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मांग:अनुदान पर चल रहे स्कूल के शासकीयकरण की उठी मांग

जामगांव आरएक दिन पहले
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ग्राम बटरेल में जागृति उमा विद्यालय का संचालन 52 साल से अनुदान से चल रहा है। इतने सालों बाद भी इसका शासकीयकरण नहीं हो पाया है। यहां के ग्रामीणों ने इसके लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री श्यामाचरण शुक्ल, दिग्विजय सिंह, अजीत जोगी से लेकर डॉ. रमन सिंह तक गुहार लगाई, लेकिन सारे नेता आश्वासन ही देते आए। बटरेल में ही स्कूल के सामने निवासरत रमशीला साहू भाजपा सरकार में जब केबिनेट मंत्री बनीं तो लोगों को स्कूल का शासकीयकरण की उम्मीद जागी थी। कोई पहल नहीं हुई। अब स्थानीय विधायक व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बांट जोह रहे हैं। वरिष्ठ नागरिक गौतमचंद जैन, जनपद सदस्य झरना साहू, सरपंच अभयराम ठाकुर नेतराम साहू, कमलेश साहू ने बताया कि 1960-70 के दशक में बीहड़ सा दिखने वाले गांवों में दूर-दूर तक शिक्षा की किरण नजर नहीं आती थी। उस समय समलिया प्रसाद सोनी, उमरपोटी वाले हुनुराम दाऊ, गैंदलाल चंद्राकर, विश्राम साहू, ध्रुवनारायण पांडे, जगतराम साहू, सुखदेव साहू, यादोराम साहू ने ग्रामीण शिक्षा समिति गठित कर 1 जुलाई 1968 को बटरेल में जागृति उच्चतर माध्यमिक स्कूल शुरू कराया। तब से यह स्कूल अनुदान पर ही चल रहा है।

सन 1979 से मिल रहा है शत-प्रतिशत अनुदान
साल 1979 से शाला को शासन से हाईस्कूल स्तर पर शत प्रतिशत अनुदान मिल रहा है। कर्मचारियों का वेतन शासन से मिल जाता है। शेष अन्य प्रबंधों के लिए गरीब, मजदूर, किसान, पालक ही भरपाई करने के लिए विवश है। शुल्क लेकर काम चलाया जा रहा है।

स्कूल में 10 कर्मचारी ही दे रहे सेवा, 15 स्वीकृत पद
प्राचार्य टीके पिपरिया ने बताया कि शाला में 10 कर्मचारियों की सेवा ही मिल रही है। वर्तमान स्वीकृत पद 15 है। शासकीयकरण होने पर 30 कर्मचारियों की सेवा उपलब्ध होने लगेगी। भवन, लाइब्रेरी, प्रयोगशाला खेलकूद सामग्री, एनसीसी, एनएसएस, स्काउट की सुविधा भी बच्चों मिलने लगेगी।

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