तारीख पर तारीख:कुम्हारी फ्लाई ओवर ब्रिज छोटे वाहनों के लिए 15 अक्टूबर से नहीं हो पाएगा शुरू, क्योंकि.. सड़क का बेस ही तैयार नहीं

दुर्ग15 दिन पहले
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कुम्हरी फ्लाई ओवर में फिलहाल मुरुम का बेस डालने का काम ही नहीं हो पाया है। - Dainik Bhaskar
कुम्हरी फ्लाई ओवर में फिलहाल मुरुम का बेस डालने का काम ही नहीं हो पाया है।
  • 23 सितंबर को सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने किया था निरीक्षण

नेहरूनगर भिलाई से टाटीबंध रायपुर तक करीब 24 किलोमीटर में 350 करोड़ रुपए की लागत से 4 फ्लाई ओवर तैयार किए जा रहे हैं। यह निर्माणाधीन फ्लाई ओवर मार्ग से गुजरने वालों के लिए आफत बने हुए हैं। सर्विस लेन व अन्य वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने की वजह से आए दिन मार्ग पर हादसे हो रहे हैं। लोगों को 40 मिनट का सफर तय करने में ढाई घंटे तक का समय लग रहा है। सबसे अधिक परेशानी कुम्हारी फ्लाई ओवर के आसपास सामने आई।

इसे देखते हुए प्रशासन ने 15 अक्टूबर से इस फ्लाई ओवर को एक तरफ से छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए 15 अक्टूबर की डेड लाइन तय की है। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने पड़ताल की। इसमें मौके में देखने में आया कि अब तक सड़क का बेस ही तैयार नहीं हुआ है। सिर्फ मुरुम बिछाने का ही काम हुआ है, वह भी अधूरा है। इसके अलावा कई अन्य छोटे-बड़े तकनीकी कार्य भी अधूरे हैं, जिससे निर्धारित समय में मार्ग पर आवाजाही शुरू होना मुश्किल नजर आया। इधर दुर्ग में अमृत मिशन के कार्यों की लेटलतीफी से भी पूरा शहर परेशान है। तीन बार तारीख दी जा चुकी है, काम पूरा नहीं हुआ है।

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मुरुम डाल रहे लेकिन रोलर नहीं चल पाया
फ्लाई ओवर ब्रिज के दोनों किनारे पर मुरुम डाला गया है। पिछले दिनों हुई बारिश की वजह से यह गीली है। इसकी रोलिंग नहीं हो पा रही। रोलिंग होने के बाद ही मुरुम सख्त होगी तो आगे काम बढ़ पाएगा। फिर इसके ऊपर डामरीकरण की प्रक्रिया शुरू होनी है। रोलर नहीं चल पाया है।

एक्सटेंशन ज्वाइंट का काम गुरुवार से शुरू हुआ
फ्लाई ओवर ब्रिज एक पिलर से दूसरे पिलर के बीच एक्सटेंशन ज्वाइंट को जोड़ने का काम अब तक नहीं हो पाया है। इन पिलरों के बीच एक्सटेंशन ज्वाइंट का काम होना है। इस पर अभी लोहे का ग्रिल बांधने का काम चल रहा है। उसके बाद सीमेंटीकरण होना है फिर डामर बिछाई जानी है।

डामरीकरण का काम अब तक शुरू नहीं हुआ
ब्रिज के दोनों तरफ डामरीकरण का काम होना है। इसके पहले इसका बेस बनाने का काम होना है। यह काम भी अभी चल रहा है। बेस बनने के बाद डामरीकरण में अधिकतम 5 दिन लगने है। बेस तैयार करने में ही 5 दिन और लगेंगे। इस प्रकार अब भी कई काम बाकी हैं।

लोहे का गर्डर लगा है लेकिन बाउंड्री नहीं बनी
ब्रिज के ऊपर लोहे का गर्डर लगाया गया है। लेकिन बाउंड्री नहीं बन पाई है। केवल पत्थर ही लगाए गए हैं। दोनों ओर एप्रोच रोड के गड्ढे भी नहीं भर पाए हैं। इस कार्य के बिना लोगों की आवाजाही में खतरा बना रहेगा। इसे देखते हुए इसका काम शुरू किया गया है।

23 सितंबर व 5 अक्टूबर को प्रमुख सचिव परदेशी ने जल्द पूरा करने कहा
22 सितंबर को कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने निरीक्षण किया। 23 सितंबर को लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी व कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने मार्ग का निरीक्षण किया था। 15 अक्टूबर को छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए शुरू किया जाना तय किया गया। इसके अलावा 15 नवंबर तक कुम्हारी फ्लाई ओवर का निर्माण पूर्ण करने की बात कही गई। इसके बाद से कलेक्टर 24, 25, 26, 29 व 30 सितंबर को कार्यों की नियमित समीक्षा कर चुके हैं। 28 सितंबर को डॉ. भुरे ने निरीक्षण किया। 5 अक्टूबर को पुन: परदेशी भी निरीक्षण को पहुंचे थे।

15 तक आवाजाही शुरू करने का प्रयास जारी
हमारा प्रयास तय तिथि 15 अक्टूबर तक दोपहिया और कार वाहनों को फ्लाई ओवर ब्रिज से आवाजाही शुरू करने का है। तीन दिनों से हो रही बारिश की वजह से कंस्ट्रक्शन वर्क प्रभावित हुआ है। फिर भी दिन रात इसमें जुटे हुए हैं।
-गोविंद अहिरवार, ओएसडी, एनएचएआई दुर्ग

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