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40 से ज्यादा गांवों में खेती शुरू करने की तैयारी:बस्तर का चावल दुर्ग में महकेगा, मधुमेह व कुपोषण दूर करने में भी सहायक

दुर्ग7 दिन पहले
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  • किसानों को बीज व खाद सरकार अनुदान में उपलब्ध कराएगी

बस्तर का मशहूर सुगंधित चावल अब दुर्ग जिले को भी महकाएगा। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यह चावल मधुमेह रोगियों और कुपोषण दूर करने भी सहायक है। इस विशेष किस्म के धान की पैदावारी इस साल जिले के 40 से ज्यादा गांवों में एक साथ शुरू की जा रही है। जिले के 450 एकड़ रकबा में खेती होगी। 100 क्विं. बीज मंगाया गया है।

किसानों को इस तरह मिलेगा इस सुगंधित धान का बीज, जानिए
सुंगधित चावल, मधुराज और फोर्टिफाइड चावल के लिए धान बोने वाले किसानों को सरकार द्वारा 10 हजार रुपए प्रति एकड़ अनुदान भी दिया जाएगा। इस राशि से किसानों की बुआई खर्च 1500 रुपए, 700 रुपए बीज और 300 रुपए जैविक खाद के लिए मिलेगा। इसके अलावा जरूरत के हिसाब से कृषि यंत्र व उपकरण भी दिए जाएंगे। इसके लिए कृषि विभाग में आवेदन जमा किया जा सकता है।

450 किसान एक-एक एकड़ में मॉडल के रूप में इस बीज को बोएंगे
पाटन ब्लॉक के 450 किसानों को एक- एक एकड़ रकबा में ही सुगंधित धान की पैदावारी करवाया जाना है। यह मॉडल के रूप में है इसलिए गांव का चयन रोस्टर के आधार पर कृषि विभाग करवा रहा है। सबसे पहले एक एकड़ वाले किसानों को सुगंधित धान पैदावारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसी तरह मधुराज और फोर्टिफाइड चावल के लिए धान की पैदावारी जिले के कोई भी किसान ले सकता है।

तीनों किस्म के चावल की पैदावार से जिले का किसान होगा समृद्ध
सुगंधित चावल, फोर्टिफाइड चावल और मधुराज चावल का रकबा हर साल बढ़ाया जाना है। तीनों चावल की मार्केट वेल्यू प्रति किलो 50 रुपए से लेकर 80 रुपए तक है। इसलिए किसानों को इसके पैदावारी से ज्यादा आर्थिक लाभ पहुंचेगा और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। फोर्टिफाइड चावल सेंट्रल पूल का चावल में मिलाकर देना अनिवार्य कर दिया है। इसे मिड डे मिल योजना के बच्चों को खिलाया जाएगा।

अन्य किसान भी ले सकते हैं बीज लेकिन उन्हें देना होगा तय शुल्क
सुगंधित चावल, फोर्टिफाइड चावल और मधुराज चावल का प्रमाणित बीज जिला बीज वितरण केंद्र रूआबांधा से वितरण किया जाएगा। सुगंधित चावल प्रति क्विंटल 2500 रुपए, मधुराज 3100 रुपए प्रति क्विंटल और फोर्टिफाइड चावल का प्रमाणित बीज 3000 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से दिया जाएगा। बीज की कीमत किसानों को अनुदान के रूप में मिलेगी। अन्य किसान शुल्क देकर यह बीज ले सकते हैं।

पहली बार जिले में हो रहा ऐसा प्रयोग, किसानों को होगा फायदा
जिले में धान की तीन नई किस्म की पैदावारी शुरू की जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रति एकड़ 10 हजार रुपए तक अनुदान दिया जाएगा। जो पैदावारी होगी उसे बीज के रूप में बीज निगम खरीदेगा। आने वाले साल में रकबा बढ़ेगा। बाजार में भी इसके दाम महंगे हैं, जिसे किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
एसएस राजपूत, उप संचालक कृषि दुर्ग

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