चारागाह का विकास:नेपियर घास समेत मक्का व ज्वार रोप रहे, ताकि सालभर चारे की व्यवस्था हो

बेमेतरा2 महीने पहले
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चारागाह विकास के अंतर्गत 148 एकड़ भूमि पर नेपियर घास रोपे गए हैं। - Dainik Bhaskar
चारागाह विकास के अंतर्गत 148 एकड़ भूमि पर नेपियर घास रोपे गए हैं।

नरवा, गरूवा, घुरुवा व बाड़ी योजना के अंतर्गत बेमेतरा के स्वीकृत गौठानों में चारागाह का विकास किया जा रहा है। मनरेगा द्वारा बेमेतरा के 47 गौठानों के चारागाह स्थल में पशुओं के लिए पौष्टिक आहार हरा चारा उपलब्ध कराने के लिए हाइब्रिड नेपियर घास व मक्का-ज्वार का रोपण किया गया है। कलेक्टर विलास संदीपन भोस्कर ने सभी स्वीकृत गौठानों में पर्याप्त जगह का चिह्नांकन कर नेपियर घास व मक्का ज्वार लगाने के निर्देश दिए थे, जिससे पशुधन को साल भर हरा चारा मिलता रहे।

47 गौठानों में चारागाह विकास अंतर्गत हाइब्रिड नेपियर रोपित किया गया है। जनपद पंचायत बेमेतरा के 148 एकड़ भूमि में मनरेगा व पशुधन विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व गौठान प्रबंधन समिति के माध्यम से स्व सहायता समूह द्वारा हाइब्रिड नेपियर घास का रोपण कार्य पूरा कर लिया गया है। हरा चारा उत्पादन की सतत निगरानी के लिए प्रत्येक गौठान व चारागाह के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। चारागाह में नेपियर घास को चारे के रूप में लगाए जाने के बारे में उन्होंने बताया कि नेपियर घास 4-5 वर्षों तक हरा चारा का उत्पादन किया जा सकता है। एक बार घास की कटाई करने के बाद उसकी शाखाएं फिर फैलने लगती है और 40 दिन बाद कटाई के लिए पुनः तैयार हो जाता है। इसमें पशुओं के लिए आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। हाइब्रिड नेपियर घास में कू्रड प्रोटीन 8.10 फीसदी, क्रूड रेशा 30 फीसदी कैल्शियम 0.5 फीसदी होता है। साथ ही 16.20 फीसदी शुष्क पदार्थ, 60 फीसदी पाचन क्षमता और 3 फीसदी ऑक्सीलेट होता है।

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