राहत की बात:दो साल में 7.7% वायु प्रदूषण हुआ कम इधर त्योहार के बाद सफाई के दावे फेल

दुर्ग25 दिन पहले
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सिविक सेंटर क्षेत्र में दीपावली पर बिजली की खपत ज्यादा आंकी गई। - Dainik Bhaskar
सिविक सेंटर क्षेत्र में दीपावली पर बिजली की खपत ज्यादा आंकी गई।
  • साल 2019 में दिवाली के दिन प्रदूषण 68% था, जो इस साल 60.3% पर पहुंचा

ट्विनसिटी की हवा इस दिवाली पहले की अपेक्षा काफी शुद्ध रही। दो साल पहले 2019 तक जहां शहर की हवा में प्रदूषण की मात्रा 68 फीसदी तक थी, वहीं इस बार घटकर 60.3 प्रतिशत तक पहुंच गई है। बीते दो साल से प्रदूषण का स्तर कम हो रहा है। इस दौरान प्रदूषण में 7.7 प्रतिशत की कमी आई है।

हाईकोर्ट के निर्देश पर इस दिवाली पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने ट्विनसिटी के तीन प्रमुख स्थानों पर वायु प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण का स्तर मापा है। इसमें सिविक सेंटर भिलाई, दुर्ग कोतवाली और 32 बंगाली के पास से इसकी जांच हुई। खास बात रही कि कोरोना का दौर लगभग खत्म होने के बाद भी पटाखे कम चलाए गए। रात 10 बजे तक पटाखे चलाने की सख्ती भी कारगर साबित हुई। एक साल पहले की बात करें तो साल 2020 के मुकाबले वायु प्रदूषण में 2.2 फीसदी कमी आई है। ध्वनि प्रदूषण भी 0.88 प्रतिशत कम हुआ है। इधर ट्विनसिटी में दिवाली के दूसरे व तीसरे दिन सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चौपट रही। कई जोन में तो सफाई कर्मचारी ही गायब रहे।

जानिए, किस तरह हुआ प्रदूषण कम
वर्ष 2020 में दिवाली पर पीएम-10 का स्तर 62.5 फीसदी माइक्रोग्राम मीटर क्यूब था। इस वर्ष 2021 में यह स्तर 60.3 माइक्रोग्राम मीटर क्यूब रहा। इस तरह 2.2 फीसदी की कमी आई है। 2019 के मुकाबले यह 7.7 प्रतिशत है। वहीं पीएम 2.5 का मानक स्तर में 31.9 माइक्रोग्राम मीटर क्यूब, सल्फर डाइऑक्साइड का स्तर 8.8 माइक्रोग्राम मीटर क्यूब और नाइट्रोजन के आक्साइड का स्तर 10.7 माइक्रोग्राम मीटर क्यूब मापा गया है। वाय प्रदूषण को मापने के लिए इन्हीं तीन कणों को शामिल किया जाता है।

15 मेगावाट बिजली की खपत ज्यादा
दिवाली में लोगों ने अपने घरों को खूब रोशन किया। आम दिनों की अपेक्षा इस दिवाली पर 15 मेगावाट बिजली लोगों ने ज्यादा जलाई है। विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक सामान्य दिनों में दुर्ग-भिलाई सहित जिले में 90 मेगावाट बिजली की खपत रोजाना होती है। जो बढ़कर 105 मेगावाट तक चली गई। इस तरह 15 मेगावाट बिजली ज्यादा जलाई गई। खास बात यह रही कि विद्युत की चाकचौबंद व्यवस्था की वजह से किसी भी जगह का ट्रांसफार्मर फेल नहीं हुआ और फ्यूज उड़ने की केवल 56 शिकायतें आई। इस बार व्यवस्था ज्यादा नहीं बिगड़ी।

क्या होना चाहिए ध्वनि का स्तर

  • आवासीय- 65 डिसेबल से ज्यादा नहीं
  • कार्मशियल- 77 डिसेबल से ज्यादा नहीं
  • क्या होना चाहिए वायु का स्तर
  • पीएम- 10 - 100 माइक्रो मीटर क्यूब
  • पीएम-2.5 - 60 माइक्रो मीटर क्यूब
  • सल्फर ऑक्साइड - 80 माइक्रो मीटर क्यूब
  • नाइट्रोजन के ऑक्साइड - 80 माइक्रो मीटर क्यूब

ध्वनि का स्तर: सबसे ज्यादा पटाखे दुर्गकोतवाली क्षेत्र में फूटे। यहां 76.6 डिसेबल ध्वनि प्रदूषण दर्ज किया गया है। इसके बाद सिविक सेंटर क्षेत्र में 71.2 डिसेबल और ध्वनि का स्तर 32 बंगला भिलाई में 62.8 डिसेबल दर्ज किया गया।

लोगों को सड़क पर फेंकना पड़ा कचरा, जलाया भी
त्योहार के बाद ट्विनसिटी में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। शनिवार को कई जगह लोगों ने सफाई नहीं होने से कचरे को जलाया। व्यवसायियों ने दुकान खुलने से पहले खुद ही झाड़ू लगाई। रूआबांधा बाजार, रिसाली मार्केट, दुर्ग के मोती कॉम्पलेक्स, शनिचरी बाजार, समृद्धि बाजार में सफाई कर्मी नहीं पहुंचे। लोगों ने कचरे को आग लगाकर उसका निष्पादन किया। डोर-टू-डोर कचरा भी गैप में उठ रहा।

दुर्ग के मार्केट एरिया में रहा बुरा हाल, सड़कों पर पसरी रही गंदगी
दुर्ग के मार्केट एरिया में सबसे ज्यादा बुरी स्थिति रही। सराफा लाइन, स्टेशन रोड, सदर बाजार रोड, आदर्श नगर, मालवीय नगर, दीपक नगर, गया नगर, शंकर नगर, शक्ति नगर, गंजपारा आदि जाने वाले सड़कों पर कचरा फैला रहा। लोगों को सड़क पर कचरा फेंकना पड़ा। कुछ ने इसे जला भी दिया।

शहर के अंदरुनी इलाकों में नहीं पह़ुंचे सफाईकर्मी, शिकायत हुई
सफाई को लेकर सबसे ज्यादा शिकायत हुडको वार्ड से आ रही है। निगम प्रशासन कहता है कि सफाई कर्मचारी कम आए हैं, इस वजह से दिक्कत हुई है। यहां के दशहरा मैदान इलाके में सफाई कर्मचारियों के डोर टू डोर कचरा एकत्रित नहीं करने आने की वजह लोग मैदान में कचरा फेंकने लग गए।

लोगों में दिखाई जागरूकता
दिवाली पर पटाखे जलाने की वजह से वायु व ध्वनि प्रदूषण हर साल बढ़ जाता है। तीन साल पहले वर्ष 2019 में प्रदूषण 68 प्रतिशत था, जो इस साल 60.3 प्रतिशत रहा। लाेगाें का प्रदूषण के प्रति यह जागरूकता का संकेत है।अनिता सावंत, -रीजनल अफसर, पर्यावरण मंडल दुर्ग

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