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तीसरी लहर से बच्चों को खतरा:बच्चों के लिए ऑक्सीजन सपोर्ट उपकरण व मेडिकेटेड मास्क जैसी बुनियादी चीजें नहीं

भिलाई24 दिन पहले
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  • एक्सपर्ट्स के मुताबिक दूसरी लहर से यदि 50% तक संक्रमण बढ़ा तो इससे निपटने के लिए हमारे पास अभी कोई तैयारी नहीं, संसाधनों की समस्या आएगी

जिले में कोरोना की संक्रमण दर 2% के करीब पहुंच चुकी है। दूसरी लहर का खतरा कम हो गया है, लेकिन तीसरी लहर की आशंका बनी हुई है। जिला प्रशासन द्वारा इसे लेकर तैयारियां भी की जा रही है। वहीं डब्लूएचओ व आईसीएमआर ने भी इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। इस लेकर दैनिक भास्कर ने विशेषज्ञों से बात की। उनके मुताबिक दूसरी लहर से 50% भी संक्रमण बढ़ा तो जिले में ऑक्सीजन को लेकर एक बार फिर संकट की स्थिति बनना तय है।

जिले में ऑक्सीजन की रोज की प्रोडक्शन क्षमता 50 टन की और दूसरी की फीलिंग क्षमता 5 टन है। दोनों कंपनियां 55 टन ऑक्सीजन की ही आपूर्ति दे सकते हैं। दूसरी लहर के पीक में इन्हीं दोनों कंपनियों ने जिले के सभी कोविड अस्पतालों की ऑक्सीजन सप्लाई की। तीसरी लहर से सबसे ज्यादा बच्चों को खतरा है। 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के इलाज के लिए जरूरी मेडिकेटेड मास्क तक नहीं है। बच्चों के हिसाब से संसाधन भी नहीं हैं।

विशेषज्ञ से जानिए बच्चों के लिए किन-किन मेडिकल इक्यूपमेंट की जरूरत तीसरी लहर में पड़ना तय
एनएवी में सीपीएपी/एचएफएनसी की जरूरत
बच्चों को स्पेशल एनएवी (सीपीएपी/एचएफएनसी) देनी हाेगी। अभी बीआईपीएपी (बाई लेवल पॉजीटिव एयर प्रेशर) का इस्तेमाल हो रहा है। इसकी जगह सीपीएपी (कान्टीनिवस पॉजीटिव एयर-वे प्रेशर) या एचएफएनसी (हाई फ्रिक्वेंसी नेजल कैनुला) की जरूरत होगी।

तीन मोड वाले वेंटिलेटर की जरूरत होगी
तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण बढ़ा तो अति गंभीर बच्चों को सामान्य वेंटिलेटर से नहीं बचाया जा सकेगा। ऐसे बच्चों को ऑक्सीजन सपोर्ट तभी दे पाएंगे, जब वेंटिलेटर में तीनों मोड क्रमश : नियोनेटल, पीडियाट्रिक और एडल्ट मोड होगा। तीनों मोड वाले वेंटिलेटर कम उपयोग होते हैं।
नोट- जैसा कि विशेषज्ञ व सरकारी ट्रेनर डाॅ. संदीप ठूटे ने भास्कर काे बताया।

जानिए तीसरी लहर को लेकर हम कितने तैयार
1- कचांदुर सेंटर काे 24 एचएफएनसी मिले :
तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका को देखते हुए कचांदुर कोविड सेंटर में नया सेटअप तैयार किया जा रहा। 24 एचएफएनसी मंगाए गए हैं। इसे यहां संचालित होने वाले 35 बेडेड पीआईसीयू ऑपरेट करने की तैयारी है।

2- मौजूद 23 वेंटिलेटर में तीनों मोड दिए गए : जुनवानी को सरकारी सेंटर बंद होने के बाद वहां लगे सभी वेंटिलेटर कचांदुर सेंटर में शिफ्ट किया गया है। ज्यादातर वेंटिलेटर में नियोनेटल, पीडियाट्रिक और एडल्ट तीनों मोड दिए गए हैं। दूसरी लहर में सिर्फ एडल्ट मोड में ही उपयोग किया गया।

3- दो बैच की ट्रेनिंग हो गई, तीसरे की तैयारी : स्वास्थ्य विभाग अपने मातहतों को तीसरी लहर की आशंकाओं को देखते हुए ट्रेनिंग दे रहे हैं। विशेषज्ञ डॉ. संदीप ठूटे दो बार ट्रेनिंग का हिस्सा रह चुके हैं।

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