टीकाकरण केंद्रों पर धांधली..:वैक्सीन खत्म होने पर जिनको सेंटर से लौटाया उनका भी टीका लगने का सर्टिफिकेट जारी

भिलाई2 महीने पहले
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  • 15 दिनों में 5 के साथ ऐसा हुआ, वैक्सीन लगवाने अब भटक रहे लोग, वेरिफिकेशन में हो रही है चूक

कोरोना से बचाव के लिए बनाए गए वैक्सीनेशन सेंटरों पर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद जिन लोगों को वैक्सीन खत्म होना बताकर सेंटरों से वापस भेज दिया जा रहा, शाम में उन्हीं के नंबरों पर उन्हें टीका लग जाने का मैसेज पहुंच रहा है। इस तरह की लापरवाही 15 दिनों में जिले के 5 हितग्राहियों के साथ सामने आ चुकी।

23 जुलाई को इस तरह का पहला मामला आया था, तब जिम्मेदार अफसरों ने दोबारा ऐसा न हाेने की बात कही थी, बीते 5 अगस्त को चार लोगों के साथ ऐसा फिर हो गया। बिना टीका लगे उन्हें टीका लगने की सर्टिफिकेट जारी कर दी गई है। पहला मामला दुर्ग के महावीर भवन स्थित वैक्सीनेशन सेंटर में और दूसरा, तीसरा, चौथा व पांचवां मामला भिलाई के चैता मैदान, प्रेमनगर कैंप-1 में सामने आया है। इसमें दो हितग्राही दूसरी डोज और तीन पहली डोज वाले हैं। अब ये टीका लगवाने भटक रहे हैं।

लापरवाही : इन 4 केस से समझिए, व्यवस्था सुधरी नहीं, बदतर हो गई

केस-1: दूसरे डोज के लिए गई फर्स्ट डोज का प्रमाण-पत्र जारी
कैंप-1 की वृंदा नगर की रहने वाली रुपा ने दूसरी डोज के लिए आनलाइन स्लॉट बुक की थी। इन्हें भी चैता मैदान के सेंटर पर सुबह 9 से 11 बजे के बीच का समय मिला था। लेकिन जब उनका नंबर आया तो दूसरी डोज के लिए वैक्सीन खत्म होना बताकर वापस कर दिया गया। शाम में मोबाइल पर देखा कि उन्हें पहला डोज लगने का प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया है।

केस-2: सुबह टीका खत्म हो गया, शाम में सर्टिफिकेट जारी
कैंप-1 निवासी 44 वर्षीय दिनेश जायसवाल ने पहला टीका लगवाने के लिए आनलाइन स्लॉट बुक किया। उन्हें चैता मैदान में बने सेंटर पर सुबह 9 से 11 बजे के बीच बुलाया गया। वे 9 बजे ही सेंटर पहुंच गए, दोपहर 12 बजे इन्हें इंट्री मिली और बताया गया कि उन्होंने पहुंचने में देरी कर दी। वैक्सीन खत्म हो गई, लेकिन शाम में इनके मोबाइल पर वैक्सीन लगने का प्रमाण-पत्र भेज दिया गया। अब टीका लगवाने के लिए फिर कहां जाएं, यह समझ नहीं आ रहा। दूसरे लोगों के साथ भी यही हुआ।

केस-3: टीका नहीं लगा, शाम में मोबाइल पर आ गया सर्टिफिकेट
वृंदा नगर की ही निवासी 41 वर्षीय पुष्पा आंनलाइन मिले स्लॉट अनुसार सुबह 9 बजे ही चैता मैदान के सेंटर पहुंच गई थीं। लंबी लाइन लगने के कारण करीब दोपहर 12 बजे वे वेरिफायर के पास पहुंची, जहां उसे बताया गया कि सेंटर में आई वैक्सीन खत्म हो गई। वैक्सीन नहीं लग सकती, लेकिन शाम में उनके मोबाइल पर भी पहला डोज लगने का प्रमाण-पत्र पहुंच गया। पहले इस तरह केस सिर्फ सुना था, आज खुद के साथ हाे गया। अब टीके का डोज कैसे लगेगा, यह नहीं पता।

केस-4: भीड़ से बचने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया, तो ऐसा हुआ
हेल्थ विभाग और निगम कर्मचारियों की करनी से परेशान होने वालों में 34 वर्षीय पिंकी जायसवाल भी है। सबकी तरह इन्होंने भी भीड़ से बचने के आनलाइन स्लॉट बुक किया था। चैता मैदान केंद्र पर सुबह 9 से 11 बजे के बीच का स्लॉट मिला। वहां पहुंची तो वैक्सीन खत्म होना बताकर वापस कर दिया गया। शाम में पहली खुराक लगने का मैसेज पहुंचा। अब परेशान है कि कैसे वैक्सीन लगेगी। पिंकी का कहना है कि ऑनस्पाट रजिस्ट्रेशन के कारण उनका डोज दूसरे का लगा दिया गया।

इधर.. कोरोना के 5 नए मरीज मिले, 6 मरीज डिस्चार्ज हुए
शनिवार को जिले में कोरोना के 5 नए मरीज मिले हैं। इनके साथ ही पुराने 6 मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। नए मरीजों से जिले में कुल मरीजों की संख्या 96625 हो गई है। इसमें से 94697 मरीजों की रिकवरी और 1792 की मौत के बाद एक्टिव मरीजों की संख्या 136 हो गई है। शनिवार को जिले के किसी भी मरीज की मौत नहीं हुई है। 2677 सैंपलों की जांच की गई है। इधर कोरोना के मामलों काे देखते हुए लोगों से मास्क व दो गज दूरी का पालन करने अपील व सख्ती भी की जा रही। रोजाना टीम जांच के लिए निकल रही।

सीधी बात; डॉ. दिव्या श्रीवास्तव, डीआईओ, दुर्ग
वेरिफायर से चूक हाे रही, चेतावनी दी है

5 लाेगों को टीका लगा ही नहीं और कैसे प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया?
वेरिफायर की चूक के कारण ऐसा हुआ है। सलेक्शन व रि-जेक्शन की एक ही जगह होने से उनसे चूक हो रही है। चेतावनी दी गई है। भविष्य में ऐसा नहीं होगा।

पहला मामला आने पर भी ऐसा ही कहा था, फिर 4 मामले आ गए, क्यों?
ऐसा दोबारा नहीं हो, इसके लिए हम निगम द्वारा दिए जाने वाले वेरिफायर को ट्रेनिंग दे रहे हैं। निगम से भी कहा गया है कि वह बार-बार वेरिफायर ने बदलें।

जिनके साथ ऐसा हुआ, उन्हें अब कैसे टीका लगाया जाएगा?
कर्मियों की चूक के कारण जितनों के साथ ऐसा हुआ है, उन सबको हम टीका लगाएंगे। कोई भी वैक्सीन से वंचित नहीं होगा।

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