बहन से दुष्कर्म:डीएनए टेस्ट से खुला राज, आरोपी भाई को 10 साल की सजा

बालाेद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • जब माता-पिता घर पर नहीं रहते तब करता था अनाचार, हो गई थी गर्भवती

बुधवार को जिला न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मुकेश कुमार पात्रे ने आरोपी 19 वर्षीय मनोज (काल्पनिक नाम, ताकि पहचान उजागर न हो) को धारा 376, 506, पॉस्को की धारा 5(ढ)/6 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5000 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। आरोपी ने अपनी ही सगी बहन के साथ दुष्कर्म किया था।

जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई थी। जब डीएनए टेस्ट किया तब सच्चाई सामने आई। प्रकरण के विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) छन्नू लाल साहू के अनुसार 16 नवंबर 2016 को नाबालिग पीड़िता को प्रसव पीड़ा होने पर सीएचसी. गुंडरदेही में भर्ती कराया गया था। जहां बयान के आधार पर रनचिरई थाने में अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। पीड़िता ने पुलिस को जानकारी दी कि अनैतिक कार्य करने वाला आरोपी उसका सगा भाई है।

जब माता-पिता घर में नहीं रहते थे तब आरोपी शारीरिक संबंध बनाता था। जिसके कारण पीड़िता गर्भवती हो गई। बदनामी व डर की वजह से नाबालिग ने अपने माता-पिता को घटना की जानकारी नहीं दी थी। मुख्य आरोपी के डर से बच्ची ने झूठी जानकारी दी थी कि खेत तरफ गोबर के लिए अकेली गई थी तब अनैतिक कार्य कर जान से मारने की धमकी देकर आरोपी भाग गया, लेकिन बाद में जांच में मालूम हुआ कि आरोपी उनका भाई ही है। गर्भवती होने की वजह से पेट दर्द होने पर माता-पिता को घटना की जानकारी दी। फिर आरोपी और बच्ची का डीएनए टेस्ट कराया गया।

खबरें और भी हैं...