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नीट एग्जाम:74 वर्ष का बुजुर्ग भी पहुंचा नीट की परीक्षा देने

भिलाई14 दिन पहले
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सेक्टर 7 बीएसपी सीनियर सेकंडरी स्कूल में नीट एग्जाम का सेंटर बनाया गया। सेन्टर के अंदर जाने से पहले परीक्षार्थियों की जांच की गई। - Dainik Bhaskar
सेक्टर 7 बीएसपी सीनियर सेकंडरी स्कूल में नीट एग्जाम का सेंटर बनाया गया। सेन्टर के अंदर जाने से पहले परीक्षार्थियों की जांच की गई।
  • 271 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित, 18 केंद्रों में ट्विनसिटी में हुई परीक्षा, 180 सवाल का देना था उत्तर

एजुकेशन रिपोर्टर | भिलाई पेन पेपर मोड पर रविवार को ट्विनसिटी में नीट की परीक्षा हुई। परीक्षार्थियों को इसका एक अर्से से इंतजार था। परीक्षा के दौरान फिजिक्स के सवालों ने परीक्षार्थियों को उलझाया तो वहीं केमेस्ट्री और बायोलॉजी के सवालों ने राहत दी। प्रत्येक प्रश्नों के 4-4 विकल्प दिए गए थे। सही उत्तर में जहां परीक्षार्थियों को 4 अंक मिलेंगे। वहीं गलत उत्तर पर एक अंक काट लिए जाएंगे। परीक्षार्थियों को 200 सवालों में से 180 सवालों के उत्तर देना था। इसके लिए अलग-अलग सेक्शन भी बनाया गया था, ताकि छात्र-छात्राओें को सवाल हल करने में सुविधा हो। 74 वर्षीय बुजुर्ग भी परीक्षा देने केंद्र तक पहुंचा।

271 परीक्षार्थी रहे अनुपस्थित, 5148 हुए परीक्षा में शामिल
पेन पेपर मोड पर रविवार को दोपहर 2 से 5 बजे तक नीट -2021 की परीक्षा हुई। ट्विनसिटी में इसके लिए 5419 परीक्षार्थियों ने पंजीयन कराया था। इसमें से 271 परीक्षार्थी परीक्षा में अनुपस्थित रहे और 5148 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षार्थियों को दस्तावेजों की जांच समेत कोविड प्रोटोकाल को देखते हुए परीक्षा से तीन घंटे पहले सुबह 11 बजे से परीक्षा केंद्रों में बुलाया गया था। इस दौरान उनकी थर्मल स्क्रिनिंग के साथ ही मेटल डिटेक्टर से जांच की गई है।

74 साल का एक परीक्षार्थी पहुंचा, गेट पर रोका गया
सेक्टर-10 स्थित परीक्षा केंद्र में नीट की परीक्षा में शामिल होने के लिए सेक्टर-6 निवासी 74 वर्षीय उम्मीदवार जीडी गभेल भी परीक्षा देने पहुंचे। नियमानुसार प्रवेश पत्र में अभिभावक का हस्ताक्षर होना था, लेकिन उनके प्रवेश पत्र में किसी के भी दस्तखत नही थे। जब गेट पर खड़े गार्ड ने केंद्राध्यक्ष को फोन करके बताया कि एक उम्मीदवार है जिसके अभिभावक नहीं है। फिर प्रवेश दिया गया।

प्राचार्य रहे चुके हैं बुजुर्ग गभेल
नीट की परीक्षा देने आए गभेल कोरबा शासकीय स्कूल में प्राचार्य रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका जन्म 4 जून 1947 को हुआ। उन्होंने 1965 में प्री प्रोफेशनल एग्जाम दिया था। तब 5 अंक से मेडिकल में प्रवेश के लिए चूक गए थे। तब कसक बनी रही। इसी दौरान शिक्षक बन गया तो पढ़ाने में लग गया।

न्यूनतम आयु 17 साल तय है लेकिन अधिकतम नहीं
मेडिकल की पढ़ाई के लिए अभी तक सिर्फ न्यूनतम आयु 17 साल तय की गई है। अधिकतम आयु 25 साल रखा गया था, लेकिन इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई, जिस पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है। इसकी वजह से मेडिकल की पढ़ाई की अधिकतम आयु सीमा तय नहीं है।

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