यात्रा रद्द करने वालों की संख्या बढ़ी:दुर्ग और पावर हाउस स्टेशन से गुजर रहीं 28 एक्सप्रेस ट्रेनें, 20% यात्री ही कर रहे सफर

भिलाई7 महीने पहले
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  • 72 घंटे पहले की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट देना जरूरी

दुर्ग और पावर हाउस रेलवे स्टेशन से इन दिनों 28 एक्सप्रेस ट्रेनें गुजर रही हैं। कोविड के कारण इसमें यात्रियों की संख्या में करीब 80 फीसदी कमी आई है। साथ ही यात्रा रद्द करने वालों की संख्या भी बढ़ी है। पिछले सप्ताह दुर्ग से 2223 लोगों ने यात्रा रद्द की है तो पावर हाउस से 3305 लोगों ने। हालांकि इस दौरान पावर हाउस से 2070 लोगों ने और दुर्ग से 1722 लोगों ने रिजर्वेशन कराया है। इसमें सबसे में अधिक यात्रियों की संख्या सारनाथ एक्सप्रेस और साउथ बिहार की है।
अफसरों के मुताबिक दुर्ग और पावर हाउस रेलवे स्टेशन से पहले दैनिक यात्री और लंबी दूरी के साथ अन्य यात्रियों को मिलाकर हर दिन लगभग 8 से 10 हजार यात्री सफर करते थे। इन दिनों इनकी संख्या घटकर 2 से साढ़े ढाई हजार के करीब रह गई है। हालांकि बाहर से आने वालों की संख्या सैकड़ों में रह गई है। लोगों के लिए यात्रा का एकमात्र साधन होने की वजह से इस निरंतर चलाई जा रही है।
यह 28 ट्रेनें दुर्ग और पावर हाउस से गुजर रहीं
सूरत-पुरी एक्सप्रेस, समता एक्सप्रेस, साउथ बिहार एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस, जम्मूतवी एक्सप्रेस, हैदराबाद-रक्सौल एक्सप्रेस, सिकंदाराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस, छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति, सिकंदराबाद एक्सप्रेस, ओखा-हावड़ा एक्सप्रेस, पोरबंदर-हावड़ा एक्स., लोकमान्य तिलक हावड़ा एक्सप्रेस, गांधीधाम-पुरी एक्सप्रेस, अहमदाबाद-पुरी एक्सप्रेस (व्हाया विजयनगरम), अहमदाबाद-पुरी एक्स. (व्हाया संबलपुर), मंबई-हावड़ा एक्सप्रेस, दुर्ग-पुरी एक्स., जनशताब्दी एक्स., पुणे-सांतरागाझी एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक-हटिया एक्सप्रेस, लोकमान्य तिलक-विशाखापटनम एक्सप्रेस, अमरकंटक एक्सप्रेस, सारनाथ एक्सप्रेस, अंबिकापुर एक्सप्रेस, अमहदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस, गीतांजलि एक्सप्रेस, वेनगंगा एक्सप्रेस।

80% खाली चल रही है, फिर भी लोगों के लिए एकमात्र साधन
सीनियर डीसीएम डॉ. विपिन वैष्णव ने बताया कि लॉकडाउन में 80 फीसदी यात्री कम हुए हैं। लॉकडाउन के पहले हर दिन 8 से 10 हजार लोग एक-एक स्टेशन से चढ़ा करते थे। अभी उनकी संख्या दो से ढाई हजार हो गई है। चूंकि लोगों के आने-जाने का एकमात्र साधन ट्रेन ही है। इसे देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। जरूरतमंद ही इसमें सफर कर रहे हैं।

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