पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

किसानी:धान की खड़ी फसल में माहू कीट के आक्रमण से बालियां टूट रही, हरुना की कटाई अंतिम चरण में

डोंगरगढ़/मुरमुंदा3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • पर्व के पहले हरूना किस्म की मिंजाई हो जाएगी, धान को सुरक्षित स्थानों पर रखना किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है

दीपावली के पूर्व हरूना धान की कटाई व मिंजाई लगभग पूरी हो जाएगी। ब्लॉक में हरूना किस्म की 80 प्रतिशत फसल कट चुकी है। लेकिन खड़ी फसल पर माहू कीट के आक्रमण ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। क्योंकि खड़ी फसल पर माहू कीट नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे फसल में लगी बालियां टूटकर गिर रही है। इससे किसानों को दोहरी मार उठानी पड़ रही है। क्योंकि पहले तेज हवा से खड़ी फसल धराशायी होकर गीली जमीन में ही गिर गई थी। इसके बाद माहू ने दोहरा नुकसान पहुंचाया है। खासकर शिवपुरी, मुरमुंदा, देवकट्टा, कातलवाही, कन्हारगांव क्षेत्र माहू किट से प्रभावित है। शिवपुरी के दिलीप महोबिया, मनोज महोबिया, देवलू साहू, पीलू साहू, जानकी पांडे, सुखचरण पटेल ने बताया कि उनकी खड़ी फसल में माहू किट का प्रभाव पड़ने के बाद लहलहाती फसल में लगी बालियां टूटकर गिरने लगी है। जिससे पैदावार पर सीधा नुकसान होगा। बेमौसम बारिश से खेत गीला है और धान पक कर कटाई के लिए तैयार हो चुकी थी। ऐसे में माहू ने दोबारा नुकसान पहुंचाया है। दशहरा के पूर्व से ही हरूना धान की कटाई शुरू हो चुकी है। वहीं पर्व के पहले हरूना किस्म की मिंजाई भी हो जाएगी। पर्व के बाद माई धान की कटाई होगी। लेकिन 1 दिसंबर से खरीदी शुरू होने के वजह से धान को सुरक्षित स्थानों पर रखना किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है।

नहीं मिल रहे मजदूर, इधर मशीनों की डिमांड बढ़ी
धान कटाई में तेजी आने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों की कमी बनी हुई है। मजदूर नहीं मिलने से परेशान किसान मशीनों की मदद लेकर कटाई व मिंजाई करा रहे हैं। बड़े किसान हार्वेस्टर से ही कटाई व मिंजाई करा रहे हैं तो वहीं मध्यमवर्गीय किसानों को मजदूर नहीं मिलने से स्वयं ही कटाई के लिए जुटना पड़ा है। आधुनिकता के साथ हार्वेस्टर के अलावा थ्रेसर मशीन की डिमांड बढ़ गई है।

अब माह भर पैदावार को सुरक्षित रखना चुनौती
प्रदेश में एक दिसंबर से धान खरीदी शुरू होगी। ब्लॉक में इस बार सात सोसायटी अतिरिक्त बढ़ाया गया है। यानी जो उपकेंद्र थे उन्हें अब पृथक से सोसायटी का दर्जा मिल गया है। इधर धान बेचने के लिए किसान पंजीयन कराने सोसायटी पहुंच रहे हैं। माह भर पैदावार को सुरक्षित रखना किसानों के लिए चुनौती बनी हुई है। वहीं पैदावार को बेचने एक दिसंबर से जद्दोजहद करना पड़ेगा।

खेतों में पराली न जलाएं किसान, गोठानों में करे दान
कृषि विभाग के अफसर इन दिनों गांवों का दौरा करके किसानों को समझाइश दे रहे कि वे हार्वेस्टर से मिंजाई के बाद पराली यानी बचत पैरा को खेतों में न जलाएं। क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरक शक्ति कमजोर तो होती ही है इसके साथ ही इसे जलाने से प्रदूषण भी फैलता है। इसलिए पराली को जलाने की जगह अपने गांव के गोठानों में दान करें ताकि मवेशियों के चारा का काम आए।

रबी फसल की बुआई भी शुरू, कृषि विशेषज्ञ दे रहे सलाह
कटाई के बाद खेतों में किसानों ने रबी फसल की बुआई भी शुरू कर दी है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को संचित नमी के उपयोग रबी फसल जैसे गेहूं, चना, मसूर, सरसों, कुसुम व अलसी की बुआई के लिए अभी अनुकूल समय बता रहे हैं। चने की समय पर बुआई करके विल्ट बीमारी से बचाव किया जा सकता है। एडीओ कृषि बीआर बघेल ने बताया कि सरसों के बीज उपचार के लिए फफूंदनाशी दवा कार्बोक्सिन दो ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से उपचारित करके पंक्ति से पंक्ति 30 सेमी तथा पौधे से 10 सेमी दूरी पर कतार में बुआई कर सकते है।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज आप में काम करने की इच्छा शक्ति कम होगी, परंतु फिर भी जरूरी कामकाज आप समय पर पूरे कर लेंगे। किसी मांगलिक कार्य संबंधी व्यवस्था में आप व्यस्त रह सकते हैं। आपकी छवि में निखार आएगा। आप अपने अच...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser