इन वजहों से याद किया जाएगा ये नगरीय निकाय चुनाव:कांग्रेस और भाजपा में अनुशासनहीनता चुनाव में चला अपनों को हराने का खेल

दुर्ग16 दिन पहले
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प्रदेश के 15 निकायों में पिछले दिनों वार्ड चुनाव हुए। इसमें अधिकांश जगहों पर कांग्रेस के मेयर, अध्यक्ष, सभापति और उपाध्यक्ष चुनकर आए। इन सबके बीच दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों में बिना किसी डर के अनुशासनहीनता की परिपाटी शुरू हो गई है। अपनों को ही कुर्सी से गिराने और हराने का खेल शुरू हो गया है।

इस बार हुए वार्ड चुनाव में कुछ ऐसा ही देखने को मिला। सबसे चर्चित चुनाव बैकुंठपुर पालिका का रहा। 20 वार्डों वाली पालिका में कांग्रेस के 11 पार्षद जीतकर आए, लेकिन अध्यक्ष बीजेपी से आने वाली नवीता शिवहरे बन गईं। उपाध्यक्ष आशीष यादव जरूर कांग्रेस के हैं। इसी प्रकार मुंगेली चुनाव भी दिलचस्प रहा। 22 वार्डों वाली पालिका में बीजेपी के 11 पार्षद थे, लेकिन अध्यक्ष कांग्रेस का बन गया। बीजेपी के प्रत्याशी को सिर्फ 5 वोट पड़े। इसके अलावा दुर्ग जिले के रिसाली और भिलाई में भी क्रॉस वोटिंग हुई। खबर यहां तक है कि बीजेपी के बनाए गए प्रत्याशी ने तक क्रॉस वोटिंग कर दी। हालांकि बाद में उन्होंने इस तरह की किसी भी बात से इंकार कर दिया।

जानिए उन निकायों के बारे में जहां क्रॉस वोटिंग हुई

मुंगेली नगर पालिका परिषद
22 वार्डों वाली पालिका में भाजपा के 11 और कांग्रेस के 9 पार्षद जीतकर आए। 2 निर्दलीय भी चुनाव जीतने में सफल रहे। इन निर्दलीयों में एक-एक कांग्रेस में शामिल हो गए। वोटिंग के आधार पर भाजपा के संतूलाल सोनकर अध्यक्ष बने। संख्या में ज्यादा होने के बाद भी बीजेपी को हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस के हेमेन्द्र गोस्वामी 13 वोट पाकर अध्यक्ष चुने गए। बीजेपी प्रत्याशी को 5 वोट मिले।

बैकुंठपुर में बीजेपी ने जीत हासिल की
20 वार्डों वाले बैकुंठपुर पालिका में कांग्रेस के 11, बीजेपी के 7 और निर्दलीय 2 जीतकर आए। वोटिंग के बाद कांग्रेस-भाजपा के प्रत्याशियों को 10-10 वोट मिले। कांग्रेस के पार्षद ने क्रॉस वोटिंग की। पर्ची के आधार पर बीजेपी की नविता शिवहरे अध्यक्ष चुनीं गईं। उपाध्यक्ष कांग्रेस के आशीष यादव चुने गए। उन्हें 20 में से 12 वोट मिले। 8 वोट बीजेपी प्रत्याशी को मिले। इस प्रकार संख्या बल में अधिक होने के बाद भी कांग्रेस को सीट गंवानी पड़ी।

रिसाली में बीजेपी के पार्षदों ने की क्रॉस वोटिंग
दुर्ग जिले के 40 वार्डों वाले रिसाली निगम में बीजेपी के पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। यहां कांग्रेस के 21 पार्षद जीतकर आए। 6 निर्दलीय ने समर्थन दिया। संख्या बल में 27 पार्षद थे। भाजपा के 12 पार्षद चुनाव जीतकर आएं। सिर्फ एक निर्दलीय सुनंदा चंद्राकर अलग थीं। कांग्रेस की शशि सिन्हा को 27, बीजेपी प्रत्याशी रमा साहू को 9 वोट मिले। सुनंदा को 4 वोट पड़े। बीजेपी के पार्षदों ने निर्दलीय में क्रॉस वोटिंग की।

भिलाई में भी 2 बीजेपी पार्षदों ने की क्रॉस वोटिंग
70 वार्डों वाले भिलाई निगम में कांग्रेस के मेयर और सभापति प्रत्याशी को 44-44 वोट मिले। भाजपा के हारे प्रत्याशी महेश वर्मा और श्याम सुंदर राव को 22-22 वोट मिले। बीजेपी के 2 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग की। इधर निर्दलीय के रूप में योगेश साहू ने मेयर और अनिता साहू ने सभापति के लिए नामांकन भरा। उन्हें 4-4 वोट पड़े। भिलाई में नीरज पाल महापौर और गिरवर साहू सभापति बने।

खैरागढ़ में भी कांग्रेस-भाजपा में क्रॉस वोटिंग
खैरागढ़ में भी क्रॉस वोटिंग हुई। 20 वार्डों वाली पालिका कांग्रेस और भाजपा से 10-10 पार्षद चुनकर आए हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक पार्टियों ने अपने प्रत्याशी उतारे। इस बीच दोनों ही पार्टियों में दो-दो पार्षदों के क्रॉस वोटिंग की खबर है। इसके चलते आंकड़े समान रह गए। बाद में लॉटरी के जरिए अध्यक्ष के रूप में शैलेंद्र वर्मा और उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान को चुना गया।