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कृषि:खरीफ की तुलना में इस बार रबी सीजन में 50 हजार 503 हे. कम रकबा सिंचित होगा

बालाेदएक महीने पहले
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बालाेद. खरखरा डैम के पानी से 960 हे. रकबा सिंचित होगा
  • रबी फसल के लिए 2815 हे. रकबा में पहुंचेगा गोंदली, खरखरा, मटियामोती व 10 छोटे डैम का पानी

जिले के गोंदली, खरखरा, मटियामोती सहित 13 डैम से रबी फसल के लिए दो माह बाद पानी छोड़ा जाएगा। सिंचाई विभाग ने इस बार 2 हजार 815 हेक्टेयर रकबा को सिंचित करने के लिए चिह्नांकित किया है। जिसके बाद संंबंधित ग्राम पंचायत को सूचना दी जा रही है ताकि पानी छोड़ने के पहले मुनादी करा सकें। जिन गांवों के किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा, वे अपने हिसाब से दलहनी, तिलहनी फसल की बोआई कर सकेंगे।

मोटरपंप, बोर की सुविधा होने से जिले के अधिकांश किसान धान फसल लगाते हैं। ऐसा सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कृषि विभाग की ओर से जिला प्रशासन, शासन को जानकारी दी जाती है। इस बार खरीफ की तुलना में रबी सीजन में 50 हजार 503.55 हे. कम रकबा सिंचित होगा। गोंदली, खरखरा, मटियामोती के अलावा 10 छोटे डैम का पानी बालोद व राजनांदगांव जिले के 2 हजार 815 हे. रकबा में पहुंचेगा। अधिकांश किसान धान की फसल ही लेते हैं।

लिहाजा जलभराव क्षमता के अनुसार हर साल रबी सीजन में पानी छोड़ने का निर्णय सिंचाई विभाग लेती है। विभाग की ओर से तांदुला सहित 14 छोटे व बड़े डैम से पानी छोड़ने के लिए खरीफ सीजन में 53 हजार 318.55 हेक्टेयर तय किया गया है। जिसमें 2 हजार 815 हे. रकबा के लिए पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। तांदुला डैम के लिए हर साल खरीफ के लिए 19 हजार 126.46 हेक्टेयर रकबा में पानी छोड़ा जाता है लेकिन इस बार यहां से पानी नहीं छोड़ने का निर्णय लिया गया है।

खरखरा और मटियामोती डैम इस साल ओवरफ्लो

डौंडीलोहारा, गुंडरदेही, राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई के रहवासियों के लिए महत्वपूर्ण खरखरा और मटियामोती डैम इस साल ओवरफ्लो हुआ है इसलिए आगे जलसंकट की स्थिति नहीं आने के दावे विभागीय अफसर कर रहे हैं। अगस्त के अंतिम सप्ताह में शत प्रतिशत पानी होने के बाद कई दिनों तक ओवरफ्लो की स्थिति बनी रही। वर्तमान में 20 प्रतिशत पानी कम हो चुका है। बावजूद अब भी जलभराव बेहतर है। यहां के पानी का उपयोग सिंचाई, निस्तारी तालाबों को भरने, पेयजल के लिए किया जाता है।

छोटे डैम के माध्यम से भी बुझेगी खेतों की प्यास

इस साल मानसून में कभी कम तो कभी ज्यादा बारिश हुई, बावजूद छोटे डैम में जलभराव स्थिति 70 फीसदी से ज्यादा रही। इसलिए पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है। 10 छोटे डैम से 295 हेक्टेयर रकबा सिंचित होगा। कई छोटे डैम में 90 फीसदी से ज्यादा पानी भरा हुआ है। ऐसे में किसानों को पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने की उम्मीद है। हजारों किसानों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। गोंदली डैम का पानी बालोद व डौंडीलोहारा ब्लॉक के खेतों में पहुंचेगा।

जानिए, रबी फसल सिंचाई के लिए तय किया रकबा
डैम क्षमता प्रस्तावित
गोंदली 7003.46 1000
खरखरा 19617.13 960
मटियामोती 5000 560
सियादेही 364 20
नारागांव 122 20
उसरीटोला 219 25
निरालगुड़ा 395 20
तुलुटोला 263 10
धनगांव 469 80
बगईकोना 243 40
करतुटोला 216.50 40
कर्रेगांव 130 20
कोरीटोला 150 20
योग 34192.09 2815
(आंकड़े हेक्टेयर में, सिंचाई विभाग बालोद संभाग के अनुसार)

रकबा तय, मांग अनुसार छोड़ेंगे पानी: एसडीओ
सिंचाई विभाग के एसडीओ सीएम मोरवी ने बताया कि किस डैम से रबी सीजन में पानी छोड़ा जाएगा, इसका निर्णय हो चुका है। डैम के हिसाब से रकबा तय किया जा चुका है। वैसे अधिकांश डैम की जलभराव स्थिति बेहतर है। किसानों की मांग अनुरूप पानी छोड़ेंगे।

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