकर परिजनों को जागरूक किया जाएगा। ताकि वे बच्चों को समझा सकें। साथ ही हर गतिविधियों पर नजर रख सकें।

एक मेडिकल का लाइसेंस निरस्त, 7 हो चुके गिरफ्तार
साइबर सेल व पुलिस, ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त कार्रवाई से एक माह के अंदर नशीली दवाई कारोबार में संलिप्त 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जिसमें बालोद के 2, दल्लीराजहरा के 2 और दुर्ग जिले के तीन शामिल है। वहीं एक मेडिकल स्टोर्स का लाइसेंस निरस्त किया गया है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया है कि न्यूनतम 7 हजार युवा नशीली दवा के गिरफ्त में है। हालांकि इससे ज्यादा लोग उपयोग कर रहे होंगे, ऐसा पुलिस का अनुमान है।

स्कूलों और कॉलेजों में भी पहुंचेगी पुलिस की टीम
एक साल पहले तत्कालीन टीआई रोहित मालेकर ने गुंडरदेही ब्लॉक के स्कूलों में पहुंचकर नशामुक्ति को लेकर पहल की थी। इसी तर्ज पर स्कूलों व कॉलेजों में भी पुलिस टीम पहुंचेगी और स्टूडेंट्स को जागरूक करेगी। आशंका है कि कॉलेज के कई स्टूडेंट्स भी नशे की गिरफ्त में है। 9 व 10 अक्टूबर को इस संबंध में भास्कर ने खबर प्रकाशित की थी। वास्तविक हालात को ध्यान में रखकर मंथन व विचार करने के बाद एसपी ने पहल करते हुए कोशिश नाम से अभियान शुरू करने का निर्णय लिया।

मेडिकल स्टोर्स संचालक की बैठक भी ली जाएगी
अभियान के तहत जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स के संचालकों की चरणवार बैठक लेकर चर्चा कर हिदायत दी जाएगी कि दवाई को पंजीकृत डॉक्टर के बिना पर्ची के न दें और दे रहें तो एक बार पूरी जानकारी लेकर रिकॉर्ड रख लें ताकि सच्चाई मालूम हो सकें। नियम अनुसार लाइसेंसधारी पंजीकृत मेडिकल स्टोर्स वाले ही दवाईयों को रख सकते है लेकिन पंजीकृत चिकित्सक के पर्ची बिना किसी को दे नहीं सकते। अगर दे भी रहे है तो पर्ची को रखना अनिवार्य है।

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