लापरवाही पड़ेगी भारी / महाराष्ट्र में स्टेशन पर नहीं उतर सकते वहां के यात्री डोंगरगढ़ को बनाया स्टॉपेज, ऑटो व टैक्सी से जा रहे

एफओबी में इस तरह से लगाकर रखा गया है बेरीकेड्स। एफओबी में इस तरह से लगाकर रखा गया है बेरीकेड्स।
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एफओबी में इस तरह से लगाकर रखा गया है बेरीकेड्स।एफओबी में इस तरह से लगाकर रखा गया है बेरीकेड्स।

  • महाराष्ट्र शासन ने लगाई पाबंदी, मुंबई से लेकर गोंदिया तक यात्री चाह कर भी नहीं उतर सकते

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 04:00 AM IST

डोंगरगढ़. देश में कोरोना संक्रमण का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट मुंबई है। ऐसे में महाराष्ट्र शासन ने अपने राज्य के रेलवे स्टेशनों में अपने राज्य के यात्रियों के उतरने पर पाबंदी लगाकर सख्ती की है। यानी मुंबई से लेकर गोंदिया तक यात्री चाह कर भी नहीं उतर सकते। इसलिए छत्तीसगढ़ के पहले स्टेशन डोंगरगढ़ में महाराष्ट्र के यात्रियों के आने का सिलसिला बढ़ गया है। यात्री मुंबई से लेकर डोंगरगढ़ तक रिजर्वेशन कराकर टैक्सी व अन्य साधनों से अपने सफर करने लगे हैं। बाॅर्डर में गाडि़यों की जांच के बावजूद सफर आसानी से कर रहे हैं। 
डोंगरगढ़ के ऑटो चालक ने 21 जून को मुंबई से पहुंचे दो परिवार के 4 लोगों को अपने ऑटो से सालेकसा छोड़ा। यही परिवार के सदस्य जांच के बाद कोरोना पॉजिटिव निकले। इसके बाद गोंदिया जिला प्रशासन ने ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली तो लिंक डोंगरगढ़ से भी जुड़ा। पॉजिटिव परिवार ने मुंबई से सफर शुरू किया था और डोंगरगढ़ में उतरकर ऑटो किया और अपने निवास सालेकसा गए। 

गांव के पास स्टेशन पर उतरने की अनुमति नहीं
महाराष्ट्र से आने वाले यात्री डोंगरगढ़ में उतरकर ऑटो-टैक्सी से वापस अपने राज्य जा रहे हैं। महाराष्ट्र शासन अपने ही राज्य के लोगों को जो मुंबई की ओर से आ रहे उन्हें सीधे अपने गांव के नजदीक स्टेशन पर उतरने की अनुमति नहीं दे रहा है। इसका मुख्य कारण कोरोना संक्रमण को मान रहे हैं। कोरोना का संक्रमण डोंगरगढ़ में बढ़ने की आशंका है।

26 स्टेशन पर मेल का स्टॉपेज, नहीं उतरेंगे लोग
मुंबई-हावड़ा मेल सीएसटी मुंबई से शुरू होती है। डोंगरगढ़ पहुंचने से पहले महाराष्ट्र के 26 स्टेशन पर इस ट्रेन का स्टॉपेज है परंतु कोरोना काल में महाराष्ट्र शासन ने ऐसी पाबंदी लगाई है कि इन स्टेशनों पर यात्री नहीं उतर सकेंगे। मेल का 27 वां स्टॉपेज डोंगरगढ़ है और राज्य बदलने से यहां पर उतरने की सुविधा यात्रियों को मिल रही है। 

डोंगरगढ़ तक रिजर्वेशन कराकर यहां उतर रहे 
महाराष्ट्र शासन ने अपने ही राज्य में यात्रियों के उतरने पर पाबंदी लगाई हुई है। इसी वजह से लोगों ने भी तोड़ निकालते हुए डोंगरगढ़ तक रिजर्वेशन कराकर यहां उतर रहे हैं। 21 जून को ही मुंबई-हावड़ा मेल से डोंगरगढ़ में 21 यात्री उतरे। इनमें 18 मुंबई व तीन यात्री नागपुर से बैठे थे। सभी 21 यात्री महाराष्ट्र के ही निवासी हैं, परंतु वहां के सभी स्टेशनों में सरकार ने उतरने पर पाबंदी लगाई है। 

थर्मल स्क्रीनिंग में 96 से अधिक नहीं गया तापमान
डोंगरगढ़ स्टेशन में उतरने व चढ़ने वाले प्रत्येक यात्री की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। 21 जून को मुंबई मेल से उतरने वाले सभी 21 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई। इसमें अधिकतम तापमान 96 ही गया। जबकि 100 पार होने से संदिग्ध माना जाता है। ऑटो चालक ने जिन चार यात्रियों को सालेकसा छोड़ा। उनमें कोरोना के लक्षण नहीं थे। 

बड़ा सवाल ?... बाॅर्डर पर बिना ई-पास के आवाजाही
मुंबई व नागपुर से सफर करने वाले यात्री डोंगरगढ़ में उतरकर बड़ी आसानी से अपने राज्य लौट भी जा रहे हैं। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार ने बाॅर्डर पर बिना ई-पास के आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। परंतु ऑटो चालक पहले 6 जून व दूसरी बार 21 जून को यात्रियों को सालेकसा छोड़कर लौट आया। यानी बाॅर्डर पर बिना ई-पास के आने-जाने दिया गया। सालेकसा जाने के लिए बोरतलाव बाॅर्डर का उपयोग किया गया है। जबकि बागनदी बाॅर्डर भी महाराष्ट्र सीमा पर है। महाराष्ट्र की गाड़ियां यात्रियों को लेने रोजाना डोंगरगढ़ पहुंच रही है।

तीन ट्रेनों का ही है स्टॉपेज पूरा दबाव डोंगरगढ़ पर ही
रेलवे मुंबई-हावड़ा मेल, जनशताब्दी व पुरी-अहमदाबाद अप व डाउन दोनों दिशा में तीन ट्रेन चला रही है। तीनों ट्रेनें महाराष्ट्र के स्टेशनों से होकर आती है। वहां की पाबंदी के चलते उतरने वाले यात्री डोंगरगढ़ तक रिजर्वेशन करा रहे हैं। इसलिए यहां पर दूसरे राज्यों से आने वाले यात्रियों का दबाव काफी ज्यादा है। महाराष्ट्र के स्टेशनों में चढ़ने दिया जा रहा है, लेकिन उतरने नहीं दिया जा रहा। जबकि छत्तीसगढ़ में इस तरह की नीति नहीं होने से वहां के यात्री फायदा उठाकर उतर रहे हैं और ऑटो-टैक्सी से अपने राज्य लौट भी जा रहे हैं।

यहां उतरने पर पाबंदी नहीं है, ई-पास अनिवार्य: भोई
एसडीएम अविनाश भोई ने बताया कि छत्तीसगढ़ में किसी भी राज्य से आने वाले यात्रियों के उतरने पर पाबंदी नहीं है। इसलिए कैसे किसी भी यात्री को उतरने से रोक सकते हैं। लेकिन डोंगरगढ़ के ऑटो-टैक्सी चालकों को हिदायत दी गई है कि वे महाराष्ट्र के यात्रियों को छोड़ने न जाएं। हमारे राज्य के बाॅर्डर में भी महाराष्ट्र जाने के लिए पाबंदी नहीं है। ई-पास अनिवार्य है।

महाराष्ट्र में स्टॉपेज हाेने के बाद उतरने पर लगी रोक 
ऑटो को कैसे दो बार आने-जाने दिया गया यह जांच का विषय है। इधर रेलवे के कमर्शियल इंस्पेक्टर प्रमोद यादव ने बताया कि रिजर्वेशन सिस्टम में साफ है कि महाराष्ट्र के व्यक्ति अपने ही राज्य में स्टॉपेज होने के बाद भी स्टेशन पर नहीं उतर सकते। इसलिए यात्री डोंगरगढ़ में उतर रहे हैं। महाराष्ट्र शासन ने अपने राज्य में पाबंदी लगाई है।

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