दुर्ग में आज से सभी स्कूल बंद:ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं, जिले में नाइट कर्फ्यू भी; होटल-रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी रात 11 बजे तक खुल सकेंगे

दुर्ग10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
कोरोना को लेकर लगी पाबंदियां - Dainik Bhaskar
कोरोना को लेकर लगी पाबंदियां

दुर्ग जिले में कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लगातार दो दिनों से 200 और 300 का आंकड़ा पहुंचने पर जिला प्रशासन ने कई कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर दुर्ग डॉ. एसएन भुरे ने जिले में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही राज्य स्तर से लिए गए फैसले के बाद 7 जनवरी से सभी स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। केंद्रीय जेल दुर्ग में जेल डीजी के आदेश के बाद बंदियों से मुलाकात पर रोक लगा दी गई है।

दुर्ग जिले में 5 जनवरी को जहां 196 तो अगले दिन 7 जनवरी को 293 कोरोना संक्रमित केस मिले हैं। दिन पर दिन कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए कलेक्टर दुर्ग ने गुरुवार को एक आवश्यक बैठक बुलाई और उसके बाद कई कड़े नियम लागू कर दिए। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के मुताबिक जिले में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू किया गया है।

इसके साथ ही 7 जनवरी से जिले के सभी स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र, लाइब्रेरी, स्विमिंग पूल बंद रहेगें। वैक्सीनेशन कार्य हेतु वर्ष 15 से 18 आयु वर्ग के बच्चों को स्कूल परिसर में कोविड गाइडलाइन एवं फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बुलाया सकता है। कक्षाओं का संचालन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है। लोग ऐसे में घर से बाहर अधिक न निकलें और वन्य प्राणी भी सुरक्षित रहें, इसे देखते हुए मैत्रीबाग को भी बंद करने का आदेश जारी किया गया है।

जिले में धारा 144 लागू है। इसके तहत कई चीजों पर प्रतिबंध लगाया गया है, लेकिन कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए थोक व्यापार, सब्जी मंडी, लोडिंग अनलोडिंग की अनुमति दी गई हैं। पेट्रोल पंप, दवाई दुकान, दवाई की डिलीवरी, एम्बुलेंस प्रतिबंध से छूट मुक्त रहेंगे। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, बेकरी आइटम, फूड कोर्ट एवं अन्य खाद्य संबंधी प्रतिष्ठान रात 11 बजे के बाद बंद हो जाएंगे। फूड की होम डिलीवरी रात 11 बजे तक रहेगी।

सभी प्रकार के धरना प्रदर्शन रैली पर रोक

दुर्ग जिले में सभी प्रकार के धरना, रैली जुलूस, सार्वजनिक व सामाजिक कार्यक्रम (विवाह एवं अन्त्येष्टि को छोड़कर) सांस्कृतिक धार्मिक कार्यक्रम खेलकूद, मेला मंडाई अथवा अन्य किसी प्रकार के सामूहिक कार्यक्रम आयोजित किया जाना प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी कार्यक्रम स्थल पर उसकी क्षमता का एक तिहाई लोगों को ही अनुमति होगी। 100 उससे अधिक लोगों के आने पर कार्यक्रम से एक दिन पहले निकटतम थाना, जोन कार्यालय, नगरीय निकाय को सूचित कर अनुमित लेनी होगी।