अच्छी पहल:जिले में शुरू होगी सियान जनशाला, यहां बच्चे लेंगे संस्कारों की शिक्षा

दुर्ग2 महीने पहले
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अब बच्चाें से लेकर युवा पीढ़ी तक दादा-दादी, नाना-नानी के किस्से सुन पाएंगी। उनके जीवन से जुड़ी राेचक बातें, अनुभवाें का लाभ ले पाएंगे। इसके लिए दुर्ग जिले में सियान जनशाला लगाई जाएगी। यानी बुजुर्गों का एक ऐसा स्कूल जहां बच्चों को उनके अनुभव से इस संघर्षपूर्ण जीवन में हौसले के साथ आगे बढ़ने का ज्ञान मिलेगा। यह जनशाला इसी महीने से पाटन से शुरू होगी, जिसमें स्कूली बच्चों से लेकर युवा तक शामिल हो सकेंगे। शहरों में इसका संचालन सियान सदन और गांवों में पंचायत भवन या चौपाल जैसी जगहों पर होगा।

राेज शाम 4 से 5 बजे के बीच बुजुर्ग चौपाल में बच्चों से मिलेंगे
जनशाला जिला शिक्षा विभाग शुरू करवा रहा है, जिसमें गांव और शहरों के वरिष्ठ नागरिकों से बच्चे हर दिन रूबरू होंगे। जीवन के किस्से सुनेंगे। अनुभव से सीखेंगे। अपनी तरह का यह पहला नवाचार जिले में होगा। हर दिन शाम 4 से 5 बजे तक बुजुर्गों से बच्चे मिलेंगे।

जो ज्ञान बच्चे किताबों से नहीं सीख सकते, वो उन्हें मिल पाएगा
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने बताया कि गांव के बुजुर्ग भले पढ़े लिखे हों या न हो, उनके अनुभव की वजह से वे आदरणीय हैं,इनसे ज्ञान लेना चाहिए। नवाचार से बच्चे ऐसा परंपरागत ज्ञान ले सकेंगे जो किताबों में नहीं मिलती, लेकिन पीढ़ी दर पीढ़ी स्थानांतरित होती है।

प्राइमरी के बच्चों के लिए लर्निंग कार्नर व लाइब्रेरी भी शुरू होगी
पढ़ाई के साथ ही सीखने को फोकस करते हुए उत्थान का नवाचार आरंभ किया जाएगा। इसमें प्राथमिक शाला के बच्चों के लिए लर्निंग कार्नर और पुस्तकालय बनाए जाएंगे। उनमें रीडिंग हैबिट विकसित करने चित्रमय पुस्तकें लाइब्रेरी में रखी जाएंगी ताकि बच्चों आकर्षित हों।

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