बैठक:चिटफंड कंपनियों में फंसे हैं 10 हजार करोड़

दल्ली राजहराएक वर्ष पहले
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  • अभिकर्ता व उपभोक्ता सेवा संघ ने पदयात्रा कर मुख्यमंत्री निवास जाने व अनशन की रणनीति बनाई

चिटफंड कंपनी में फंसे पैसे की वापसी को लेकर छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता सेवा संघ ने बैठक कर पदयात्रा करते मुख्यमंत्री निवास जाने व गांधी पुण्यतिथि के दिन अनशन करने की रणनीति बनाई। बैठक में संघ के अध्यक्ष दीनदयाल नरेटी ने कहा कि सरकार अपने किए वादे को निभा नहीं रही है। कंपनियों पर कार्रवाई के नाम पर लोगों को गुमराह कर रही है। संघ के संरक्षक घनाराम साहू ने कहा कि चिटफंड कंपनियों को रोजगार मेले में बढ़ावा देने से छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग बीस लाख परिवार के दस हजार करोड़ से भी अधिक की राशि 110 चिटफंड कंपनियों में फंसे है। पैसा वापसी के लिए संघ 2015 से लगातार शासन, प्रशासन को आवेदन, ज्ञापन दे रहे है। कांग्रेस ने विधान सभा चुनाव के समय अपने जन घोषणा पत्र क्रमांक 34 में कहा था कि छत्तीसगढ़ राज्य में कांग्रेस की सरकार बनती है तो कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई कर निवेशकों का पैसा वापस की जाएगी। जिस पर विश्वास कर कांग्रेस को वोट दे कर छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने में सहयोग किया। लेकिन कांग्रेस की सरकार बने दो साल बीत गए है, मात्र एक कंपनी की जमीन को सरकार द्वारा कुर्क कर निवेशकों का तीस प्रतिशत पैसा वापस की गई है। जबकि चुनावी के दौरान कहा था कि सभी निवेशकों को ब्याज सहित पैसा वापस किया जाएगा। चाहे इसके लिए हमें कोई भी अतिरिक्त कोष बनाना पड़े। अब मुख्यमंत्री निवास रायपुर तक पैदल मार्च करते हुए पूरे प्रदेश भर के निवेशक ज्ञापन देकर पैसा वापसी की मांग करेंगे। बैठक में कमलेश कुमार साहू, उपाध्यक्ष बजरू राम गावड़े,. कोषाध्यक्ष नंदकुमार साहू, सलाहकार श्रीराम ठाकुर, बहुरसिंग साहू , सीताराम मंडावी , शंकरलाल साहू, प्रभारी सतीश यादव, बिशेसर सिन्हा, करबारी गावड़े, संतूराम ध्रुव, श्यामलाल नाग, टोमेश सहारे, प्रदीप अधिकारी, विष्णुराम साहू, रामसिंह राजपूत, सुक्रेन गोटा, सुक्कुराम उइके, पांडेराम सलाम, हरिशंकर देवांगन, दुलारदास, सुमरण दास, डोमेंद्र भूआर्य, प्यारेलाल भोयर उपस्थित थे।

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