पीईटी के परिणाम घोषित:11,381 सीटें उपलब्ध, 10055 स्टूडेंट्स पीईटी में शामिल हुए, सबको एडमिशन की पात्रता, 3983 सीटें पहले से बुक

भिलाई4 महीने पहले
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  • छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल ने प्री इंजीनियरिंग और प्री फार्मेसी के नतीजे घोषित किए, एडमिशन हुआ शुरू

छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल ने 30 सितंबर की रात प्री इंजीनियरिंग और प्री फार्मेसी टेस्ट के नतीजे जारी कर दिए। इंजीनियरिंग में इस बार सीटों के अनुपात में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं है, लेकिन मनचाहे ब्रांच और कॉलेज के लिए विद्यार्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। इसी तरह फार्मेसी में एक-एक सीट के पीछे 6 से अधिक विद्यार्थियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी।

पीईटी के लिए राज्यभर से 12,542 विद्यार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 10,055 परीक्षार्थी ही परीक्षा में शामिल हुए। वहीं इंजीनियरिंग की सीटों की संख्या इस बार 11,381 है। इस तरह सीटों की तुलना में पीईटी देने वाले छात्रों की संख्या कम है। दुर्ग से पीईटी में शामिल होने के लिए 2155 ने पंजीयन कराया था। इनमें से 1891 परीक्षा में शामिल हुए। जितने छात्र पीईटी शामिल हुए हैं, उन्हें सरकारी या फिर राज्य के टॉप के निजी इंजीनियरिंग कालेजों की सीट के लिए ही प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

प्रदेश में इंजीनियरिंग की जितनी सीटें उपलब्ध उससे कम स्टूडेंट्स परीक्षा में हुए शामिल

  • 33 इंजीनियरिंग कॉलेज राज्य में संचालित हो रहे।
  • 11,381 सीटें पूरे प्रदेश में उपलब्ध हैं।
  • 11,381 सीटें पूरे प्रदेश में उपलब्ध हैं।
  • 3983 : सीटें टॉप के कॉलेजों में बुक।

पहले ही कर ली लोगों ने कॉलेज में सीटें बुक
छात्रों के अभिभावकों ने पहले ही अपनी पसंद के कॉलेजों में मनचाही ब्रांच की सीटें बुक कर ली हैं। उन्होंने कॉलेज के संचालकों या फिर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के सदस्यों से मिलकर उन्हें बच्चों के दस्तावेज जमा कराए हैं। उनसे सिर्फ इतना ही कहा गया है कि विद्यार्थी पीईटी में शामिल हुआ हो और जब काउंसिलिंग होगी तब वह अपने पसंद के संस्थान में उनकी संस्था को पहले विकल्प के रूप में रखे। जैसे ही काउंसिलिंग की प्रक्रिया होगी और सीटों का आवंटन होगा, वह बच्चों को प्रवेश दे देंगे। इस तरह राज्य के कुछ नामचीन कॉलेजों की करीब 35 फीसदी यानी 3985 सीटें भर गई हैं।

फार्मेसी में ज्यादा छात्र, 1 सीट के पीछे 6 विद्यार्थी
पीपीएटी में शामिल होने के लिए 23849 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 19845 परीक्षा में शामिल हुए। दुर्ग से परीक्षा में शामिल होने के लिए 2149 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 1833 परीक्षा में शामिल हुए। बी फार्मेसी की की कुल 3150 सीटें हैं। इस तरह अब प्रत्येक सीट के पीछे 6-6 उम्मीदवारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा होगी। संभव है कि पीपीएचटी की रैंकिंग में जिन विद्यार्थियों का साढ़े तीन हजार से अधिक रैंक होगा, उनका चयन न हो पाए। ऐसे विद्यार्थियों को फार्मेसी में पढ़ने का मौका इस बार नहीं मिल पाएगा। इस प्रकार सीटों पर दबाव अधिक है।

अगले हफ्ते से कॉलेज में एडमिशन होगा शुरू
व्यापमं ने पीईटी के नतीजे जारी करने के बाद परिणाम संचालक तकनीकी शिक्षा को भेज दिया है। वहां से शुक्रवार की शाम चिप्स को परिणाम भेजे गए, ताकि वहां काउंसिलिंग की प्रक्रिया की तैयारी की जा सके। 4 से 9 अक्टूबर के बीच काउंसिलिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने तैयारी कर ली है। प्रक्रिया के दो चरणों में होने की संभावना है। काउंसिलिंग के लिए विद्यार्थियों की ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे। उनके पीईटी में मार्क्स के आधार पर उनके द्वारा चाहे गए कॉलेज और ब्रांच के आधार पर प्रावीण्य सूची बनाई जाएगी और इसी आधार पर सीटों का आवंटन किया जाएगा।

विशेषज्ञ की राय; इंस्टीट्यूट नहीं, ब्रांच और एक्टिविटी पर फोकस रखना ज्यादा जरूरी
एनआईटी रायपुर के कैरियर डेवलपमेंट सेंटर के प्रमुख डॉ. समीर वाजपेयी ने कहा कि अब इंस्टीट्यूट का ज्यादा महत्व नहीं है। सभी स्थानों के बच्चों का प्लेसमेंट हो रहा है। बस ब्रांच का चयन करते समय खुद की काबिलियत को समझना होगा। यदि आप इलेक्ट्रानिक्स लेते हैं तो आपके गणित और भौतिकी मे अच्छे अंक होने चाहिए। इसी तरह यदि आप मेटलर्जी लेते हैं तो आपकी केमेस्ट्री में अच्छी पकड़ होनी चाहिए। वर्तमान दौर में संस्था मायने नहीं रखती, बल्कि इसके स्थान पर विद्यार्थी की एक्टिविटी का अधिक महत्व है। जिन बच्चों को मनचाहे कॉलेज नहीं मिल पाएंगे, उन्हें जहां मनचाहा ब्रांच मिल रहा हो, वहां प्रवेश ले लेना चाहिए। इससे उन्हें ही फायदा होगा।

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