डेंगू से लग रहा डर जिले में 10 पॉजिटिव मिलें:अभी भी सो रहा विभाग, दस बॉटल टेमिफोस दवा की सप्लाई लेकिन 5 ब्लॉक में छिड़काव शुरू नहीं

बालोदएक महीने पहले
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इस साल फाइलेरिया के 5 नए मरीज मिल चुके, इलाज जारी है। - Dainik Bhaskar
इस साल फाइलेरिया के 5 नए मरीज मिल चुके, इलाज जारी है।

इस साल डेंगू की चपेट में जिले के 10 लोग आ चुके है। जिसमें एक संक्रमित की मौत भी हो चुकी है। वहीं पिछले दो साल में जिले के डौंडी ब्लॉक में 59, बालोद में 75, डौंडी लोहारा में 137, गुंडरदेही में 30 व गुरूर में 26 सहित कुल 327 फाइलेरिया मरीजों की पहचान की गई है। इस साल 4-5 नए मरीज मिले है। बाकी मरीज पहले मिले थे।

जिनका इलाज चल रहा है और सभी को प्रशिक्षण दे रहे है। फाइलेरिया के मरीजों में 214 पुरुष हाइड्रोसिल से ग्रसित हैं। ऐसा विभागीय अफसर कह रहे है। यह दोनों बीमारी एडीज मच्छर के काटने से होती है। आगे भी इसका खतरा बरकरार है। ऐसे में अब इस बीमारी के रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग मलेरिया शाखा की ओर से 5 ब्लॉक में टेमिफोस दवाई के 10 बॉटल की सप्लाई की गई है। प्रत्येक बोतल में एक लीटर दवाई है। प्रत्येक ब्लॉक में 2-2 बॉटल की सप्लाई की गई है। जिसका छिड़काव अब तक शुरू नहीं हो पाया है। डेंगू व फाइलेरिया को नियंत्रित करने विभाग औपचारिकता निभा रहा है। पिछले साल 4 बॉटल दवाई खराब हो गई थी।

तीन प्रकार के मच्छर से इन बीमारियों का खतरा

1. क्यूलेक्स

  • यह खेतों में गंदे पानी में पैदा होते है।
  • इस बीमारी का खतरा- जापानी बुखार

2. एडीज

  • साफ पानी में कूलर, डिस्पोजल में।
  • इस बीमारी का खतरा- फाइलेरिया, चिकनगुनिया,डेंगू।

3. एनाफिलिस

  • नाली, गड्ढों के गंदा पानी में पैदा होते है।
  • इस बीमारी का खतरा- मलेरिया सहित अन्य।
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