आजादी का अमृतवर्ष, एक गांव और ट्रेन:कोंडागांव के इन बच्चों ने रेल देखी ही नहीं, दुर्ग में खेल प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे तो कहा-हमने केवल तस्वीरों में इसे देखा

दुर्ग/कोंडागांव4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
ट्रेन में बैठने के दौरान रेलवे के अधिकारियों ने बच्चों को ट्रेन से संबंधित बेसिक जानकारी भी दी। - Dainik Bhaskar
ट्रेन में बैठने के दौरान रेलवे के अधिकारियों ने बच्चों को ट्रेन से संबंधित बेसिक जानकारी भी दी।

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस खेल प्रतियोगिता में कोंडागांव जिले के नक्सल प्रभावित इलाके के 2 दर्जन से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया और कई गोल्ड मेडल भी जीते। इस दौरान जब कलेक्टर ने बच्चों से पूछा कि, आप लोगों का सपना क्या है? तो सभी ने एक स्वर में जवाब देते हुए कहा हमने केवल तस्वीरों में ट्रेन देखी है। ट्रेन में बैठने का हमारा सपना है, इसमें बैठ कर हम सफर का आनंद लेना चाहते हैं।

बच्चों की इस बात को सुन कलेक्टर एसएन भूरे ने सभी को ट्रेन का सफर करवा कर इनका सपना पूरा किया है। वहीं जब इसकी खबर जिले के SP बीएन मीणा को मिली तो वो भी सीधे बच्चों से मिलने रेलवे स्टेशन पहुंच गए। कलेक्टर और SP ने खुद बच्चों को ट्रेन में बिठाया। कई बच्चे ट्रेन की खिड़की की तरफ वाली सीट में बैठ कर सफर का आनंद लेते नजर आए। लगभग 40 बच्चों को दुर्ग से मरौदा तक का सफर कराया गया। ट्रेन में बैठे कोंडागांव के बच्चे बस्तर का पारंपरिक लोक गीत गाते हुए भी नजर आए।

बस्तर के 24 से ज्यादा बच्चे ट्रेन में सफर करने के लिए इंतजार करते हुए।
बस्तर के 24 से ज्यादा बच्चे ट्रेन में सफर करने के लिए इंतजार करते हुए।

पहली बार ट्रेन की पटरी और उस पर चलती ट्रेन देखी
छात्रा रंजीता ने बताया कि, मैंने पहली बार रेल की पटरी और इस पर चलती हुई ट्रेन देखी है। 'जैसे ही अपने साथियों के साथ मैं रेलवे स्टेशन पहुंची तो लंबी सी ट्रेन और बड़ा सा स्टेशन देख काफी खुश हुई। ट्रेन में बैठने से पहले पेट में गुदगुदी हुई। जब ट्रेन चलने लगी तो बहुत मजा आया'। बाकी बच्चों ने कहा कि, आज हमारा सपना पूरा हो गया।अगर हमारे कोंडागांव में भी इसी तरह की ट्रेन चलती तो बहुत अच्छा होता।

बेसिक चीजों की दी गई जानकारी
रेलवे स्टेशन में पहुंचने के बाद बच्चों को यात्रा करने से पहले बेसिक चीजों की जानकारी दी गई। बच्चों को टिकट काउंटर ले जाकर टिकट कैसे काटे जाते हैं यह बताया गया। साथ ही ट्रेन में इमरजेंसी चेन को कब और किस समय खींचा जाता है इसके बारे में भी अधिकारियों ने जानकारी दी। साथ ही खिड़की से बाहर हाथ न निकालने व गेट पर खड़े रह कर सफर न करने के बारे में भी बताया गया।

बच्चों को जानकारी देते रेलवे के अधिकारी।
बच्चों को जानकारी देते रेलवे के अधिकारी।

17 बच्चों ने जूडो में जीता गोल्ड
दुर्ग जिले में आयोजित राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता में कोंडागांव जिले के धुर नक्सल प्रभावित इलाके मर्दापाल, राणापाल, हडेली जैसे अति संवेदनशील गांव के बच्चों ने हिस्सा लिया था। कोच जय सिंह ने बताया कि, 17 बच्चों ने जूडो में गोल्ड मेडल जीत कर जिले का नाम रोशन किया है। इसके अलावा अन्य खेलों में भी बच्चों ने खिताब पर कब्जा जमाया है।

खबरें और भी हैं...