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नांदगांव व बालोद में रेड अलर्ट, जिले में भी आगे:14 दिन में 216 मिलीमीटर बारिश, पिछले सितंबर से दोगुना, सीजन में पहली बार शिवनाथ नदी ने बदला रंग

भिलाई4 दिन पहले
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तस्वीर मंगलवार शाम की है। लगातार बारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ गया है। - Dainik Bhaskar
तस्वीर मंगलवार शाम की है। लगातार बारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
  • राजनांदगांव के मोंगरा सहित अन्य बैराज से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया

अगस्त से सूखे की भरपाई सिंतबर महीने के 15 दिनों में हो गई है। 14 दिनों में ट्विनसिटी में 216 मिमी बारिश हुई। यह पिछले 14 सितंबर 2020 तक हुई 104 मिमी बारिश की तुलना में दो गुना से अधिक है। इसकी वजह से अगस्त में जितनी बारिश में कमी हुई, उसकी भरपाई हो गई है। इन दिनों औसत से एक फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है।

एक जून से 14 सितंबर तक जिले में 907.2 मिमी बारिश होनी थी लेकिन अभी तक 919.6 मिमी बारिश हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश की वजह से मोगरा बैराज से शाम 5.30 बजे 16 से 20 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके कल शाम तक दुर्ग पहुंचने की संभावना है। फिलहाल महमरा एनीकट में करीब 5 फीट ऊपर पानी बह रहा है। कल शाम को पानी के आने के बाद इसमें कम से कम 5 फीट और वृद्धि होने की संभावना है।

भू अभिलेख शाखा के अनुसार दुर्ग में अभी तक 950.8 मिमी, धमधा में 710.8 और पाटन में 1135 मिमी बारिश हो चुकी है। धमधा को छोड़कर सभी स्थानों की बारिश औसत से अधिक है। सोमवार की शाम 5.30 से सुबह 8.30 तक ट्विनसिटी में 8.4 मिमी और सुबह 8.31 से शाम 5.30 तक 11.4 मिमी बारिश हुई। इस तरह 24 घंटे में 19.8 मिमी बारिश हुई है। इसकी वजह से सुबह वातावरण में नमी की मात्रा 90 फीसदी और शाम को 95 फीसदी रही। लगातार रुक रुककर हुई बारिश की वजह से दिन और रात का तापमान सामान्य से 3-3 डिग्री कम रहा।

शिवनाथ-आमनेर भी उफान पर, मोंगरा बैराज के सभी गेट खोले

लगातार हो रही बारिश से शिवनाथ और आमनेर नदी भी उफान पर है। इसी बीच दो दिनों में जलाशयों से करीब 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। महाराष्ट्र में भी हो रही तेज बारिश की वजह से जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। बैराज के गेट खोल दिए गए हैं।

तांदुला, खरखरा व गोंदली समेत अन्य जलाशयों में तेजी से जलभराव

लगातार हो रही बारिश की वजह से जलाशयों में पानी भरने लगा है। सितंबर के पहले तक तांदुला, खरखरा, गोंदली, खपरी आदि जलाशयों में पानी भरने लगा है। अगस्त में इन जलाशयों में काफी कम पानी रहा। तब निस्तारी के लिए भी पानी नहीं मिल पाने की संभावना व्यक्त की जा रही थी। लेकिन अब सभी जलाशयों के कैचमेंट एरिया में बारिश होने की वजह से जलाशयों में पानी भरने लगा है। इसकी प्रतिशत मात्रा भी बढ़ गई है।

ओडिशा में बना है लो प्रेशर एरिया, बारिश की संभावना बनी

रायपुर मौसम विज्ञान विभाग के मौसम वैज्ञानिक हरि प्रसाद चंद्रा ने बताया कि एक लो प्रेशर एरिया ओडिशा में बना है। आगामी 48 घंटे में इसके कमजोर होने की संभावना है। एक मानसून ट्रफ समुद्र से 0.9 किमी की ऊंचाई पर स्थित है। इसकी दिशा अहमदाबाद, इंदौर और होशंगाबाद की ओर है। गोपालपुर से बंगाल की खाड़ी तक एक गहरा अवदाब बना हुआ है। एक और ट्रफ दक्षिण गुजरात में उत्तर छत्तीसगढ़ तक फैला है।

आगामी 48 घंटे तक रुक-रुककर हो सकती है बारिश

एक लो प्रेशर, एक साइक्लोन और दो ट्रफ के सक्रिय होने की वजह से आने वाले 48 घंटे के दौरान ट्विनसिटी और उसके आसपास के इलाकों में रुक-रुककर अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। आगामी 24 घंटे में के दौरान अच्छी बारिश की संभावना है। हालांकि बारिश से दिन के तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना कम है। तापमान में गिरावट जारी है।

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