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रिकॉर्ड:कोरोना के बावजूद 20 साल में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री, रेवेन्यू पिछले साल से 61% अधिक

दुर्ग3 महीने पहले
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पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने लोग 21 दिन बाद पहुंच रहे हैं फिर भी कार्यालय छोटा होने की वजह से इस तरह भीड़ हो गई है। मंगलवार को भी तरह लोगों की काफी भीड़ दिखी। - Dainik Bhaskar
पंजीयन कार्यालय में रजिस्ट्री करवाने लोग 21 दिन बाद पहुंच रहे हैं फिर भी कार्यालय छोटा होने की वजह से इस तरह भीड़ हो गई है। मंगलवार को भी तरह लोगों की काफी भीड़ दिखी।
  • जिले में जमीन का सरकारी रेट 30 प्रतिशत कम करने के बाद भी 213 करोड़ कमाए

कोरोनाकाल में जिले में जमकर जमीनों की खरीदी-बिक्री हुई। छत्तीसगढ़ बनने के बाद पहला मौका ऐसा रहा, जब पिछले साल की तुलना में इस साल रजिस्ट्री के राजस्व अर्जित करने का ग्रोथ 61 प्रतिशत के करीब रहा। पिछले साल सरकार ने कोरोनाकाल को देखते हुए जमीन के सरकारी दरों में 30 प्रतिशत की कमी की। इसके बाद से लोगों में जमीन खरीदी-बिक्री को लेकर सक्रियता बढ़ गई।

मई 2021 तक 290.74 करोड़ का राजस्व मिला है। पिछले साल मई 2020 की स्थिति में 180.15 करोड़ रजिस्ट्री से मिले थे। इस तरह मई 2021 तक 110.59 करोड़ ज्यादा राजस्व मिला है। वर्ष 2000-01 को छत्तीसगढ़ राज्य के रूप में अस्तित्व में आया। इसके बाद से अब तक में यह सबसे बड़ी ग्रोथ है। वर्ष 2000-01 में 28,708 रजिस्ट्रियां हुई थी, जिससे करीब 20 करोड़ का राजस्व मिला था।

इसके बाद से लगातार राजस्व में बढ़ोत्तरी जारी है, लेकिन ऐसी बढ़ोत्तरी अब तक नहीं देखी गई। पिछले साल कोरोना काल की शुरुआत होने के दौरान शासन द्वारा सरकारी जमीन के बाजार मूल्य में 30 फीसदी कमी करने से लोगों का प्रॉपर्टी निवेश की ओर रुझान बढ़ने लगा। इसके चलते पिछले साल से शुरू हुई खरीदी-बिक्री की तेजी में इस वर्ष गत वर्ष की तलना में काफी इजाफा हुआ है।

एक साल में इस तरह राजस्व बढ़ा

  • वर्ष 2019-20 में कुल राजस्व- 290.74 करोड़ रुपए
  • वर्ष 2020-21 में कुल आय- 180.15 करोड़
  • अंतर- 110.59 करोड़ (61 %)
  • वर्ष 2000-01 में सबसे ज्यादा रजिस्ट्री इससे पहले वर्ष में सबसे ज्यादा 28708 लोगों ने रजिस्ट्री कराई थी। '

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इन इलाकों में 70 प्रतिशत से ज्यादा निवेश किए गए
लोगों ने दुर्ग, भिलाई, रिसाली, अहिवारा, जामुल, भिलाई तीन, उतई, उमरपोटी, पुलगांव और इसके आसपास के इलाके में बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी। यहां नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं। मुख्यमंत्री के क्षेत्र पाटन केे राजधानी रायपुर से जुड़े क्षेत्रों में भी जमकर जमीनों की खरीदी-बिक्री हुई है। अंजोरा से थनौद, अंडा, उतई, पाटन के रास्ते सिक्सलेन बनना है। अधिग्रहित जमीन के पास की भी जमीनों की खरीदी-बिक्री की गई है।

दुर्ग ब्लॉक में सबसे ज्यादा की गई खरीदी और बिक्री
दुर्ग ब्लॉक में वर्ष 2020-21 में अप्रैल 2021 तक 172.87 करोड़ की प्रॉपर्टी खरीदी-बिक्री की गई। उसके बाद पाटन ब्लॉक के ग्रामीणों ने जमीन पर पैसे निवेश करने में दिलचस्पी दिखाई। यहां भी अप्रैल 2021 तक 27.97 करोड़़ की संपत्ति की खरीदी-बिक्री हुई है। धमधा ब्लॉक में 12.86 करोड़ की जमीन की खरीदी और बिक्री हुई।

30 प्रतिशत रेट घटने पर निवेश के लिए आए लोग
पिछले साल प्रदेश सरकार ने सरकारी जमीन के बाजार मूल्य में 30 प्रतिशत कमी की। इसलिए कोरोनाकाल में भी लोगों ने इतने ज्यादा निवेश जमीन की खरीदी-बिक्री में किया। राज्य बनने के बाद सबसे ज्यादा रेवेन्यू इस साल हमने जिले से जनरेट किया।
-कुमार भुआर्य, रजिस्ट्रार दुर्ग

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