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नया पैटर्न:लर्निंग कम आउट के हिसाब से 9वीं से 12वीं के छात्रों की परखी जाएगी दक्षता

दुर्ग6 दिन पहले
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  • विद्यार्थियों के हिसाब से तैयार किए जा रहे प्रश्नपत्र, 450 लोगों की टीम बनी
  • प्रक्रिया : घर से परीक्षा देकर उत्तीर्ण हुए छात्रों को परखना जरूरी

सरकारी स्कूलों में नवमी और ग्यारहवीं कक्षाएं शुरू करने के बाद अब माध्यमिक शालाओं के विद्यार्थियों की भी दक्षता परखने की तैयारी है। राज्य शैक्षणिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद द्वारा इन कक्षाओं के विद्यार्थियों के हिसाब से प्रश्नपत्र तैयार किए जा रहे हैं।

यह लर्निंग कम आउट पर आधारित रहेंगे। कोरोनाकाल में 15 महीने बंद स्कूलों के खोलने के बाद इस तरह परीक्षा आयोजित कर दक्षता पहली बार परखी जाएगी। जिला शिक्षा विभाग ने परीक्षा की निगरानी के लिए जिला शिक्षा विभाग ने 450 लोगों की टीम बनाई है। इस टीम में संकुल समंवयक, बीआरसी और ब्लॉक शिक्षा कार्यालय स्तर के अधिकािरयों को शामिल किया गया है। प्रश्नपत्र राज्य शैक्षणिक अनुसंधान व प्रशिक्षण परिषद तैयार भेजेगी और मूल्यांकन के बाद मिले अंक राज्य को भेजा जाएगा।

बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए खास तौर पर आयोजित होगी परीक्षा
कोरोना काल की वजह से सरकारी स्कूल लंबे समय तक बंद थे। इससे नवमी, दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई आनलाइन हुई है। नवमी और ग्याहरवीं के विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन मिल गया और दसवीं और बारहवीं बोर्ड के विद्यार्थियों ने घर से लिखकर आंसरशीट जमा किए। नतीजा यह हुआ कि सभी विद्यार्थियों को माध्यमिक शिक्षा मंडल ने उत्तीर्ण घोषित किया है। कुछ विद्यार्थी ही अनुतीर्ण हुए हैं। दक्षता परखना जरूरी समझा गया है।

छात्रों को पढ़ाई में किस तरह का ज्ञान जरूरी, यह भी तय किया
कक्षा नवमी से लेकर बारहवीं तक हर विषयों में एक विद्यार्थी को अध्यापन में क्या आना चाहिए इसे तय लर्निंग कम आउट में तैयार किया गया है। मसलन नवमी के विद्यार्थी को गणित विषय में चार अंकों का गुणा व भाग आना चाहिए। इसी तरह यदि एक छात्र बारहवीं पढ़ रहा है तो गणित में उसे सभी तरह के गुणनफल और दशांक आदि हल कर लें। इसी तरह हिन्दी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, भौतिकी, रसायन व संकायवार विषयों पर लर्निंग कम आउट तय किए गए हैं।

दक्षता परखने के बाद कमजोर बच्चों की अलग से होगी पढ़ाई
दक्षता परखने के लिए आंकलन परीक्षा आयोजित करवाई जाएगी। इस परीक्षा में यदि कोई छात्र अनुतीर्ण होता है तो ऐसे विद्यार्थियों का स्तर उस कक्षा के अनुरूप लाने के लिए अलग से पढ़ाई करवाई जाएगी। जिससे उसे पिछले साल पढ़ाई में हुए नुकसान की भरपाई हो सके। इसके लिए जिला शिक्षा विभाग द्वारा संबंधित विषय के शिक्षकों द्वारा शेड्यूल तैयार करवाया जाएगा।

जिले के 84159 हजार विद्यार्थियों की होगी परख
जिले के 179 हाई व हायर सेकंडरी स्कूलों में 84159 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इन विद्यार्थियों की दक्षता परखी जाएगी। दुर्ग, पाटन और धमधा ब्लॉक के इन स्कूलों में दक्षता परखने के लिए परीक्षा आयोजित करने की तैयारी के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिए हैं।

छात्रों की दक्षता परीक्षा की तैयारी के निर्देश
एससीईआरटी द्वारा पहली से आठवीं तक दक्षता परीक्षा आयोजित करवाई गई है। यह चल रही है। नवमी से लेकर बारहवीं तक के विद्यार्थियों की भी दक्षता परखने की परीक्षा की तैयारी है।
-प्रवास सिंह बघेल, डीईओ, दुर्ग

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