एरियर्स भी मिलेगा:नियमित कर्मियों को बढ़े हुए वेतन की 8% राशि दासा के रूप में किया जाएगा भुगतान

बालोद13 दिन पहले
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सेल कर्मियों के वेतन समझौते के बाद खदान कर्मियों को दासा की राशि और उसके एरियर्स को लेकर विभिन्न श्रम संगठनों ने सेल व बीएसपी प्रबंधन पर कर्मियों के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाकर हड़ताल की चेतावनी दी थी। सभी मुद्दों पर चर्चा के बाद तीन श्रम संगठन बीएमएस, एटक व इंटुक ने हड़ताल वापस ले ली। उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) रायपुर के सुझाव पर बीएसपी प्रबंधन ने तीनों श्रम संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों पर चर्चा की।

चर्चा के बाद दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता हुआ। जिसमें कई मुद्दों पर सहमति बनी है। सभी नियमित कर्मियों को जनवरी माह के वेतन के साथ उनके बढ़े हुए वेतन के 8 प्रतिशत राशि को दासा के रूप में दिया जाएगा और 18 नवंबर 2021 से 31 दिसंबर 2021 तक का एरियर्स भी इसी के साथ भुगतान किया जाएगा। श्रम संगठनों के द्वारा 8 प्रतिशत राशि का विरोध करने पर प्रबंधन ने कहा कि ये 8 प्रतिशत राशि प्रबंधन द्वारा तय नहीं की गई है बल्कि केंद्र सरकार के ज्ञापन के आधार पर किया दिया जाना तय हुआ है।

इस पर ज्ञापन का अध्ययन करने के बाद सभी श्रम संगठनों ने इस बात पर आपत्ति की थी कि उक्त कार्यालय ज्ञापन में केवल अधिकारियों और नॉन-यूनियन सुपरवाइजरी केटेगरी की बात की गई है। जिसपर बीएसपी प्रबंधन ने दो माह के भीतर इस पर संबंधित मंत्रालय से आवश्यक दिशा निर्देश प्राप्त कर कार्रवाई करने की बात मानते हुए कहा कि अगर मंत्रालय द्वारा सामान्य कर्मियों को 10 प्रतिशत राशि देने मंजूरी दे दी जाती है तो उसका भुगतान कर दिया जाएगा।

जहां तक दासा के एरियर्स की बात है तो इस पर भी दो माह के भीतर आवश्यक कार्रवाई कर भुगतान कर दिया जाएगा। जहां तक पिछले वेतन समझौते के बाद के दासा एरियर्स राशि भुगतान की बात है तो अगर आरएमडी के खदानों में दिए गए एरियर्स को प्रबंधन द्वारा काटा नहीं गया है। तो एक माह के भीतर उसका भी भुगतान कर दिया जाएगा। इस पर तीनों श्रम संगठन ने सहमति जताते हुए प्रबंधन के पक्ष को स्वीकार किया।

ठेका कर्मियों को खदान भत्ते के रूप में 150 रुपए दिया जाएगा: ठेका कर्मियों के लिए दासा राशि भुगतान करने के मुद्दे पर प्रबंधन ने स्पष्ट कहा कि ठेका कर्मियों को दासा राशि भुगतान के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कोई दिशा निर्देश नहीं है। इसपर सभी श्रम संगठनों ने कहा कि आज कंपनी के उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ने और बनाए रखने में ठेका श्रमिकों का भी नियमित कर्मियों की तरह बराबर का योगदान है, ऐसे में उन्हें वंचित रखना उचित नहीं है। चर्चा के दौरान प्रबंधन ने माना कि श्रम संगठनों की बात सही है और सैद्धांतिक रूप से प्रबंधन श्रम संगठनों की मांग से सहमत है। इस मुद्दे पर एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसका निर्णय आने के बाद इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

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