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रिपोर्ट:एनएच में 4 नए ब्लैक स्पॉट, 4 साल में 36 मौतें

भिलाई12 दिन पहले
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अमलेश्वर में तिराहे के करीब ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से ली हादसों की जानकारी।
  • ट्रैफिक पुलिस ने जिले से 6 ब्लैक स्पॉट में हुए हादसों की तैयार की केस स्टडी, सुधार के लिए लिखा शासन को पत्र

विनोद तिवारी | ट्रैफिक पुलिस ने जिले के 6 ब्लैक स्पॉट की केस स्टडी तैयार की है। रिपोर्टर में दो थानों के सामने से गुजर रहे नेशनल हाइवे-53 पर सबसे ज्यादा 4 ब्लैक स्पॉट बताए गए हैं। इन्हीं स्पॉट पर चार सालों में सड़क हादसे में 36 लोगों की जान गई। जबकि ग्रामीण क्षेत्र के दो ब्लैक स्पॉट पर 12 लोग दुर्घटना के शिकार हुए, वहां मौतें हुई। शहरी क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट पर नेशनल हाइवे पर बने अनधिकृत कट हादसों की सबसे बड़ी वजह माना गया है।
इसी तरह ग्रामीण क्षेत्र के दुर्घटना स्थलों पर घुमावदार सड़क से मेन रोड पर जुड़ने वाली कच्ची सड़क पर हादसे हुए हैं। ट्रैफिक पुलिस ने सभी ब्लैक स्पॉट की खामियों को दूर करने के लिए संबंधित एजेंसी के साथ शासन को पत्र लिखा है, जिससे सुधार कार्य से हादसों को रोका जा सके। इसका पूरा एक रोड मैप तैयार किया गया है। ताकि ऐसे सभी ब्लैक स्पॉट में सुरक्षा के आवश्यक उपाए किए जा सकें। इन स्पॉट्स पर लगातार नजर भी रखी जा रही है। वैकल्पिक इंतजाम भी किए गए हैं, ताकि हादसों को कम किया जा सके। ट्रैफिक पुलिस द्वारा केस स्टडी के आधार पर तैयार रिपोर्ट को राज्य शासन को भेजा गया है। इसमें कई जरूरी सुझाव भी दिए गए हैं। फिलहाल इसे लेकर शासन के तरफ से किसी प्रकार का दिशा निर्देश नहीं मिला है, लेकिन सुरक्षा लिहाज से ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है। ब्रेकर, जेब्रा क्रासिंग से लेकर अन्य जरूरी इंतजाम स्थानीय स्तर पर किए गए हैं। भास्कर की टीम ने इसकी जानकारी ली।

बढ़ी हैं मौतें : एनएच के 4 ब्लैक स्पॉट, जहां 4 सालों में बढ़ी दुर्घटनाएं...
चरोदा बस स्टैंड से जीआरपी चौकी के बीच 8 की मौत

ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक भिलाई तीन थाना क्षेत्र के ब्लैक स्पॉट में चार वर्षों में 6 सड़क हादसों में 8 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा मौत वर्ष 2018 में हुई थी। पांच सौ मीटर के इस पैच पर टू वे ट्रैफिक का दबाव रहता है। यहां से लोग तेज गति से निकलते है। जिसके कारण हादसों का शिकार हो जाते है। यातायात संकेतक का भी पालन नहीं करते है। लगातार हो रहे हादसों के कारण यहां पर हाईवे पेट्रोलिंग तैनात रहती है।

एनएच पर हैं कई जगह अनाधिकृत कट

  • वाहनों की तेज गति।
  • चरोदा बस स्टैंड के पास एनएच पर बना अनधिकृत कट।
  • सर्विस रोड पर वाहनों का आवागमन।

डबरा पारा चौक से पेट्रोल पंप के बीच होते है हादसे
यातायात पुलिस के मुताबिक एनएच 53 पर डबरा पारा चौक से पेट्रोल पंप की बीच दूसरा ब्लैक स्पॉट है। करीब 5 सौ मीटर के इस पैच पर चार वर्षों में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं हुई है। इसमें 12 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां छोटे-मोटे हादसे आम तौर पर रोज होते है। इस ब्लैक स्पॉट की केस स्टडी से पता चला है कि यहां पर सर्विस रोड़ नहीं है। जिसके कारण एनएच पर ट्रैफिक का दबाव ज्यादा रहता है। यहां पर सड़क की चौड़ाई भी कम है।

ट्रैफिक का दबाव है बहुत अधिक

  • यातायात दबाव के अनुपात में सड़क की चौड़ाई कम होना बड़ी वजह रही।
  • नियमों का और संकेतकों का पालन नहीं करना, इस क्षेत्र में लगातार देखा गया।
  • सर्विस रोड नहीं होने के कारण होते है।

आईटीआई भिलाई से पावर हाउस चौक तक
एनएच के तीसरे ब्लैक स्पॉट आईटीआई भिलाई से पावर हाउस के बीच है। चार वर्षों में इस स्पॉट पर सड़क दुर्घटना में 6 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां पर हादसों की सबसे बड़ी वजह आवारा पशुओं का सड़क पर घूमना फिरना और बैठक जमा लेना है। जिले में इस वर्ष सड़क पर बैठे आवारा पशुओं के कारण 5 लोगों की मौत हो चुकी है। कई हादसे ऐसे हुए हैं,जिनमें लोग घायल हुए।

आवार मवेशियों का रहता है जमघट

  • आवारा पशुओं का सड़क पर बैठे रहते हैं, नियमित कार्रवाई नहीं होना।
  • तेज गति व ओवरटेक करने से हुए गंभीर हादसे, यह भी एक वजह रही।
  • अवैध पार्किंग से दुर्घटनाएं होती है।

पावर हाउस से बसंत टॉकीज के बीच हादसे
जिले का चौथा ब्लैक स्पॉट पावर हाउस चौक से बसंत टॉकीज के बीच है। इस स्पॉट के सामने रेलवे स्टेशन है। इस वजह से लगातार लोगों का आवागमन लगा रहता है। यहां पर पर नेशनल हाइवे पर अनधिकृत कट होने के कारण वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करके सड़क पार करते है। इससे वे हादसों का शिकार हो जाते है। गंभीर दुर्घटनाओं में चार वर्षों में 10 लोगों की मौत हो चुकी है।

तेज रफ्तार वाहन हैंं बड़ी वजह...

  • पावर हाउस रेलवे स्टेशन के सामने एनएच पर अनधिकृत कट।
  • मिक्स ट्रैफिक बना हादसों की वजह।
  • तेज गति में ओवर टेक करने के कारण हुए हादसे।

इधर भी ब्लैक स्पॉट है डेंजर
डोंगिया तालाब से सांकरा मोड़ के बीच भी खतरा अधिक, हुए हादसे

ग्रामीण क्षेत्र में इस वर्ष दो नए ब्लैक स्पॉट बन गए है। पहली बार होगा जब हादसों के कारण ग्रामीण इलाकों से गुजर रही स्टेट हाईवे पर ब्लैक स्पॉट बने है। अमलेश्वर थाना क्षेत्र के इस स्पॉट पर चार वर्षों में 6 लोगों की मौत हो चुकी है। घुमावदार सड़क और तालाब के मेड़ की उंचाई के कारण अंधा मोड़ बन जाना हादसों की सबसे बड़ी वजह बन गया है।
तालाब के मेड़ के कारण अंधा मोड़ बन गया

  • सड़क का इस जगह पर घुमावदार होना।
  • वाहनों की तेज गति से आवाजाही।
  • तालाब के मेड़ के कारण अंधा मोड़।

उतई इलाके में गोंड पेंडरी स्कूल के सामने भी लगातार हादसे हुए
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक लगातार तीन वर्षों से स्कूल के सामने हो रही दुर्घटनाओं के कारण इसे ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया है। पिछले चार वर्षों में इस स्पॉट पर 5 हादसों में 6 वाहन चालकों की मौत हो चुकी है। कुछ हादसों में वाहन चालकों की लापरवाही सामने आई है। इसके साथ गिट्टी खदान से मेन रोड़ को जोड़ने वाली कच्ची व अस्थाई सड़क के कारण हादसे हुए है।
कच्ची व अस्थाई सड़क बनता है हादसे का कारण

  • बस्ती के बीच सड़क पर अवैध अतिक्रमण
  • वाहन चलाते समय लापरवाही करना
  • कच्ची व अस्थाई सड़क पर अंधा मोड़ होना

पिछले साल से कम हादसे हुए
"लॉकडाउन के कारण इस वर्ष करीब 90 दिन वाहनों का आवागमन हाइवे पर नहीं था। इस वजह से पिछले साल की तुलना में हाइवे के ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाएं कम हुई हैं। एनएच के ब्लैक स्पॉट पर अनाधिकृत कट के कारण हादसे होते हैं।"
-गुरजीत सिंह, डीएसपी ट्रैफिक दुर्ग

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