एसबीआई क्रेडिट कार्ड से बड़ी ठगी:क्रेडिट कार्ड के लिए फोन आया, केवाईसी अपडेट करने कहा, कार्ड नहीं मिला पर अकाउंट से कटने लगी रकम

भिलाई20 दिन पहले
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एसबीआई सेक्टर-1 मुख्य ब्रांच में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। - Dainik Bhaskar
एसबीआई सेक्टर-1 मुख्य ब्रांच में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ।

एसबीआई में क्रेडिट कार्ड संचालित करने के नाम से ग्राहकों के खातों से हर महीने दो से ढाई हजार रुपए काटे जा रहे हैं। किसी के खाते से एक मुश्त 20 हजार से 26 हजार रुपए काटे गए। वहीं एक ग्राहक के खाते से एक मुश्त 8 लाख रुपए निकाल लिए गए। वर्ष 2018 से यह सिलसिला चल रहा है। इस तरह अब तक 10 करोड़ से अधिक रकम लोगों के खाते से निकाली जा चुकी है। एक मुश्त रकम काटे जाने से परेशान ग्राहकों ने शुक्रवार को बैंक स्टेटमेंट निकलवाया तो उन्हें पता चला कि क्रेडिट कार्ड से रकम निकाली जा रही है।

ग्राहकों ने इस मामले को लेकर एसबीआई के सेक्टर-1 स्थित मुख्य ब्रांच में हंगामा किया। इसके बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। एसबीआई ने क्रेडिट कार्ड बनाने और इसके माध्यम से सुचारू रूप से ट्रांजेक्शन की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को दे रखी है। उनके माध्यम से वर्ष 2018 से एसबीआई क्रेडिट कार्ड का काम किया जा रहा है। तभी से ग्राहकों के खाते से रकम काटी जा रही है। पहले उनके खाते से 300 से 500 रुपए काटे गए। छोटी रकम होने की वजह से लोगों ने ध्यान नहीं दिया। जब उनके खाते से एक मुश्त बड़ी रकम काटी गई तो वह जागे। ग्राहकों ने शुक्रवार को एसबीआई मेन ब्रांच सेक्टर-1 में शुक्रवार को स्वदेश मानव अधिकार संगठन छत्तीसगढ़ के महामंत्री मनोज ठाकरे के नेतृत्व में 2 घंटे हंगामा किया। इसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

जानिए खातों से निकलने वाली रकम का खेल
ट्विनसिटी से करीब 1200 लोगों के क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी होने की बात सामने आई है। यह सिलसिला वर्ष 2018 से चलना बताया जा रहा है। प्रत्येक के खाते से औसतन हर महीने 2500 रुपए निकाले गए हैं। इस लिहाज से 2021 तक 36 महीने में प्रत्येक ग्राहक के खाते से करीब 90 हजार रुपए निकाले गए। इस तरह 1200 ग्राहकों के खाते से 36 महीने में 2500 रुपए की औसत से अभी तक 10.80 करोड़ निकालने जाने का अनुमान है।

रिकवरी के नाम पर हर माह 20 से 25 हजार काट रहे, जांच भी नहीं

पीड़ित देव गिरी गोस्वामी ने बताया कि मैने क्रेडिट कार्ड जारी नहीं करवाया फिर भी मेरे खाते से रिकवरी के नाम पर हर माह 20,000 से ₹25,000 हजार रुपए काटे जा रहे हैं। 2018 से यह सिलसिला चल रहा है। किसी ने उनके नाम से कार्ड जारी करवाया है और अपने पास रखकर 300 से 500 रुपए निकाल रहा है। बैंक स्टेटमेंट लिया तब पता चला कि मेरे खाते से क्रेडिट कार्ड से सामान खरीदने और रिकवरी के नाम पर रकम निकाली जा रही है।

अब तक खाते से 8 लाख रुपए काटे जा चुके, अब पता चला

पीड़ित बसंत कुमार ने बताया कि मैं सेवा निवृत्त कर्मचारी हूं। बेटी की शादी के लिए बैंक में पैसे रखे थे। मेरे खाते से 8 लाख रुपए काट लिए। इससे पहले भी हर महीने मेरे खाते से 5-5 हजार रुपए काटे जा रहे हैं। शुरुआत में ध्यान नहीं दिया, लेकिन हर महीने रकम कटने लगी तो ध्यान दिया। तब पता चला कि क्रेडिट कार्ड के नाम पर मेरे खाते से हर महीने राशि निकाली जा रही है। इससे पहले भी शिकायत की थी।

डिलीवरी ब्वाय व एजेंसी की मिलीभगत की आशंका, बैंक ने अब तक नहीं दिया ध्यान

इस खुलासे के बाद दैनिक भास्कर ने इस पूरे मामले में पड़ताल की। ग्राहकों, बैंक कर्मियों और अन्य एक्सपर्ट्स से बात की। पता चला कि खातेधारकों ने बैंक में क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन किया। कुछ दिनों बाद बैंक से आधार कार्ड और पैनकार्ड लेकर बुलाया गया। उनकी केवाईसी अपडेट की गई। ग्राहकों से कहा गया कि एक सप्ताह या 15 दिन बाद उनके घर के पते में कार्ड पहुंच जाएगा, लेकिन कार्ड निश्चित समय तक पहुंचा ही नहीं, लेकिन खाते से रकम कटने लगी।

जब बैंक से डिलवरी ब्वॉय के माध्यम से ग्राहकों को कार्ड भेजा गया, लेकिन डिलवरी ब्वॉय कार्ड लेकर कहीं और पहुंच गया, जिनके हाथ कार्ड लगा वह उसका उपयोग करने लगा। विशेषज्ञ शोभित चक्रवर्ती का कहना है कि यह फिजिकल गेम है। बैंक ने अपना काम किया, लेकिन एजेंसी और डिलवरी ब्वाय ने सही ग्राहक के स्थान पर किसी और को कार्ड दे दिया। इससे जुड़े लोगों की मिलीभगत से इंकार नहीं किया जा सकता।

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