धान खरीदी:प्लास्टिक की बोरियों में धान बेचने पहुंचे किसान, शासन ने बारदानों की कीमत बढ़ाई, अब किसानों को मिलेंगे 25 रु.

दुर्ग6 महीने पहले
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धान उपार्जन केंद्रों में प्लास्टिक की बोरियों में धान लेकर पहुंचे किसान। - Dainik Bhaskar
धान उपार्जन केंद्रों में प्लास्टिक की बोरियों में धान लेकर पहुंचे किसान।

बारदाना संकट के बीच जिले के 94 उपार्जन केंद्रों से बुधवार को धान खरीदी की शुरूआत हुई। पहले दिन जिले के 1629 किसानों से 66101 क्विंटल धान खरीदी गई। पहले दिन की खरीदी में पिछले साल से 2968 क्विंटल कम धान आया। वर्ष 2020 में इस दिन 69389 क्विंटल धान खरीदी गई थी। पहले ही दिन 90 प्रतिशत किसान प्लास्टिक के बारदाने से धान बेचने पहुंचे और उसे वापस ले गए। किसानों के पास से बारदानें नहीं आता देख शासन ने बुधवार शाम को ही किसानों के बारदाने के रेट 18 से बढ़ाकर 25 रु. कर दिए। कलेक्टर भुरे व जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष जवाहर वर्मा ने उपार्जन केंद्रों का दौरा किया और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

पहले दिन धान बेचने के मामले में रौंदा रहा प्रथम
जिले में सबसे ज्यादा धान खरीदी रौंदा उपाार्जन केंद्र में हुई है। यहां 1902.40 क्विंटल धान खरीदी की गई। दूसरे नंबर में 1543.60 क्विंटल नारधा, तीसरा कोडि़या 1457.60 क्विंटल रहा।

बुधवार को सबसे कम धान खरीदी दनिया में
सबसे कम धान खरीदी दनिया उपार्जन केंद्र में हुई। इस केंद्र में 67.20 क्विंटल धान बिकी। हिरेतरा उपार्जन केंद्र में 142.80 क्विंटल व ननकट्‌ठी में 146 क्विंटल धान खरीदी हुई।

बारदाना संकट की तकलीफ धान खरीदी में साफ दिखी

किसानों के पास जूट के नहीं बारदानें: सेलूद धान खरीदी केंद्र में दोपहर 1.20 बजे जब पहुंचे, तब तक 2380 बोरे धान की खरीदी हो गई थी। यहां 23 किसान धान लेकर आए थे लेकिन एक भी किसान के पास जूट का बारदाना नहीं था।

फटे पुराने बारदानों में पैरा डालकर तौलाई: फुंडा उपार्जन केंद्र में दोपहर 2 बजे पहुंचे। यहां इलेक्ट्रॉनिक कांटा नहीं था। तराजू और बॉट से किसानों का धान तौला गया। यहां मार्कफेड द्वारा पीडीएस और मिलरों के पुराने बारदाने से खरीदी की गई।

सीसीटीवी कैमरे से धान खरीदी पर नजर
उतई उपार्जन केंद्र दोपहर 3.30 बजे। यहां धान खरीदी पर नजर रखने के लिए ने विशेष पहल दिखाई दी। यहां धान की सुरक्षा व किसानों की शिकायतों का समाधान करने व्यवस्था की गई। अब निगरानी में होगी खरीदी।

17 प्रतिशत से ज्यादा नमी होने पर धान हुए रिजेक्ट
21 व 23 नवंबर को हुई बारिश का असर धान खरीदी पर साफतौर पर दिखाई देने लगा है। 17 प्रतिशत से ज्यादा नमी मिल रही है। निर्देश के हिसाब से ये धान रिजेक्ट किए जा रहे हैं। जिसका किसानों ने िवरोध किया।

इस साल 90 की बजाय 94 केंद्रों में होगी खरीदी
पिछले साल जिले में 90 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी हुई थी। इस बार चार नए केंद्रों में पहली बार धान खरीदी खरीदी हुई। इनमें कुगदा, दारगांव, दनिया और घुघवा शामिल हैं। सुविधा बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया।

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