बागियों के बोल- हम नहीं मानेंगे, खेल बिगाड़ेंगे:भिलाई में भाजपा के 22 और कांग्रेस के 31, रिसाली में भाजपा 13 और कांग्रेस के 14 बागी मैदान में

भिलाई2 महीने पहले
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जिले के 4 निकाय भिलाई, रिसाली, भिलाई-चरोदा और जामुल में भाजपा-कांग्रेस के कुल 111 बागी मैदान डटे हैं। इसमें भाजपा से 58 और कांग्रेस से 55 बागी प्रत्याशी शामिल हैं। भिलाई निगम में भाजपा के 22 और कांग्रेस के 31, रिसाली में भाजपा से 13 और कांग्रेस से 14, भिलाई-चरोदा में कांग्रेस के 8 और भाजपा से 7 जुड़े उम्मीदवार मैदान में हैं।

जामुल पालिका में सबसे ज्यादा बागी भाजपा खेमे से हैं, यहां के 12 वार्डों में पार्टी से बगावत करके चुनाव मैदान में हैं। जबकि कांग्रेस के 4 बागी पार्टी से विरोध कर चुनाव लड़ रहे हैं। नामांकन भरने से वापसी के अंतिम समय तक दोनों पार्टियों के पदाधिकारी मनाने की कोशिश करते रहे। फिर में 50 फीसदी लोगों ने मैदान नहीं छोड़ा है। तीनों निगमों में दोनों दलों से टिकट पाने की चाह में पार्टी से बगावत करके चुनाव में उतरे लोगों में ज्यादा अंतर नहीं है। लेकिन वे खेल बिगाड़ रहे हैं।

अब भी संगठन मनाने की जगत में
बीजेपी व कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक संगठन बागी होकर चुनाव लड़ने वाले संगठन के नेताओं व कार्यकर्ताओं को मनाने की जुगत में हैं। इसे लेकर आगामी दिनों में लगातार पार्टी के बड़े नेता आने वाले हैं। उनके साथ बैठकों की भी कार्ययोजना बनाई गई है।

पार्टी से टिकट नहीं मिला तो बागी होकर मैदान में उतर गए
भिलाई निगम में भाजपा-कांग्रेस के पूर्व पार्षदों ने टिकट नहीं मिलने पर पार्टी से बगावत कर मैदान में उतरे हैं। भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर गायत्री यादव वार्ड 23 घासीदास नगर से प्रत्याशी है। फरीद नगर से पार्षद ही सोसन लोगन ने कांग्रेस से बगावत कर वार्ड 7 राधिका नगर से प्रत्याशी बनी हैं।

इसी तरह पूर्व पार्षद रही जानकी देवी वार्ड 16 सुपेला से मैदान में हैं। जबकि रिसाली निगम में कांग्रेस की टिकट पर जीकर आए चुम्मन देशमुख ने वार्ड 30 इस्पात नगर रिसाली से दावेदारी की है। पहले पार्षद रहने की वजह से उनका जनाधार रहा है, लेकिन अब उनके पास पार्टी सिंबॉल नहीं है।

दो पूर्व पार्षद बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए
भिलाई-चरोदा निगम के वार्ड -24 शिक्षित नगर से बीजेपी की पार्षद रहीं बिंदु शर्मा पार्टी से टिकट नहीं मिलने पर बतौर निर्दलीय मैदान में उतरी हैं। यह भाजपा से आती हैं। यह वार्ड पहले महिला ओबीसी महिला था, जो इस बार परिसीमन में ओबीसी मुक्त है। इसके बाद पार्टी ने यहां का उम्मीदवार बदल दिया।

इसी तरह गांधी नगर वार्ड से लावेश मदनकर निर्दलीय पार्षद के रूप में जीते थे। फिर उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ली। उनका वार्ड महिला के लिए सुरक्षित हो गया। इसके बाद उन्होंने बजरंग पारा वार्ड से कांग्रेस से टिकट मांगी। नहीं मिली तो निर्दलीय लड़ रहे हैं।

भिलाई-रिसाली में भाजपा-कांग्रेस का बिगाड़ रहे गणित
दोनों पार्टी से जुड़े जो लोग निर्दलीय के रूप में उम्मीदवारी कर रहे हैं। उनकी वजह से भिलाई निगम के वार्ड 2, वार्ड 3, वार्ड 7, वार्ड 14, वार्ड 16, वार्ड 19, वार्ड 21, वार्ड 22, वार्ड 23, वार्ड 24, वार्ड 26, वार्ड 28, वार्ड 30, वार्ड 31, वार्ड 34, वार्ड 35, वार्ड 45, वार्ड 46, वार्ड 48, वार्ड 50, वार्ड 51, वार्ड 52, वार्ड 54, वार्ड 55, वार्ड 56, वार्ड 64 और वार्ड 68 में दोनों दलों को चुनौती देने में लगे हैं।

रिसाली के वार्ड वार्ड 6, वार्ड 13, वार्ड 17, वार्ड 19, वार्ड 20, वार्ड 22, वार्ड 23, वार्ड 24, वार्ड 27, वार्ड 29, वार्ड 31, वार्ड 36, वार्ड 37 टक्कर दिलचस्प हो गई है।

पार्टी हाईकमान के निर्देश पर ऐसे लोगों पर आगे कार्रवाई जरूर होगी

  • जो लोग पार्टी लाइन से अलग हटकर चुनाव लड़ रहे हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेंगे। इसके लिए वार्ड अध्यक्षों को कहा गया है। पहले जिन्हें निष्कासित किया गया था। उन्होंने पार्टी के प्रति समर्पण भाव रखा, इसलिए वापसी हुई है। - वीरेंद्र साहू, अध्यक्ष, बीजेपी

ऐसे लोग पार्टी से स्वमेव हट गए मान लिए जाते हैं, जानकारी ली जाएगी

  • कांग्रेस पार्टी के खिलाफ जाकर काम करने वाले लोग पार्टी के संविधान के मुताबिक स्वयं पार्टी से हट जाते हैं। इसके अलावा ऐसे लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा सकती है। इसका अंतिम निर्णय कमेटी करेगी। - मुकेश चंद्राकर, अध्यक्ष कांग्रेस भिलाई

प्रदेश में जानकारी भेज दी गई है, आगे कार्रवाई होगी, कुछ मना लिए जाएंगे

  • बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे पार्टी के कार्यकर्ताओं को अंतिम समय तक मनाने का प्रयास किया जाएगा। फिर नहीं मानें तो उनकी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय में भेजी जाएगी। वहां से मिले निर्देश के अनुसार उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। - निर्मल कोसरे, अध्यक्ष, ग्रामीण कांग्रेस