दुर्लभ बीमारी का भिलाई में दूसरा मामला:3 महीने के रुद्रांश को स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी नाम की बीमारी, इलाज के लिए चाहिए 22 करोड़ का इंजेक्शन

भिलाई2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
परिजन लोगों के चक्कर लगा रहे, सरकार से भी लगाई मदद की गुहार। - Dainik Bhaskar
परिजन लोगों के चक्कर लगा रहे, सरकार से भी लगाई मदद की गुहार।

भिलाई निवासी 3 महीने के रुद्रांश को 22 करोड़ के इंजेक्शन की जरूरत है। क्योंकि वह स्पाइनल मस्कुलर एट्राफी नाम की दुर्लभ बीमारी से पीड़ित है। परिजनाें काे इसका पता रविवार को फाइनल रिपोर्ट आने पर चला। इस बीमारी की वजह दो महीने से बच्चे का नार्मल मूवमेंट बंद हो गया है। कमर के नीचे का हिस्सा वह हिला नहीं पाता है। हाथ में थोड़ी सी हरकत हो रही है। बीमारी की पहचान करने वाले डॉक्टर ने इंजेक्शन को ही इलाज बताया है। पिता खिलेंद्र मांजरे ने सोमवार को दुर्ग विधायक अरुण वोरा, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव और कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे को प्रार्थना-पत्र देकर मदद की गुहार लगाई है। अब तक मदद नहीं मिल पाई है।

सितंबर में जन्म, एक माह बाद बीमारी के लक्षण दिखे
सेक्टर-9 अस्पताल में रुद्रांश का जन्म 11 सितंबर 2021 को हुआ था। एक महीने तक वह सामान्य बच्चों की तरह ही था। लेकिन एक महीना का होने के बाद धीरे-धीरे उसका चहकना, हिलना बंद हो गया। दो महीने तक भाग-दौड़ करने के बाद पता चला।

पिता ने कहा- सब कुछ बेचकर भी रकम नहीं जुटेगी रुद्रांश के पिता छग गृह निर्माण मंडल, नवा रायपुर में बाबू हैं। तीन माह के बेटे की बीमारी ने उनके पूरे परिवार को झकझोर दिया है। क्योंकि जहां वह नौकरी कर रहे, वहां से 22 करोड़ के मदद की गुंजाइश नहीं हो पा रही है। सब कुछ बेचकर भी रकम नहीं जुटेगी।

टैक्स माफी के बाद भी इंजेक्शन 16 करोड़ में मिलेगी
विदेश से आने वाले इस इंजेक्शन की वास्तविक कीमत 16 करोड़ है। इसेे मंगाने पर संबंधित को इस पर 6 करोड़ रुपए टैक्स के तौर पर देने पड़ते हैं। लेकिन इसके पहले मिले इन तरह के बच्चों के लिए केंद्र सरकार ने टैक्स माफ कर दिया है। इंजेक्शन लगने से पीड़ित सामान्य हो जाते हैं।

खबरें और भी हैं...