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पार्षद नीतू कोठारी ने कलेक्टर को दिया इस्तीफा:कहा- मैं अपमानित महसूस कर रही हूं, क्रॉस वोटिंग के आरोप में भाजपा ने दो दिन पहले ही पार्टी से निकाला था

बेमेतरा2 महीने पहले
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बेमेतरा नगर पालिका परिषद की पार्षद नीतू कोठारी ने कलेक्टर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। - Dainik Bhaskar
बेमेतरा नगर पालिका परिषद की पार्षद नीतू कोठारी ने कलेक्टर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा नगर पालिका परिषद में राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। भाजपा से निष्कासित महिला पार्षद नीतू कोठारी ने कलेक्टर को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। दरअसल प्रदेश भाजपा संगठन ने कार्रवाई करते हुए, दो दिन पहले ही 6 भाजपा पार्षदों को पार्टी प्रत्याशी के खिलाफ क्रॉस वोटिंग के आरोप के बाद पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया था।

नीतू कोठारी ने कहा- गलत आरोप
पार्षद नीतू कोठारी वार्ड-11 से युवा पार्षद हैं। उन्होंने बताया कि निष्कासन के आदेश में मेरा भी नाम है। इस प्रकार के गलत गंभीर आरोप से अपने आप को बहुत ही अपमानित महसूस कर रही हूं। जिसके कारण से मैंने अपने पार्षद पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने कहा कि जनता के बीच इसी प्रकार की सेवा करती रहूंगी। मैं किसी भी प्रकार के सत्ता के लालच अथवा पैसे के चलते पार्षद नहीं बनी थी।

जांच के बाद हुआ निष्कासन- भाजपा जिला अध्यक्ष
बेमेतरा जिला के भाजपा अध्यक्ष ओम प्रकाश जोशी ने बताया कि पार्षदों के निष्कासन का फैसला प्रदेश संगठन ने लिया है। सभी को फैसले का सम्मान करना चाहिए। अभी यह जानकारी हमारे पास नहीं है कि नीतू कोठारी ने कलेक्टर को इस्तीफा सौंपा है। अगर किसी को कोई दिक्कत है, तो उसे अपनी बात को पार्टी के फोरम में रखनी चाहिए। नीतू कोठारी ने अगर इस्तीफा दिया है तो वह उनका व्यक्तिगत निर्णय है।

कांग्रेस ने कहा- जो पार्टी में आना चाहता उनका स्वागत
उधर, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी पहले भी कह चुके है कि अगर कांग्रेस पार्टी की रीति नीति से जुड़ना चाहते है तो ऐसे लोगों का पार्टी में स्वागत है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो रही है, जिसके कारण नेता पलायन कर रहे हैं।

यह है पूरा मामला
नगर पालिका परिषद बेमेतरा के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ भाजपा के पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर अन्य को मतदान किया था। दरअसल, 5 जनवरी 2021 को प्रदेश के सह प्रभारी नितिन नवीन के बेमेतरा दौरे के समय इस मामले की शिकायत की गई थी। इसके बाद प्रदेश महामंत्री नारायण चंदेल और पूर्व मंत्री महेश गागड़ा को जांच दल के प्रभारी व सह प्रभारी के रूप में बेमेतरा शिकायत की जांच के लिए भेजा गया था। इन्होंने पूरे मामले की जांच कर, रिपोर्ट भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी थी। जांच में क्रॉस वोटिंग कर पार्टी विरोधी काम करने और अनुशासनहीनता करने का आरोप सही पाया गया।

इन्हें किया गया है निष्कासित

पालिक के वर्तमान उपाध्यक्ष पंचू साहू समेत वीरेन्द्र साहू, देवराम साहू, प्रवीण नीलू राजपूत, नीतू कोठारी और घनश्याम देवांगन को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है।

नगर पालिका परिषद का यह है समीकरण
बेमेतरा नगर पालिका परिषद में कुल 21 वार्ड है, जिसमें से भाजपा के 12, कांग्रेस पार्टी के 8 और एक निर्दलीय पार्षद चुनाव जीते थे। जब अध्यक्ष पद के लिए वोटिंग हुई थी, तो 15 कांग्रेस पार्टी और भाजपा प्रत्याशी सजनी यादव को 6 वोट ही मिले थे। उस समय भाजपा के कुल 6 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की थी। पालिका अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी से शकुंतला मंगत साहू की जीत हुई थी। जिसके बाद इस मामले की शिकायत पार्टी में संगठन के स्तर पर की गई थी।

नगर पालिका परिषद बेमेतरा इस समय राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है।
नगर पालिका परिषद बेमेतरा इस समय राजनीतिक अखाड़ा बना हुआ है।

निष्कासित पार्षद थाम सकते हैं हाथ

बताया जा रहा है कि नगर पालिका परिषद बेमेतरा में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के निर्वाचन के बाद जिस तरह से बवाल देखने को मिला और पार्षदों को अपने ही कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना पड़ा। इसके चलते निष्कासित पार्षद यह मानसिकता बना चुके हैं कि कांग्रेस प्रवेश कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो कांग्रेस के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसके लिए कांग्रेस ने पहले ही अपना हाथ बढ़ा रखा है।

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