खतरा टला नहीं:48 घंटे के भीतर कोरोना से 3 की मौत, नहीं लगी थी वैक्सीन, 1 अन्य की भी मौत, 780 नए संक्रमित मिले

भिलाई4 महीने पहले
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48 घंटे के भीतर फिर वैक्सीन नहीं लगवाने वाले 3 कोरोना मरीजों की मौत हो गई है। इनके अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित एक और मरीज ने कोरोना की चपेट में आने से दम तोड़ा है। इस प्रकार सोमवार को जिले के चार कोरोना मरीजों की इलाज के दौरान मौत हुई है। दो दिन पहले शनिवार को भी 4 कोरोना मरीजों की मौत हुई थी। उनमें भी 3 मरीजों ने वैक्सीन नहीं लगवाई थी।

एक मरीज ने केवल एक डोज लगवाई और मियाद पूरी होने के बाद भी दूसरी डोज लगवाने में लापरवाही बरती। जबकि पिछले 1 साल से वैक्सीनेशन लगातार जारी है। रोज जिले के हर सरकारी अस्पताल और चिंहित सेंटरों में दोनों वैक्सीन लगाई जा रही है। बीच-बीच में स्वास्थ्य विभाग महा-अभियान भी चला रहा है। कुछ दिन पहले डोर-टू-डोर जाकर वंचितों को वैक्सीनेशन किया गया है। मौत ही नहीं सोमवार को जिले में 780 नए कोरोना मरीज भी मिले हैं। सभी संक्रमितों में 5 डॉक्टर और 6 सीआईएसएफ के जवान शामिल हैं। जिले में अब तक 110006 मरीज मिल चुके हैं, उनमें 104072 मरीजों की रिकवरी हुई है।

फिर 26% हुई संक्रमण की दर : एक दिन पहले 50% के पार पहुंच गई थी
50 % के पार जाने के बाद संक्रमण दर फिर 26 % हो गई है। पिछले सात दिनों से यह 20 % और 27 % के बीच मिल रही है। सिर्फ एक दिन यानी की रविवार को यह अधिकतम 50 % हो गई थी। 10 दिनों को औसत देखें तो जिले के संक्रमण दर 25 % आ रही है। यह महामारी के लिए निर्धारित प्रतिशत से 20 गुना ज्यादा है।

11 दिन में 22 मरीजों की हो चुकी जिले में मौत
तीसरी लहर में मौतों को सिलसिला 14 जनवरी से शुरू हुआ है। सोमवार तक के 11 दिनों में 22 मरीजों की मौत हो गई है। यानी की हर दिन दो मरीजों ने दौरान इलाज दम तोड़ा है। इसमें भी 19 जनवरी को 3, 22 और 25 जनवरी को 4 मौतें हुई है। 11 जनवरी से पहले 27 दिसंबर को जिले के कोरोना मरीज की मौत हुई थी। 27 से ही तीसरी लहर शुरू हुई है।

कलेक्टर ने कहा- कोविड प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने सोमवार को अधिकारियों की बैठक ली। इसमें कोरोना के मामलों को लेकर समीक्षा की। साथ ही लोगों से अपील की कि वे कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। नियमित रूप से मास्क लगाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। भीड़ वाली जगहों में जाने से बचें। गणतंत्र दिवस व शादी-ब्याह के सीजन को ध्यान रखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें, ताकि संक्रमण का खतरा कम से कम हो।

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