पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

एनॉलिसिस:7 एमटी वाला बीएसपी कारोबार में पीछे, प्रोडक्शन बढ़ाना चुनौती

भिलाई2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • 4 एमटी क्षमता वाला बोकारो प्लांट 5 महीने से कारोबार में सबसे आगे

4 एमटी उत्पादन क्षमता वाला बोकारो प्लांट कारोबार के मामले में बीते 5 महीनों से सबसे आगे चल रहा है। वहीं सेल की फ्लैगशिप इकाई बीएसपी के सामने उत्पादन बढ़ाना एक बड़ी चुनौती है। कोविड-19 के लॉकडाउन में ढील दिए जाने के बाद देश के स्टील मार्केट ने जोर पकड़ा है लेकिन डिमांड सबसे अधिक फ्लैट प्रोडक्ट की है। बोकारो प्लांट में फ्लैट प्रोडक्ट का ही उत्पादन होता है। जिसका संयंत्र और कंपनी को भरपूर लाभ मिल रहा है। बीते 5 महीने से बोकारो सेल की अन्य इकाई के मुकाबले सबसे अधिक कारोबार कर रहा है। जबकि उसकी उत्पादन क्षमता 4 एमटी है। वहीं 7 एमटी क्षमता की फ्लैगशिप इकाई बीएसपी कारोबार के मामले में तीसरे नंबर पर है। प्रबंधन के सामने अब उत्पादन बढ़ाना चुनौती है। बंद इकाइयों को चालू करने में फंड रोड़ा: बीएसपी ने उत्पादन बढ़ाने के लिए 1 अप्रैल 2020 को बंद की जा चुकी एसएमएस 1 और बीबीएम को शुरू की तैयारी की। इस पर 350 करोड़ खर्च होना है।

दुर्गापुर करेगा बीएसपी में बिलेट की कमी दूर
मौजूदा समय में सरिया की मांग अधिक है। सरिया बनाने के लिए बिलेट की कमी को दूर करने के लिए सेल प्रबंधन ने दुर्गापुर स्टील प्लांट में बन रहे अतिरिक्त बिलेट को भिलाई भेजने का आदेश जारी किया। इसके बाद बीएसपी मैं भी मर्चेंट प्रोडक्ट के उत्पादन बढ़ने संभावना बढ़ गई है। अब बीएसपी तेजी से मांग को पूरा कर सकेगा।

दिसंबर में हो चुका ट्रायल बिलेट्स आना हुआ शुरू
16 दिसंबर को भिलाई इस्पात संयंत्र ने दुर्गापुर के बिलेट से सरिया उत्पादन का ट्रायल किया था। सफलतापूर्वक सरिया उत्पादन के बाद सेल प्रबंधन ने दुर्गापुर से बिलेट भेजने का सिलसिला शुरू कर दिया है। 32 एमएम आकार का सरिया बनाने के लिए दुर्गापुर के बिलेट का ट्रायल लिया गया था। 125 गुने 125 आकार का बिलेट दुर्गापुर से लाया गया था।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आप अपने व्यक्तिगत रिश्तों को मजबूत करने को ज्यादा महत्व देंगे। साथ ही, अपने व्यक्तित्व और व्यवहार में कुछ परिवर्तन लाने के लिए समाजसेवी संस्थाओं से जुड़ना और सेवा कार्य करना बहुत ही उचित निर्ण...

    और पढ़ें