शुभ घड़ी आई:खरीदारी के लिए पुष्य नक्षत्र का महामुहूर्त आज, दिनभर सर्वार्थ सिद्धि और अमृत सिद्धि योग

बालोदएक महीने पहले
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  • कोरोना के बाद इस बार व्यापारियों को भरपाई की उम्मीद

धनतेरस व दीपावली पर्व के पहले गुरुवार को पूरे दिन और रात पुष्य नक्षत्र का योग रहेगा। जिसे खरीददारी के लिए शुभ माना जाता है। जो सभी राशि के लोगों के लिए लाभदायक होगा। इस दिन गुरुवार होने से गुरु पुष्य योग भी बन रहा है।

इस पूरे दिन में अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग भी रहेगा। इस कारण खरीदारी और निवेश के लिहाज से यह दिन बहुत शुभ रहेगा। ऐसा पंडितों का कहना है। धनतेरस और दिवाली के पहले भी लोग खरीदारी के लिए प्लानिंग बनाए है। इससे व्यापारियों को बेहतर कारोबार होने की उम्मीद है। पंडित मिथलेश शर्मा ने बताया कि खरीदारी करने लोगों के लिए गुरुवार को एक बेहद शुभ संयोग बनने जा रहा है। इस दिन पुष्य नक्षत्र रहेगा और गुरु शनि का दुर्लभ संयोग बनेगा। ज्योतिषविदों के मुताबिक गुरु पुष्य नक्षत्र पर ग्रहों की ऐसी स्थिति बरसों बाद बन रही है। अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग इस घड़ी को अधिक शुभ बना रहा है। घरों में आकर्षक लाइटिंग करने इलेक्ट्रानिक दुकानों में झालरों की खरीदारी करने लोग पहुंच रहे है।

सोने व अन्य सामानों की खरीदारी का विशेष महत्व
गुरु पुष्य पर सोने सहित अन्य आभूषण, सामानों की खरीदारी का खास महत्व है। इस साल गुरु व शनि, शनि के स्वामित्व वाली मकर राशि में एक साथ हैं। दोनों ग्रह मार्गी रहेंगे और इन पर चंद्र की दृष्टि होगी। जिससे गजकेसरी योग बनेगा। चंद्र धन का कारक ग्रह है। यह योग हर प्रकार से मंगलकारी होगा। 677 वर्ष पहले 5 नवंबर 1344 को गुरु-शनि की युति मकर राशि में थी व गुरु पुष्य योग बना था। पिछले साल कोरोना के चलते व्यापार प्रभावित रहा था। इस बार व्यापारियों को भरपाई की उम्मीद है।

पुष्य नक्षत्र में नई वस्तुएं खरीदना बहुत शुभ रहेगा
पं. मिथलेश शर्मा, नारायण प्रसाद के अनुसार दीपावली से पहले कार्तिक कृष्ण पक्ष को आने वाले पुष्य नक्षत्र में नई वस्तुएं खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनिदेव हैं। शनिवार को या शनि के नक्षत्र में जो भी काम करें, वह लंबे समय तक चलता है। निवेश भी लंबे समय तक लाभ दे सकता है। पुष्य नक्षत्र पर दान-पुण्य भी जरूर करना चाहिए। किसी गौशाला में हरी घास और गायों की देखभाल के लिए धन का दान करें। शिवलिंग पर चने की दाल व पीले फूल चढ़ाएं।

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