कोरोना इफेक्ट / वार्ड सील हाेने के कारण ड्यूटी जाने वालाें काे रही परेशानी

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दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

दल्लीराजहरा. कोरोना के पाॅजिटिव केस अन्य राज्य से आने वाले प्रवासी मजदूर वर्ग से फैल रहा है। नगर में कोरोना पॉजिटिव के दो केस मिलने पर प्रशासन द्वारा वार्ड को पूरी तरह से सील कर दिया गया है। जहां से कोई भी बाहर नहीं निकल सकता और न ही बाहरी व्यक्ति प्रवेश कर सकता है। 
वार्ड क्रमांक 2 बीएसपी क्षेत्र होने के कारण जहां अधिकांशतः बीएसपी व शासकीय अधिकारी व कर्मचारी निवासरत हैं। यहां तक राजहरा व्यवहार न्यायाधीश का क्वार्टर भी इसी वार्ड में है। इस क्षेत्र बीएसपी एम्बुलेंस का भी प्रवेश वर्जित है, जहां पर रोजाना चिकित्सकों को लाना ले जाना पड़ता है। 
इसके बाद यदि अचानक कर्मचारी व परिजनों की तबीयत बिगड़ जाती है तो बीएसपी अस्पताल में काॅल कर एम्बुलेंस बुलाया जाता है जहां एम्बुलेंस के प्रवेश की मनाही है, उनको अस्पताल पहुंचाने की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं किया गया है। इस क्षेत्र में बीएसपी चिकित्सक व ड्राइवर तथा अटेंडेंट निवासरत हैं जाे अपने काम पर नहीं जा पा रहे हैं। बीएसपी अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ जाती है। 
मात्र दो चिकित्सकों के भरोसे पूरा अस्पताल संचालित हो रहा है। जो कि एक चिकित्सक द्वारा दो शिफ्ट में काम लिया जा रहा है। आने-जाने में परेशानी हो रही है। 
एम्बुलेंस के लिए छूट रहेगी: एसडीएम ऋषिकेश तिवारी ने बताया कि किसी की तबियत  खराब होने पर एम्बुलेंस के लिए छूट रहेगी। जिससे मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सके। 
वहीं वार्ड क्रमांक 24 के रैन बसेरा को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया गया
वहीं वार्ड क्रमांक 24 जहां रेन बसेरा को क्वारेंटाइन सेंटर बनाया है। कोरोना पाॅजिटिव केस मिलने से इस इलाके को प्रशासन द्वारा सील कर दिया गया है। आरोग्य अस्पताल जहां पर मरीजों की भर्ती की जाती है सभी भर्ती मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट कर  किया जा रहा है। राजहरा पैथोलॉजी लैब जहां पर पीड़ित व बीमार लोगों का रोजाना सोनोग्राफी, ब्लड, सुगर, यूरीन परीक्षण किया जाता है वह भी बंद कर दिया गया है। नगर का एक मात्र सोनोग्राफी सेंटर राजहरा पैथोलैब में स्थित है जहां पर ग्रामीण अंचल के दूर दराज से कई मरीज सोनोग्राफी कराने  पहुंचते हैं। उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आरोग्य अस्पताल के चिकित्सक अमित तिवारी ने कहा कि पूर्व में जितने मरीज भर्ती थे उन्हें नगर के अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती कर दिया गया है। वर्तमान में अस्पताल पूरी तरह से बंद होने से मरीज इधर- उधर भटक रहे है। इस मार्ग से ही बीएसपी अस्पताल से गंभीर मरीजों को रेफर कर भिलाई सेक्टर 9 ले जाया जाता है लेकिन अब उन्हें लंबी दूरी तय कर जाना पड़ रहा है। वार्ड 1 निवासी भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार माईती ने आरोप लगाते हुए कहा कि माता की तबीयत खराब होने से मौत हो गई। उनकी दाह संस्कार कार्यक्रम व अस्थि विसर्जन के लिए देवरी राणाखुज्जी ले जाना चाह रहे हैं। लेकिन प्रशासन द्वारा  इनकी मंजूरी दी जा रही है।

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