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बैठक का आयोजन:सरपंचों ने कहा- मनरेगा में मिलने वाला फंड सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में जमा हो, मानदेय बढ़ाएं

डोंगरगढ़15 दिन पहले
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सरपंच संघ की बैठक में कई विषयों पर पारित किया गया प्रस्ताव। - Dainik Bhaskar
सरपंच संघ की बैठक में कई विषयों पर पारित किया गया प्रस्ताव।
  • नोंक-झोंक के बीच ब्लॉक भर के सरपंचों की मौजूदगी में छह विषयों पर पारित किया प्रस्ताव

जनपद पंचायत सभागृह में मंगलवार को सरपंच संघ की बैठक में समस्याओं पर चर्चा हुई। विपक्षी बीजेपी समर्थित सरपंचों ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हो रही वित्तीय समस्याओं पर जमकर हंगामा भी किया। बैठक में कई विषयों पर चर्चा कर प्रस्ताव पारित किया गया। सरपंच संघ के अध्यक्ष आबिद खान की अध्यक्षता में 6 महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई और प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया। सरपंचों ने कहा कि मनरेगा में मिलने वाला फंड सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में जमा हो और हमारा मानदेय बढ़ाया जाए।

अध्यक्ष खान ने सरपंचों को पंचायत कार्य में आ रही वित्तीय समस्याओं को लेकर चर्चा की। अधिकतर सरपंचों ने फंड की कमी व नियमों का पेंच बताकर अपनी बातों को रखा। बदलते नियमों के चलते सरपंचों को राशि आहरण करने में कई तरह की तकनीकी समस्या सामने आ रही है। मार्केट से उधार में सामान लेकर काम कराना पड़ रहा है। इसी बात को लेकर विपक्षी बीजेपी समर्थित सरपंच बिफर गए और सीधे तौर पर राज्य सरकार के खिलाफ ही आरोप मढ़ दिया।

सत्ता-विपक्ष के सरपंचों के नोंक-झोंक के बीच ब्लॉक भर के सरपंचों की मौजूदगी में 6 विषयों पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित है। संघ के सचिव नरसिंग वर्मा ने बैठक का संचालन करते हुए प्रस्ताव के लिए विषयों को रखा। सरपंचों ने बैठक में पुराना एसओआर दर पर जून 2015 को वर्तमान दर से बदलने की मांग की। इसके लिए राज्य सरकार के नाम प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया।

सरपंचों को वर्ष 2011 से उसी दर पर दिया जा रहा है, जिसे बढ़ाया जाए। पंचायतों में मनरेगा से कराए गए कार्यों में मटेरियल भुगतान में लेटलतीफी को लेकर सबसे अधिक समस्या आती है। काम पूर्ण हो जाने के बाद भी बरसों भुगतान लंबित रहता है। भुगतान जल्द हो ऐसी व्यवस्था की जाए।

पंचायतों में निर्माण कार्यों के मूल्यांकन में देरी न करें

मनरेगा के कंटेनजेंसी राशि को पुनः देने की मांग की गई। पंचायतों को हर साल मिलने वाले फंड का कुछ प्रतिशत जनपद पंचायत व जिला पंचायत द्वारा काटा जा रहा है। जिससे पंचायत को मिलने वाली राशि से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसे सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में हस्तांतरित करने की मांग सरपंचों ने की।

साथ ही सभी तरह के कार्यों को अभिशरण मुक्त किया जाए। पंचायतों में निर्माण कार्य हो जाने के बाद भी मूल्यांकन में देरी को लेकर भी सरपंचों ने नाराजगी जाहिर की। मार्केट से उधार में सामग्री लेकर उन्हें काम कराना पड़ रहा है। सरपंचों ने कहा ऐसी स्थिति न बने इसका ध्यान रखा जाए।

राज्य सरकार को बताएंगे अपनी सभी समस्याएं

संघ के अध्यक्ष बताया कि सरपंच संघ का प्रतिनिधि मंडल बहुत जल्द निर्णय लेकर पारित प्रस्ताव व समस्याओं को लेकर राज्य सरकार को अवगत कराएगा। इसके लिए रणनीति तैयार की जा रही है। सरपंचों को हो रही परेशानियों पर उच्चाधिकारियों से चर्चा किया जाएगा।

इस अवसर पर संघ के सचिव नरसिंग वर्मा, उपाध्यक्ष युवराज चंद्रवंशी, लीलार ध्रुव, मीना साहू, शैलेंद्री जोशी, महासचिव खेमचंद सोरी, दीपक पटिला, अनिता वर्मा, ऐनकुंवर कंवर, कोषाध्यक्ष बुधारू राम ध्रुर्वे, प्रवक्ता मनोज वर्मा, रेवाराम सिन्हा समेत ब्लॉक भर के सरपंच उपस्थित रहे।

महिला सरपंच की जगह उनके पति बैठक में हुए शामिल

सरपंच संघ की बैठक में निर्वाचित महिला सरपंच अनुपस्थित दिखी। उनके जगह पर पति ही प्रतिनिधि बनकर सम्मिलित हो गए। जबकि नियमानुसार निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बैठकों में शामिल होना चाहिए।

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