भिलाई में कांग्रेस विधायक का विरोध:देवेंद्र यादव को महिलाओं ने बताई समस्याएं, आश्वासन मिला तो 'वापस जाओ' के लगे नारे; प्रचार के लिए गए थे

भिलाईएक महीने पहले
कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे विधायक देवेंद्र यादव पर लोग भड़क गए।

वार्डों में गंदगी और समस्याओं से नाराज जनता अपना गुस्सा नगरीय निकाय चुनाव के दौरान निकाल रही है। वार्ड-34 शिवाजी नगर में सोमवार को भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव पर लोग भड़क गए। कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे विधायक को पहले महिलाओं ने समस्याओं से अवगत कराया।

इस दौरान विधायक ने समस्याएं दूर करने का आश्वासन देकर जाने की कोशिश की तो लोगों ने देवेंद्र यादव वापस जाओ के नारे लगाना शुरू कर दिया। इससे ठीक एक दिन पहले रविवार को वार्ड 37 में मंत्री मोहम्मद अकबर को भी विरोध का सामना करना पड़ा था। हिंदूवादी संगठन ने उनके खिलाफ नारेबाजी कर काला झंडा तक दिखाया था।

सोमवार को भिलाई नगर विधायक और तात्कालीन महापौर देवेन्द्र यादव शिवाजी नगर वार्ड- 34 के प्रत्याशी राजेश चौधरी के पक्ष में चुनाव प्रचार करने पहुंचे थे। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी ने ढोल नगाड़ों के साथ रैली निकाली। देवेंद्र चुनाव प्रचार कर ही रहे थे कि एक जगह पर काफी लोग और महिलाएं खड़ी थीं। देवेंद्र जब उनके पास पहुंचे तो महिलाओं ने उन्हें वार्ड की समस्या गिनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि उन लोगों ने वोट देकर देवेंद्र को महापौर बनाया, लेकिन उसके बाद आज तक वह उस वार्ड में झांकने तक नहीं आए।

वार्ड में कचरा, नाली जाम, पेयजल जैसी दर्जनों समस्याएं हैं। शिकायत के बाद भी उनका समाधान नहीं हो रहा है। अब वह किस मुंह से वोट मांगने आए हैं। देवेंद्र ने महिलाओं का गुस्सा शांत कराने के लिए हाथ जोड़कर उनकी सभी समस्या जल्द दूर करने की बात कही और भारत माता की जय के नारे लगवाते हुए जाने लगे। तभी लोगों ने देवेंद्र यादव वापस जाओ के नारे लगाने लगे। बताया जा रहा है कि इसके बाद देवेंद्र यादव थोड़ी देर वार्ड भ्रमण के बाद वहां से चले गए।

भिलाई निगम की जीत पर युवा विधायक का करियर

राजनीति से जुड़े लोगों का कहना है कि विधायक देवेंद्र यादव, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खास विधायकों में से एक हैं। मुख्यमंत्री ने भिलाई नगर निगम की पूरी कमान देवेंद्र यादव को सौंपी है। उन्हीं के कहने पर ही 70 वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम का चयन भी किया गया है। ऐसे में जिस तरह से वह जनता के विरोध का सामना कर रहे हैं, उससे उनकी नगर सरकार बनाने की राह काफी कठिन दिख रही है। यदि वह भिलाई में कांग्रेस की नगर सरकार नहीं बना पाए तो उनके राजनीतिक करियर में रफ्तार भी धीमी हो सकती है।