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  • By May, 114 Types Of Investigation Were To Be Started In The District Hospital, The Tender Could Not Be Done, Only 66 Were Being Done.

हमर लैब का हाल:मई तक जिला अस्पताल में 114 प्रकार की जांच शुरू होनी थी, टेंडर नहीं हो पाया, केवल 66 ही हो रही

भिलाईएक महीने पहले
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जिला अस्पताल की सीबीसी मशीन खराब। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल की सीबीसी मशीन खराब।
  • जांच बढ़ने की बजाय कम हो गई, जिला अस्पताल में खराब पड़ी शुगर जांच की मशीन तक नहीं सुधरी

जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब को हमर लैब योजना के तहत मई 2021 तक रिनोवेशन कर 114 जांच शुरू की जानी थी। 4 महीने बीतने के बाद अक्टूबर का महीना आधा गुजर गया लेकिन अब तक रिनोवेशन ही शुरू नहीं हो पाया। मई 2021 से पहले जिला अस्पताल में 66 प्रकार की जांच हो रही थी।

आज भी उतनी ही जांच हो रही है। तीन महीने की औसत शुगर रीडिंग बताने वाली एचबीए1 सी मशीन खराब की खराब पड़ी है। यही नहीं सीबीसी जांच से खून में मौजूद तत्वों को बताने वाली मशीन भी खराब है। खास बात यह है कि 28 फरवरी 2021 को हमर लैब के उद्घाटन के वक्त स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने 3 माह के भीतर हमर लैब संचालित कराने का दावा किया था। जिला अस्पताल दुर्ग का लैब जस की तस है। मौजूदा समय यहां हो रही कुल 66 जांच में 2 और जांच (सीबीसी और एचबीए1 सी) कम हो गई है। इसके चलते मरीज रोजाना चक्कर काट रहे हैं।

हमर लैब शुरू नहीं हो पाने की मुख्य वजह भी जानिए

मैप को लेकर निर्माण एजेंसी व हेल्थ विभाग एकराय नहीं: लैब का काम आरईएस को मिला है। इसके इंजीनियर गाइडलाइन अनुसार लैब का मैप तैयार किया है, इस पर जिला अस्पताल को आपत्ति है।

जरूरी मशीनों की आपूर्ति भी नहीं हुई: हमर लैब के लिए तय मशीनों की आपूर्ति भी अभी नहीं हुई है। थायराइड जांच, माइक्रोबायोलॉजी की जांच और स्टूल जांच की मशीनें अभी आना बाकी है।

एम्स में स्टाफ की ट्रेनिंग भी अधर में: हमर लैब के लिए जिला अस्पताल से जिस पैथोलॉजिस्ट डॉ. नेहा बाफना को ट्रेनिंग दिलाई गई थी, उन्हें ब्लड बैंक में पदस्थ कर दिया गया है।

पैथोलॉजी लैब के रिनोवेशन से मिलने वाली सुविधाएं

शुगर सहित सभी जांच में होगा सुधार : हमर लैब बनने पर पूर्णत: ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन सेे शुगर सहित सभी प्रकार की जांच की गुणवत्ता बढ़ती। एक साथ 180 लोगों की 80 प्रकार की जांच हो सकेगी।

थायराइड की भी जांच होगी : हमर लैब में चूंकि थायराइड जांच की मशीन भी इंस्टॉल कराई जानी है। इसलिए लैब संचालित नहीं होने से थायराइड जांच नहीं हो पा रही है। गर्भवतियों की भी थायराइड जांच हो सकेगी।

जलजनित बीमारियों की पहचान आसान : हमर लैब में चूंकि माइक्रोबायोलॉजी संबंधी जांच का भी प्रावधान है। लैब बनने पर जल जनित बीमारियों के वास्तविक पहचान होने लगती।

आरईएस को 25 लाख जारी, वहां से देरी हो रही
हमर लैब योजना के तहत जिला अस्पताल की लैब अपग्रेड की जानी है। कुल 114 प्रकार की जांच होनी है। एक दो नई मशीनें भी आना है। इसके लिए तय एजेंसी आरईएस को मैने 25 लाख रुपए दे दिए हैं। उन्हीं के स्तर से काम में देरी हो रही है।
-डॉ. पी बालकिशोर, सिविल सर्जन दुर्ग

अभी तो टेंडर हुआ, वर्क ऑर्डर भी नहीं हो पाया है
जिला अस्पताल की लैब को रिनोवेशन किया जाना है। उसका टेंडर कुछ दिन पहले ही जारी हुआ है। वर्क ऑर्डर जारी नहीं हुआ है। सिविल सर्जन से 25 लाख रुपए मिल गए हैं। शीघ्र ही एजेंसी कार्य शुरू करेगी।
-अमित अग्रवाल, अधिकारी अधिकारी ईई आरईएस, दुर्ग

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