दुर्ग जिला मुख्यालय बना छावनी:कवर्धा को लेकर विश्व हिंदू युवा मंच के विरोध-प्रदर्शन से पहले पुलिस ने बंद कराया बाजार, जिले से मंगाया फोर्स

दुर्ग9 दिन पहले
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प्रदर्शन से पहले बंद करा दिया गया मुख्य मार्ग का बाजार। - Dainik Bhaskar
प्रदर्शन से पहले बंद करा दिया गया मुख्य मार्ग का बाजार।

कवर्धा में हुए साम्प्रदायिक दंगों को लेकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर विश्व हिंदू युवा मंच के समर्थकों ने पुलिस को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन से पहले ही मंच के लोगों ने पुलिस को सूचित किया था कि वह लोग 300 की संख्या में सरकार का विरोध-प्रदर्शन करेंगे और उसके बाद ज्ञापन सौंपेंगे। इसे देखते हुए एसपी और कलेक्टर के निर्देश पर ऐहतियात के तौर पर दुर्ग जिला मुख्यालय को छावनी बना दिया गया। पुलिस ने एकता द्वार से लेकर होटल शिला तक सभी दुकानें बंद करा दी थीं। बैरिकेड्स से पूरे रास्ते को बंद कर दिया गया।

तय समय पर 4 बजे हिंदू युवा मंच के सदस्य 70-80 की संख्या में ही पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन करने और ज्ञापन देने की सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने उनके चार प्रमुख पदाधिकारियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसे लेकर सभी समर्थकों ने पुलिस व जिला प्रशासन सहित सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने पुलिस से उनके सभी नेताओं को छोड़ने की भी मांग की। इस दौरान करीब एक से डेढ़ घंटे तक एकता द्वार के पास नारेबाजी की गई। इसके बाद उन्होंने एडिशनल एसपी सिटी को ज्ञापन सौंपा और वापस लौट गए।

दुर्ग में पहली बार इतना बड़ा बंद

दुर्ग जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी प्रदर्शन के लिए इतना बड़ा बंद किया गया हो। इस बारे में सीएसपी दुर्ग का कहना था वह किसी भी हालत में दुर्ग की कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ने देना चाहते। इसीलिए ऐहतियात के तौर पर सभी दुकानें और रास्ते बंद कर दिए गए थे। अनहोनी को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल को भी लगाया गया था।

ड्रोन कैमरे से हुई निगरानी

विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी भी प्रकार की कोई अनहोनी न हो इसके लिए पुलिस ने सभी इंतजाम किए हुए थे। लगभग दो से तीन सौ पुलिस फोर्स के साथ ही ड्रोन कैमरे से निगरानी कराई गई। यदि प्रदर्शन के दौरान कोई सदस्य किसी भी तरह की गैर कानूनी प्रतिक्रिया करता तो फुटेज के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती।

प्रदर्शन से पहले इन प्रमुख नेताओं की हुई गिरफ्तारी

राकेश तिवारी, सह संयोजक जन समस्या निवारण, हिन्दू युवा मंच ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान हिंदू सेना की अधिक भीड़ न होने पाए इसे देखते हुए पुलिस ने उनके प्रमुख नेताओं को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने बताया कि उनकी योजना थी कि मंच के लोग गणेश मंदिर के पास से प्रदर्शन करते हुए एकता द्वार तक जाएंगे और वहां ज्ञापन सौपेंगे। पुलिस ने गुरुवार सुबह 10 बजे मंच के प्रदेश संयोजक गोविंद नायडू, वरिष्ठ कार्यकर्ता अरुण सिंह, प्रदेश महामंत्री राजेश शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष श्रीकुमार नायर को गणेश मंदिर के पास बुलाया। उनसे कहा गया कि वह लोग उनकी कार्य योजना को समझना चाहते हैं। जब वह वहां पहुंचे तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके चलते प्रदर्शन के दौरान भीड़ 100 की संख्या भी पार नहीं कर पाई। बाद में पुलिस ने चारों नेताओं को छोड़ दिया।

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