घमासान:15 वें वित्त आयोग से मिले 3.28 करोड़ रुपए के बंटवारे पर विवाद, भाजपा ने किया बहिष्कार

दुर्ग2 महीने पहले
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  • विकास कार्यों के लिए राशि आवंटित करने में बीजेपी ने लगाया पक्षपात का आरोप

जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक में बुधवार को सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य आपस में भिड़ गए। खास बात ये रही कि पदेन सदस्य सांसद विजय बघेल भी पहली बार इस सामान्य सभा की बैठक में पहुंचे। जैसे ही बैठक में पालन प्रतिवेदन पेश किया गया और उसमें 15वें वित्त आयोग के 3.28 कराेड़ रुपए का जिक्र नहीं हुआ तो सांसद ने आपत्ति जताई।

वहीं सांसद व भाजपा सदस्यों ने कांग्रेस समर्थित सदस्यों के क्षेत्रों में कार्य कराने ज्यादा पैसे देने का आरोप लगाया। उन्होंने जिला पंचायत अध्यक्ष शालिनी यादव से आयोग से मिली राशि को केंद्र सरकार का बताते हुए राशि सभी सदस्यों में बराबर बांटने पर जोर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष ने राशि का आवंटन पूर्व में हुई सामान्य सभा में अनुमोदित होने का हवाला देते हुए अपना पल्ला झाड़ लिया। इस से नाखुश होकर सांसद सहित पांचों भाजपा सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया। उधर भाजपा सदस्यों की गैरमौजूदगी में बैठक में एजेंडे पर चर्चा भी पूरी कर ली गई।

कलेक्टर से शिकायत के बाद रूका था मामला
सांसद विजय बघेल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन सहित अन्य सदस्यों ने इस मामले की शिकायत कलेक्टर से की है। कलेक्टर ने सीईओ से इस मामले की पूरी जानकारी मांगी थी। इधर बुधवार की बैठक में 15वें वित्त आयोग की राशि को लेकर सत्ता पक्ष किसी तरह की चर्चा नहीं करने के मूड में था लेकिन सांसद बघेल के पहुंचने से विपक्षी सदस्यों ने तेवर दिखाएं।

जानिए भाजपा-कांग्रेस में विवाद की असली वजह
15वें वित्त आयोग की राशि को लेकर विवाद का सिलसिला एक महीने पहले ही शुरू हुआ था, जिसमें विपक्षी सदस्यों ने भी 27-27 लाख रुपए के कार्य का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी भी दे दी गई। बाद में इस राशि का क्षेत्र के हिसाब से बंटवारा करने का निर्णय ले लिया गया, जिसकी वजह से विपक्षी सदस्यों के कई क्षेत्र छूट गए, जिससे विवाद बढ़ गया।

सदस्यों में इस तरह बढ़ा राशि के बंंटवारे का विवाद
सांसद ने अध्यक्ष शालिनी यादव से कहा कि वे बड़े भाई होने के नाते और जिले के विकास के लिए निवेदन करते हैं कि वित्त आयोग का पैसा सभी सदस्यों के क्षेत्रों में विकास के लिए दिया जाए। धमधा के सदस्य शमशीर कुरैशी ने कहा कि एजेंडे पर चर्चा होनी चाहिए। इस पर सामान्य प्रशासन समिति ने अनुमोदन कर लिया है। इस पर विरोध शुरू हुआ।

स्प्रेयर वितरण में भर्राशाही
सत्ता पक्ष के सदस्यों ने कृषि विभाग के अफसरों पर किसानों को वितरित किए गए स्प्रेयर मशीन में भर्राशाही करने की बात कही। उन्होंने कहा कि दुर्ग, पाटन और धमधा के कई जरूरतमंद किसान इस लाभ से वंचित हैं। अफसरों से अगली बैठक में जानकारी मांगी गई है।

डॉक्टरों की गैरहाजिरी
जिपं अध्यक्ष शालिनी यादव ने जिला अस्पताल में जनप्रतिनिधियों के फोन नहीं उठाने पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि डाॅक्टर ड्यूटी से गायब रहते हैं। जिसकी वजह से उतई क्षेत्र के एक जच्चा-बच्चा को इलाज के लिए भटकना पड़ा।

स्कूलों में नियुक्ति के बाद भी ज्चाइनिंग नहीं
जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू ने बैठक में स्कूलों में नई नियुक्ति के बाद भी शिक्षकों को ज्वाइनिंग नहीं देने का मुद्दा रखा। उन्होंने कहा कि वेटिंग लिस्ट वालों को मौका दिया जाए। ताकि बच्चों को पढ़ाई का नुकसान न उठाना पड़े।

अवैध खनन पर घिरे अफसर
पीएचई मंत्री प्रतिनिधि जयंत देशमुख ने अवैध रेत और मुरम खनन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि चैनमाउंट से बिना शासन की अनुमति रातों-रात उत्खनन हो रहा है जिसे रोका नहीं जा रहा है।

दुर्ग ग्रामीण, धमधा में बने
योगिता चंद्राकर ने कहा कि महिला बाल विकास विभाग ने पाटन की आंगनबाड़ियों को नंदघर बनाकर सुविधाएं दी हैं। वैसे ही दुर्ग ग्रामीण, धमधा क्षेत्र की आंगनबाड़ियों में सुविधाएं दी जाएं।

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